
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : April 30, 2026 12:32 PM IST
एक्यूट एपिग्लोटाइटिस
Acute Epiglottitis Kya Hota Hai Or Iske Lakshan: पहले हमारा यह जानना जरूरी है एक्यूट एपिग्लोटाइटिस होता क्या है। इसलिए बता दें कि एक्यूट एपिग्लोटाइटिस, एपिग्लोटिस और उसके आस-पास की संरचनाओं का तेजी से बढ़ने वाला सेल्युलाइटिस है, जिसके कारण बच्चों और वयस्कों दोनों में वायु मार्ग पूरी तरह से बाधित हो सकता है। साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि एक्यूट एपिग्लोटाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है, खासकर बच्चों में और इसका इलाज अस्पताल स्तर पर ही किया जाना चाहिए।
यह समस्या H. influenza type B बैक्टीरिया से होती है। कई बार हम गले में दर्द और सांस लेने में होने वाली परेशानी को आम समझ कर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन थोड़ी सी भी भूल आपके लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकती है। आपको एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी हो, इसके लिए वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिन्हें उन्होंने सारी जानकारी शेयर की है।
अगर हम छोटे बच्चों में एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के लक्षणों की बात करें तो यह लक्षण दिखते हैं-
- तेज बुखार (यानी, >39ºC)
- गले में तेज दर्द और निगलने में कठिनाई
- निगल न पाने के कारण मुंह में बहुत ज्यादा लार आना
- दिल की धड़कन तेज होना (टैकीकार्डिया)
- सांस लेने में रुकावट के संकेत- सांस लेने में कठिनाई (डिस्पनिया)। सीने का अंदर की ओर धंसना भी हो सकता है और यह तेजी से बढ़ सकता है।
- और सांस लेते समय घरघराहट (इंस्पिरेट्री स्ट्राइडर) होना
- जबड़े के नीचे लिम्फ नोड्स में सूजन आना
- किशोरों और वयस्कों में- यह बीमारी कम गंभीर होती है और अक्सर गले में तेज दर्द के 1–2 दिन बाद शुरू होती है।
काफी सूजन होने पर- तुरंत हाइड्रोकार्टिसोन (Hydrocortisone) 100 mg की एक खुराक IV (नसों के द्वारा) दें।
सावधानी- IV लगाने की प्रक्रिया से मरीज चिड़चिड़ा हो सकता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ (Respiratory distress) बढ़ सकती है।
- इसके बाद प्रेडनिसोन 40 mg रोजाना मुंह से लेने के लिए दें। सूजन कम हो जाने पर, 3 दिन बाद प्रेडनिसोन अचानक बंद किया जा सकता है।
- अगर इसका उपयोग 3 दिन से अधिक समय तक किया जाता है, तो इसकी खुराक धीरे-धीरे 10 mg/दिन कम करते जाएं, जब तक कि खुराक 5mg तक न पहुंच जाए, इसके बाद इसे पूरी तरह बंद कर दें।
साथ ही एड्रेनालाईन 1:1,000 नेबुलाइजर के माध्यम से दें। इसे सोडियम क्लोराइड 0.9% के साथ मिलाकर 5 mL तक पतला करें और हर 4–6 घंटे में दें। इनट्यूबेशन, ट्रेकियोस्टोमी या दोनों के लिए तैयार रहें।
एक्यूट एपिग्लोटाइटिस खुराक
डिस्क्लेमर- यह जानकारी डब्ल्यूएचओ द्वारा दी गई है, लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को भी एक्यूट एपिग्लोटाइटिस या अन्य तरह की कोई बीमारी होती है तो खुद से इलाज करने की बजाय डॉक्टर के पास जाएं और सही परामर्श लें।
एपिग्लोटाइटिस के विशिष्ट लक्षणों में तीव्र बुखार, गंभीर गले में खराश और निगलने में कठिनाई शामिल है, साथ ही वायु प्रवाह को बढ़ाने के लिए बैठने और आगे की ओर झुकने की स्थिति भी शामिल है ।
एपिग्लोटाइटिस किसी भी उम्र में हो सकता है। पहले यह मुख्य रूप से बच्चों को होता था। बच्चों में एपिग्लोटाइटिस का सबसे आम कारण हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी) बैक्टीरिया का संक्रमण था। यह बैक्टीरिया निमोनिया, मेनिन्जाइटिस और रक्त संक्रमण भी पैदा करता है।
एक्यूट एपिग्लोटाइटिस एक गंभीर और जानलेवा चिकित्सीय आपात स्थिति है, जिसमें जीभ के आधार (Base) पर स्थित 'एपिग्लॉटिस' ऊतक में अचानक तेज सूजन आ जाती है।