Arrhythmia क्या है? दिल की धड़कन कब खतरनाक हो जाती है

Heart Palpitations: दिल की धड़कन अचानक कम या ज्यादा होना आम नहीं है। इसलिए इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल न करें।

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Written By: Dr. Amit Bhushan Sharma | Updated : April 22, 2026 2:42 PM IST

क्या आपके दिल की धड़कन अचानक से बहुत कम या ज्यादा हो जाती है? अगर हां, तो इस स्थिति को मेडिकल टर्म में Arrhythmia कहा जाता है। दरअसल, दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो हर मिनट धड़ककर पूर शरीर में खून पहुंचाने का काम करता है। आमतौर पर दिल की धड़कन एक तय रिदम में चलती है। लेकिन, कई बार दिल का रिदम गड़बड़ा जाता है। दिल की धड़कन कभी बहुत तेज, कभी धीमी तो कभी अनियमित हो जाती है। ज्यादातर लोग इस स्थिति की अनदेखी कर देते हैं, जबकि यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

Arrhythmia क्या होता है?

Arrhythmia का साधारण मतलब है- दिल की धड़कन का असामान्य होना। यानी दिल की धड़कन तेज या कम हो सकती है। यह तीन तरह से हो सकता है-

Tachycardia: जब दिल बहुत तेज धड़कता है (100 बीट्स/मिनट से ज्यादा)

Bradycardia: जब दिल बहुत धीमा धड़कता है (60 बीट्स/मिनट से कम)

Irregular heartbeat: जब दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। यानी कभी कम कभी ज्याद।

जब दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाला इलेक्ट्रिकल सिस्टम सही से काम नहीं करता है, तब यह समस्या पैदा होती है।

Arrhythmia के लक्षण क्या हैं?

हर बार Arrhythmia के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। लेकिन, आप कुछ संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।

  • दिल की धड़कन का तेज होना
  • दिल की धड़कन अनियमित होना
  • चक्कर आना
  • बेहोशी महसूस होना
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द या दबाव
  • कमजोरी और थकान

दिल की धड़कन कब खतरनाक हो जाती है?

आपको बता दें कि दिल की अनियमित धड़कन हर बार खतरनाक नहीं होती है। हालांकि, कुछ स्थितियां गंभीर हो सकती हैं।

  • अगर दिल लंबे समय तक तेजी से धड़कता है, तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।
  • अगर आपको बार-बार चक्कर आने या बेहोशी जैसा लग रहा है, तो इस स्थिति की अनदेखी न करें।
  • अगर सीने में तेज दर्द के साथ ही दिल की धड़कन बढ़ रही है तो यह स्थिति भी गंभीर हो सकती है।
  • अगर दिल की धड़कन तेज हो रही है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • अगर आपको पहले से ही कोई हार्ट डिजीज या हाई बीपी की समस्या है, तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
  • कई बार ऐसी स्थितियां हार्ट अटैक और स्ट्रोक का संकेत हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

Arrhythmia के कारण क्या हैं?

दिल की धड़कन अनियमित होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

कैसे करें बचाव?

दिल की अनियमित धड़कन से बचने के लिए आप कुछ टिप्स आजमा सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  • हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें। अपनी डाइट में हेल्दी फैट्स शामिल करें।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
  • तनावमुक्त रहने के लिए योग, मेडिटेशन और प्राणायाम का सहारा लें।
  • कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाकर रखें।
  • समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं।
  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने की कोशिश करें।
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