
डॉ. अमित भूषण शर्मा
डॉ. अमित भूषण शर्मा गुरुग्राम के सबसे प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं। उन्हें टाइम्स मीडिया ... Read More
Written By: Dr. Amit Bhushan Sharma | Updated : April 22, 2026 2:42 PM IST
heart pulse rate
क्या आपके दिल की धड़कन अचानक से बहुत कम या ज्यादा हो जाती है? अगर हां, तो इस स्थिति को मेडिकल टर्म में Arrhythmia कहा जाता है। दरअसल, दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो हर मिनट धड़ककर पूर शरीर में खून पहुंचाने का काम करता है। आमतौर पर दिल की धड़कन एक तय रिदम में चलती है। लेकिन, कई बार दिल का रिदम गड़बड़ा जाता है। दिल की धड़कन कभी बहुत तेज, कभी धीमी तो कभी अनियमित हो जाती है। ज्यादातर लोग इस स्थिति की अनदेखी कर देते हैं, जबकि यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
Arrhythmia का साधारण मतलब है- दिल की धड़कन का असामान्य होना। यानी दिल की धड़कन तेज या कम हो सकती है। यह तीन तरह से हो सकता है-
Tachycardia: जब दिल बहुत तेज धड़कता है (100 बीट्स/मिनट से ज्यादा)
Bradycardia: जब दिल बहुत धीमा धड़कता है (60 बीट्स/मिनट से कम)
Irregular heartbeat: जब दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। यानी कभी कम कभी ज्याद।
जब दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाला इलेक्ट्रिकल सिस्टम सही से काम नहीं करता है, तब यह समस्या पैदा होती है।
हर बार Arrhythmia के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। लेकिन, आप कुछ संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
आपको बता दें कि दिल की अनियमित धड़कन हर बार खतरनाक नहीं होती है। हालांकि, कुछ स्थितियां गंभीर हो सकती हैं।
दिल की धड़कन अनियमित होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
दिल की अनियमित धड़कन से बचने के लिए आप कुछ टिप्स आजमा सकते हैं। इनमें शामिल हैं-
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