
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : June 17, 2026 2:07 PM IST
Medically Verified By: Dr. kirthi paladugu
अगर आप खेल जगत में इंस्ट्रेस्ट रखते हैं, तो आपने कई बार ACL इंजरी (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट इंजरी) का नाम सुना होगा। यह फुटबॉल, बास्केटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और स्कीइंग जैसे खेलों के दौरान खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। खिलाड़ियों को कई बार यह चोट खेल मैदान से महीनों दूर कर देती है।
इस विषय पर की अधिक जानकारी के लिए हमने हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट आर्थ्रोस्कोपी सर्जन, डॉ. कीर्ति पलाडुगु से बातचीत की है। डॉक्टर कीर्ति का कहना है कि ACL यानी एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट इंजरी घुटने के अंदर मौजूद एक महत्वपूर्ण लिगामेंट है, जो घुटने को स्थिर रखने और उसकी एक्टिविटीज को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है।
यह विशेष रूप से दौड़ते समय दिशा बदलने, घूमने, कूदने और अचानक रुकने जैसी गतिविधियों के दौरान घुटने को सहारा देता है। आइए इस विषय को विस्तार से समझते हैं-
एसीएल इंजरी घुटने के अंदर मौजूद एक जरूरी लिगामेंट की चोट होती है, जो घुटने को स्थिर रखने और दौड़ने, कूदने या अचानक दिशा बदलने जैसी एक्टिविटी के दौरान सहारा देने का काम करता है। जब यह लिगामेंट काफी ज्यादा दबाव के कारण खिंच जाता है, आंशिक रूप से फट जाता है या पूरी तरह टूट जाता है, तो इसे ACL इंजरी कहा जाता है।

इस चोट के दौरान घुटने में पॉप जैसी आवाज महसूस हो सकती है, जिसके बाद दर्द, सूजन और घुटने में अस्थिरता की समस्या हो सकती है। यह चोट फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और क्रिकेट जैसे खेल खेलने वाले खिलाड़ियों में अधिक देखी जाती है।
डॉक्टर कहते हैं कि ACL की अधिकांश चोटें नॉन-कॉन्टैक्ट इंजरी होती हैं। यानी इसके लिए किसी दूसरे खिलाड़ी से टकराना जरूरी नहीं होता। कई बार खिलाड़ी जब ऊंची छलांग लगाने के बाद जमीन पर उतरता है या तेजी से दिशा बदलता है, तब घुटने पर पड़ने वाला काफी ज्यादा दबाव ACL को नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉ. पलाडुगु का कहना है कि आजकल के खेलों में खिलाड़ियों को अधिक गति, ताकत और चुस्ती की आवश्यकता होती है। फुटबॉल, बास्केटबॉल और बैडमिंटन जैसे खेलों में बार-बार दिशा बदलने, तेजी से दौड़ने और अचानक रुकने की जरूरत पड़ती है। इससे ACL पर काफी तनाव पड़ता है।
ACL injury
इसके अलावा पूरे साल खेल गतिविधियों में भाग लेना, पर्याप्त आराम न मिलना और अत्यधिक प्रशिक्षण भी इस चोट के जोखिम को बढ़ा सकता है। शोध बताते हैं कि महिला खिलाड़ियों में ACL इंजरी का खतरा पुरुष खिलाड़ियों की तुलना में लगभग 4 से 6 गुना अधिक हो सकता है। इसके पीछे शरीर की संरचना, हार्मोनल प्रभाव और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली जैसे कई कारण माने जाते हैं।
रिसर्च में भी यह कहा गया है कि ACL इंजरी कई मामलों में नॉन-कॉन्ट्रैक्ट स्पोर्ट्स इंजरी होती है। यानी यह अक्सर किसी सीधे टकराव से नहीं बल्कि अचानक मूवमेंट्स के कारण होती है। वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि यह चोट खासकर तब होती है जब खिलाड़ी तेजी से दिशा बदलता है, अचानक रुकता है या गलत तरीके से लैंडिंग करता है।
ACL टियर की गंभीरता के आधार पर उपचार तय किया जाता है। कई खिलाड़ियों को ACL री-कंस्ट्रक्शन सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी बहुत ही जरूरी होती है। आमतौर पर खिलाड़ी को खेल में वापसी करने में 6 से 9 महीने या उससे अधिक समय लग सकता है।
Disclaimer : ध्यान रखें कि ACL इंजरी पूरी तरह रोकी नहीं जा सकती, लेकिन सही ट्रेनिंग और तकनीक से इसका जोखिम काफी कम किया जा सकता है।