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एंजियोग्राफी क्या है और कैसे की जाती है?

दिल की नसों में ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए डॉक्टर एंजियोग्राफी करवाते हैं। इस टेस्ट को करने में 20 मिनट से ज्यादा का समय लग सकता है।

एंजियोग्राफी क्या है और कैसे की जाती है?
angiography test

Written by Dr. Amit Bhushan Sharma |Published : March 31, 2026 9:10 PM IST

एंजियोग्राफी एक मेडिकल जांच है। इसके माध्यम से शरीर की रक्त वाहिकाओं के अंदर की स्थिति को देखा जाता है। इस टेस्ट से डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि नसों में ब्लॉकेज, संकुचन या कोई अन्य समस्या तो नहीं है। इस टेस्ट को कैथेटर की मदद से किया जाता है। इसमें एक्स-रे इमेजिंग की मदद से नसों की तस्वीरें ली जाती हैं। खासतौर पर इस टेस्ट को तब कराया जाता है, जब डॉक्टर को कोरोनरी आर्टरी डिजीज या नसों में ब्लॉकेज का शक होता है। इस टेस्ट की मदद से पता चलता है कि मरीज को एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी की जरूरत है या नहीं। इस टेस्ट के बाद आमतौर पर मरीज को 2 से 6 घंटे तक निगरानी में रखा जाता है।

एंजियोग्राफी कैसे की जाती है?

  • एंजियोग्राफी टेस्ट करने में आमतौर पर 15 से 30 मिनट का समय लगता है। इस टेस्ट को कैथ लैब में किया जाता है।
  • इस टेस्ट के लिए सबसे पहले मरीज को बेड पर लेटाया जाता है।
  • हाथ की कलाई या जांघ पर लोकल एनेस्थीसिया देकर सुन्न किया जाता है।
  • इसके बाद एक पतली और लचीली ट्यूब (कैथेटर) को नस के माध्यम से दिल तक पहुंचाया जाता है।
  • फिर कैथेटर के माध्यम से कंट्रास्ट डाई छोड़ी जाती है, जो एक्स-रे में नसों को साफ दिखाई देती है।
  • एक्स-रे मशीन के माध्यम से वीडियो और तस्वीरें ली जाती हैं। इससे ब्लॉकेज की जगह और गंभीरता का पता चलता है।
  • अगर नस में ब्लॉकेज है, तो डाई वहां से आसानी से नहीं जाती है, जिससे डॉक्टर को समस्या का पता चल जाता है।

एंजियोग्राफी कब कराई जाती है?

  • अगर व्यक्ति को बार-बार सीने में दर्द होता है तो यह दिल की नसों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकती है। इस स्थिति में एंजियोग्राफी कराई जा सकती है।
  • अगर किसी को हार्ट अटैक आ चुका है तो दिल की नसों की स्थिति देखने के लिए एंजियोग्राफी की जाती है।
  • जब मरीज को सीने में दर्द या दबाव जैसा लगता है और दवाइयों से भी आराम नहीं मिलता है, तब एंजियोग्राफी कराई जाती है।
  • अगर ECG, TMT (ट्रेडमिल टेस्ट) या ईकोकार्डियोग्राफी टेस्ट में कोई गड़बड़ निकलती है, तो इस टेस्ट को करवाया जा सकता है।
  • जब मरीज को एंजियोप्लास्टी (स्टेंट डालना) या बायपास सर्जरी की जरूरत लगती है, तो इससे पहले एंजियोग्राफी करवाई जाती है।

क्या एंजियोग्राफी ब्लॉकेज को साफ कर सकती है?

आपको बता दें कि एंजियोग्राफी सीधे तौर पर ब्लॉकेज को साफ नहीं करती है। लेकिन, इस टेस्ट की मदद से ब्लॉकेज का पता चलता है। अगर एंजियोग्राफी के दौरान गंभीर ब्लॉकेज पाया जाता है, तो डॉक्टर स्टेंट डालने की सलाह दे सकते हैं।

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हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

  • जब हार्ट ब्लॉकेज होती है, तो कुछ शुरुआती लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
  • सीने में दर्द हो रहा है तो इसकी अनदेखी न करें। यह दिल में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।
  • सांस फूलना और सीने में दबाव पड़ना भी दिल में ब्लॉकेज की तरफ इशारा करता है।
  • अचानक चक्कर आना, घबराहट होना, बिना काम के थकान लगना आदि भी हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण हो सकते हैं।