क्लेविकल फ्रैक्चर क्या होता है? क्या कॉलर बोन टूटने पर हमेशा सर्जरी जरूरी होती है?

Clavicle Fracture Kya Hota Hai: क्लेविकल फ्रैक्चर ऐसा फ्रैक्चर है, जो बुहत ही ज्यादा दर्द और परेशानी देता है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि अगर कॉलर बोन टूट जाए तो उसे सर्जरी की ही जरूरत हो।

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Written By: Vidya Sharma | Published : May 9, 2026 4:22 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Aashish Chaudhry

हमारे शरीर में 206 हड्डियां हैं और हर हड्डी का अपना काम होता है। उन्हीं में से एक है क्लेविकल बोन, जिसे आम भाषा में कॉलर बोन कहा जाता है और कुछ इसे ब्यूटी बोन भी कहते हैं। यह हड्डी गर्दन और कंधे के बीच स्थित होती है और हाथों की मूवमेंट को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाती है। इसके टूटने की संभावना बहुत ही कम होती है, लेकिन अक्सर सड़क दुर्घटना, खेल के दौरान चोट लगना या अचानक गिर जाने जैसी घटनाओं में क्लेविकल फ्रैक्चर यानी कॉलर बोन टूटने की समस्या काफी आम है।

आकाश हेल्थकेयर के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट के डायरेक्टर एवं हेड डॉक्टर आशीष चौधरी कहते हैं कि हालांकि, कई लोग यह मान लेते हैं कि इस हड्डी के टूटने पर केवल सर्जरी ही एकमात्र इलाज है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। क्लेविकल फ्रैक्चर का इलाज चोट की गंभीरता, हड्डी के खिसकने की स्थिति और मरीज की उम्र व गतिविधियों पर निर्भर करता है।

क्या होता है क्लेविकल फ्रैक्चर?

डॉक्टर बताते हैं कि क्लेविकल फ्रैक्चर उस स्थिति को कहा जाता है जब कॉलर बोन में दरार आ जाए या वह पूरी तरह टूट जाए। यह फ्रैक्चर बच्चों, युवाओं और खिलाड़ियों में ज्यादा देखा जाता है क्योंकि वो लोग फिजिकल एक्टिविटीज में ज्यादा ही एक्टिव रहते हैं। कई बार बाइक या कार एक्सीडेंट में कंधे पर सीधे जोर पड़ने से भी यह हड्डी टूट सकती है। बुजुर्गों में कमजोर हड्डियों के कारण थोड़ा सा गिरने पर भी क्लेविकल फ्रैक्चर हो जाता है।

क्लेविकल फ्रैक्चर के लक्षण क्या हैं?

डॉक्टर ने लक्षण बताते हुए कहा कि 'क्लेविकल फ्रैक्चर होने पर मरीज को तुरंत कुछ लक्षण दिख सकते हैं जैसे- जैसे कंधे और गर्दन के बीच तेज दर्द, हाथ उठाने में परेशानी, सूजन या नीला पड़ना, कंधे का नीचे की ओर झुक जाना, हड्डी के आसपास उभार या अनइवन स्ट्रक्चर और हाथ हिलाने पर दर्द बढ़ना आदि।' कई मरीजों को चोट के बाद क्लिक जैसी आवाज भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट से जांच करानी चाहिए।

क्या हर क्लेविकल फ्रैक्चर में सर्जरी जरूरी होती है?

डॉ. आशीष बताते हैं कि 'यह सबसे आम सवाल है जो मरीज और उनके परिवार पूछते हैं। देखें हर क्लेविकल फ्रैक्चर में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। अगर हड्डी ज्यादा नहीं खिसकी है और टूटे हुए हिस्से सही पोजीशन में हैं, तो कई मामलों में बिना सर्जरी भी इलाज हो जाता है।

से मरीजों को आमतौर पर स्लिंग या शोल्डर सपोर्ट दिया जाता है ताकि हड्डी को स्थिर रखा जा सके और वह धीरे-धीरे जुड़ सके। इसके साथ दर्द कम करने के लिए की दवाइयां, बर्फ की सिकाई और कुछ समय आराम की सलाह दी जाती है। लगभग 6 से 12 सप्ताह में हड्डी सामान्य रूप से जुड़ सकती है।'

किन परिस्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है?

कुछ मामलों में क्लेविकल फ्रैक्चर गंभीर हो सकता है। यदि हड्डी के टुकड़े ज्यादा अलग हो गए हों, त्वचा को नुकसान पहुंच रहा हो, नसों या ब्लड वेसल्स पर असर पड़ रहा हो या मरीज प्रोफेशनल एथलीट हो, तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है। सर्जरी के दौरान प्लेट, स्क्रू या रॉड की मदद से हड्डी को सही स्थिति में जोड़ दिया जाता है। इससे हड्डी जल्दी और बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद मिलती है। हालांकि सर्जरी का निर्णय हमेशा एक्स-रे, सीटी स्कैन और मरीज की शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

रिकवरी के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

क्लेविकल फ्रैक्चर के बाद सही रिकवरी बेहद जरूरी होती है। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी करनी चाहिए ताकि कंधे की मूवमेंट दोबारा नॉर्मल हो पाए।

रिकवरी के दौरान इन बातों का ध्यान रखना चाहिए- 

  • भारी वजन उठाने से बचें
  • अचानक हाथ या कंधा झटका न दें
  • कैल्शियम और प्रोटीन युक्त डाइट लें
  • नियमित फॉलो-अप कराएं
  • बिना सलाह के एक्सरसाइज शुरू न करें

कई लोग दर्द कम होते ही सामान्य गतिविधियां शुरू कर देते हैं, जिससे हड्डी दोबारा प्रभावित हो सकती है। इसलिए पूरी रिकवरी होने तक सावधानी जरूरी है।

क्या क्लेविकल फ्रैक्चर से पूरी तरह ठीक हुआ जा सकता है?

अधिकांश मरीज सही इलाज और समय पर देखभाल से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। बच्चों और युवाओं में हड्डी जल्दी जुड़ती है, जबकि बुजुर्गों में रिकवरी में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। आज आधुनिक ऑर्थोपेडिक तकनीकों और बेहतर फिजियोथेरेपी के कारण मरीज पहले की तुलना में तेजी से सामान्य जीवन में लौट पा रहे हैं। इसलिए चोट लगने पर घबराने की बजाय सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे जरूरी कदम है।

डिस्क्लेमर- अगर आपको गिरने या किसी तरह का एक्सीडेंट होने के बाद अपने कंघो के आगे की साइड या ब्यूटी बोन पर चुभन वाला दर्द महसूस हो, या हाथ हिलाने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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