Hba1c ब्लड टेस्ट क्या है? HbA1c रिपोर्ट को समझना सीखें

HbA1c टेस्ट की रिपोर्ट आपके पिछले 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल को बताती है। 5.7% से कम सामान्य है, 5.7% - 6.4% प्री-डायबिटीज है, और 6.5% या अधिक होना डायबिटीज का संकेत होता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 13, 2026 3:45 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Raman Boddula

HbA1c टेस्ट ये बताता है कि पिछले 2-3 महीनों में आपका औसत ब्लड शुगर लेवल क्या था। जैसे नॉर्मल ग्लूकोज टेस्ट कराने से उस समय ब्लड में मौजूद शुगर का पता चलता है लेकिन HbA1c ब्लड टेस्ट पिछले महीनों का हिसाब बताता है। HbA1c का पूरा नाम 'हीमोग्लोबिन A1c' है। अभी भी समझ नहीं आ रहा? तो ऐसे समझें, हमारे खून में जो लाल रक्त कोशिकाएं होती हैं, उनकी उम्र लगभग 3 से 4 महीने की होती है। जब हमारे खून में शुगर बढ़ती है, तो वह इन कोशिकाओं में मौजूद हीमोग्लोबिन से जाकर चिपक जाती है। यह टेस्ट बस इसी बात को मापता है कि आपके हीमोग्लोबिन पर कितनी शुगर चिपकी हुई है। जितनी ज्यादा शुगर, उतना ही ज्यादा HbA1c का प्रतिशत आता है।

​हीमोग्लोबिन क्या होता है?

देखिए वैसे तो हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है लेकिन इसका काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को लोड कर पूरी बॉडी तक ले जाना होता है। क्योंकि हीमोग्लोबिन में आयरन होता है इसलिए हमारे खून का रंग लाल दिखता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो अंगों को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे हमें कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। साथ ही यह भी जान जें कि अगर हीमोग्लोबिन में आयरन न हो, तो रक्त का रंग हल्का पीला जैसा होगा। हीमोग्लोबिन के बिना, खून सिर्फ रक्त प्लाज्मा जैसा दिखेगा।

HbA1c का फुल फॉर्म और मतलब

Hb (Hemoglobin): यह आपके लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) में मौजूद प्रोटीन है, जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है।

A (Adult): यह बताता है कि यह 'एडल्ट हीमोग्लोबिन' है। जो हेल्दी लोगों में सबसे नॉर्मल है।

1c: यह हीमोग्लोबिन का एक अलग हिस्सा है जिससे शुगर चिपकती है।

जब खून में शुगर की मात्रा बढ़ती है, तो वह हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है। इस प्रक्रिया को Glycation कहते हैं। इसलिए इसे 'ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन' टेस्ट भी कहा जाता है।

HbA1c रिपोर्ट को समझना सीखें

डॉक्टर्स ये टेस्ट इसलिए कराते हैं ताकि उन्हें पता चल पाए कि क्या आपकी दवाइयां और डाइट वाकई काम कर रही हैं। अगर आपका लेवल 5.7% से नीचे है, तो आप सुरक्षित हैं, लेकिन अगर यह 6.5% या उससे ऊपर जाता है, तो यह डायबिटीज का संकेत होता है। शॉट में कहें तो डॉक्टर को इस टेस्ट से आपकी हेल्थ का अच्छा खासा आइडिया लग जाता है और फिर टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर दवाओं और लाइफस्टाइल में जरूरी सुधार बताते हैं।

नॉर्मल HbA1c कितना होता है?

5.7% से कम का स्कोर सामान्य माना जाता है, 5.7% से 6.4% के बीच का स्कोर प्री-डायबिटीज की ओर इशारा करता है, और 6.5% या उससे अधिक होने पर व्यक्ति को डायबिटीज की श्रेणी में रखा जाता है। यह टेस्ट केवल एक दिन के उतार-चढ़ाव के बजाय आपके शरीर में ग्लूकोज के पूरे नियंत्रण की तस्वीर बताता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

एक स्वस्थ व्यक्ति को यह टेस्ट कब कराना चाहिए?

45 साल से अधिक उम्र वालों को साल में एक बार, और अगर वजन ज्यादा या फैमिली हिस्ट्री है, तो जल्दी शुरुआत करनी चाहिए।

क्या HbA1c रिपोर्ट के नतीजे गलत हो सकते हैं?

हां, अगर आपको एनीमिया, किडनी की बीमारी या हीमोग्लोबिन से जुड़ी कोई समस्या है, तो नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।

प्री-डायबिटीज का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि आपका शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा है।

HbA1c और नॉर्मल ग्लूकोज टेस्ट में क्या अंतर है?

नॉर्मल टेस्ट केवल उसी वक्त का शुगर लेवल बताता है, जबकि HbA1c पिछले 3 महीनों का औसत बताता है।

HbA1c टेस्ट के लिए क्या खाली पेट रहना जरूरी है?

नहीं, इसके लिए खाली पेट रहना जरूरी नहीं होता है। आप दिन में कभी भी टेस्ट करवा सकते हैं।

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