Written by Anju Rawat|Published : February 28, 2026 1:36 PM IST
UTI in Women: यूटीआई यानी Urinary Tract Infection आज के समय में महिलाओं में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। कई महिलाएं जीवन में कम से कम एक बार इस परेशानी से जरूर गुजरती हैं। लेकिन, जागरूकता की कमी के कारण अक्सर इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। आपको बता देंकि यूटीआई सिर्फ एक मामूली संक्रमण नहीं है। बल्कि समय पर इलाज न हो तो यह किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। आइए, नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज (Dr. Archana Dhawan Bajaj, Gynaecologist and IVF Expert at Nurture) से जानते हैं यूटीआई महिलाओं को सबसे ज्यादा क्यों प्रभावित करता है?
महिलाओं में UTI ज्यादा क्यों होता है?
पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई ज्यादा पाया जाता है। महिलाओं में यूटीआई के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जैसे-
महिलाओं की यूरेथ्रा (मूत्र नली) पुरुषों की तुलना में छोटी होती है। इसकी वजह से बैक्टीरिया को ब्लैडर तक पहुंचने में कम समय लगता है और यूटीआई का जोखिम बढ़ जाता है।
महिलाओं में मूत्र नली और गुदा का रास्ता काफी पास होता है। इससे आंतों के बैक्टीरिया आसानी से मूत्र मार्ग में प्रवेश कर जाते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
यौन संबंध के दौरान बैक्टीरिया मूत्र मार्ग तक आसानी से पहुंच जाता है। इसलिए सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं में यूटीआई का खतरा ज्यादा होता है।
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव होते हैं और बढ़ा हुआ गर्भाशय मूत्र प्रवाह को धीमा कर देता है। इससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और यूटीआई का जोखिम बढ़ जाता है।
मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे मूत्र मार्ग की परत पतली हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
UTI के आम लक्षण क्या हैं?
यूटीआई के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। इसके कुछ सामान्य संकेत इस प्रकार हैं-
जब संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है तो तेज बुखार हो सकता है और पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव हो सकता है। इससे महिला को उल्टी आ सकती है।
किन महिलाओं में UTI का ज्यादा खतरा रहता है?
जो महिलाएं पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीती है, उनमें यूटीआई का जोखिम ज्यादा रहता है।
लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से पेशाब में जलन हो सकती है।
डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में यूटीआई का खतरा ज्यादा रहता है।
प्रेग्नेंट महिलाओं में भी यूटीआई का जोखिम ज्यादा बना रहता है।
कई महिलाएं यूटीआई की वजह से होने वाली पेशाब की जलन को सामान्य समझ लेते हैं। जबकि, यूटीआई का समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है। अगर यूटीआई का समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
UTI से बचाव के लिए क्या करें?
यूटीआई के जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ टिप्स आजमा सकते हैं।
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रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें।
टॉयलेट के बाद हाइजीन का ध्यान जरूर रखें।
सेक्स के बाद पेशाब करना आदत में शामिल करें।
टाइट अंडरगारमेंट्स पहनने से बचें।
Highlights:
यूटीआई महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है।
यूटीआई से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।
यूटीआई से बचाव के लिए हाइजीन का पूरा ख्याल रखें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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