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हर्निया क्या है? जानें यह बीमारी क्यों और कब बन सकती है खतरनाक

हर्निया एक आम समस्या है, लेकिन अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इस स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। इसमें फैट या आंत, बाहर की तरफ उभर सकती है।

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Written By: Anju Rawat | Updated : July 23, 2026 3:24 PM IST

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Medically Verified By: Dr Nishant Kurian

आजकल हर्निया एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन यह एक बेहद गंभीर स्थिति है। इसमें पेट की दीवार कमजोर हो जाती है और इसकी वजह से फैट या आंत, बाहर की तरफ उभर सकती है। भले ही शुरुआत में यह समस्या मामूली लग सकती है, लेकिन इसका समय पर इलाज बहुत जरूरी है। वरना बाद में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। हर्निया का सबसे सामान्य प्रकार इंग्वाइनल हर्निया (Inguinal Hernia) है, जो कमर के आसपास होता है। Columbia Hernia Center के अनुसार, हर्निया तब होता है जब पेट की मांसपेशियों में कमजोरी या छेद बन जाता है। इसकी वजह से पेट के अंदर मौजूद वसा या आंत जैसे ऊतक, कमजोर हिस्से से बाहर निकलकर त्वचा के नीचे उभर जाता है।

हर्निया के प्रकार

PSRI हॉस्पिटल कंसल्टेंट – गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी डॉ. निशांत कुरियन बताते हैं कि हर्निया कई प्रकार का होता है, जिनमें सबसे सामान्य हैं-

  1. इंग्वाइनल हर्निया: यह एक सबसे आम प्रकार का हर्निया है। इसमें उभार जांघ या कमर के आसपास दिखाई देता है। पुरुषों में इस हर्निया का खतरा ज्यादा हो सकता है।
  2. फेमोरल हर्निया: यह हर्निया जांघ के ऊपरी हिस्से में होता है। महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है।
  3. अम्बिलिकल हर्निया: इसमें नाभि के आसपास उभार दिखाई देता है। यह नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं में ज्यादा हो सकता है।
  4. वेंट्रल हर्निया: इस प्रकार का हर्निया पेट के किसी पुरानी सर्जरी के बाद चीरे वाली जगह पर हो सकता है।

हर्निया के लक्षण क्या होते हैं?

हर्निया होने पर कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें।

  • पेट में तेज दर्द होना
  • उल्टी और मतली होना
  • पेट फूलना या ब्लोटिंग
  • लंबे समय तक खड़े रहने पर परेशानी होना
  • गैस की समस्या रहना
  • मल त्याग के दौरान दर्द होना
  • उभार का बहुत ज्यादा दर्दनाक हो जाना
  • उभार का सख्त हो जाना
  • उभार का अंदर न जाना

अगर आपको ये लक्षण महसूस होते हैं, तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। ये हर्निया से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि हर व्यक्ति के इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।

हर्निया क्यों होता है?

इंग्वाइनल और वेंट्रल हर्निया कई कारणों से हो सकते हैं। जिनमें शामिल हैं-

  • मोटापा
  • बढ़ती उम्र की वजह से मांसपेशियों का कमजोर होना
  • लंबे समय तक रहने वाली खांसी, जैसे COPD (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज)
  • भारी वजन उठाने वाला शारीरिक काम
  • कोलेजन वैस्कुलर डिजीज
  • लंबे समय तक कब्ज और मल त्याग के दौरान जोर लगाना

हर्निया कब बन सकता है खतरा?

आपको बता दें कि हर्निया कभी भी तुरंत जानलेवा नहीं होता है। कुछ स्थितियों में मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। अगर बाहर निकली आंत या फैट अंदर नहीं जाती है, तो इस स्थिति में तुरंत इलाज की जरूरत पड़ सकती है। हर्निया का सर्जरी की मदद से इलाज किया जा सकता है।

हर्निया से बचाव के लिए क्या करें?

ज्यादातर मामलों में हर्निया को रोका नहीं जा सकता है। लेकिन, अगर स्वस्थ आदतें अपनाई जाए तो इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।

  • हर्निया से बचने के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
  • इस बीमारी से बचने के लिए आपको ज्यादा भारी सामान उठाने से बचना चाहिए।
  • कब्ज से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए फाइबर युक्त भोजन जरूर शामिल करें।
  • खांसी की समस्या को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक खांसी है, तो समय पर इलाज जरूर कराएं।
  • धूम्रपान का सेवन करने से बचें। रेगुलर एक्सरसाइज करें, इससे पेट की मसल्स को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

Disclaimer: हर्निया एक आम समस्या है। लेकिन इस स्थिति को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर पेट में लगातार दर्द, ब्लोटिंग या उभार जैसे लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। समय पर इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन, कुछ स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।