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'हाल ही में मेरी गॉलब्लैडर स्टोन की सर्जरी हुई है, उस दौरान मेरा टीएसएच (TSH) यानि Thyroid-Stimulating Hormone करीब 73 था। ऐसे में मेरी सर्जरी को बीच में ही रोकने की प्लानिंग होने लगी। फिर डॉक्टर्स से काफी बातचीत के बाद मेरी सर्जरी हुई। लेकिन उस समय मैं बार-बार एक ही बात सोच रही थी कि आखिर थायराइड बढ़ने से सर्जरी का क्या लेना देना, आखिर सर्जरी के दौरान थायराइड बढ़ा हो, तो क्या ही हो जाएगा। लेकिन यह सोचना हमारी काफी बड़ी गलती हो सकती है।'
यह कहना है दिल्ली की रहने वाली पूनम का, जिनकी उम्र महज 32 साल है और एक वर्किंग महिला है। आंकड़े बताते हैं कि इस तरह का अनुभव सिर्फ पूनम का नहीं बल्कि ऐसी तमाम महिलाएं हैं जो इस तरह के अनुभवों से रूबरू होती हैं। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने अहमदाबाद स्थित नारायण हॉस्पिटल के फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट, कंसल्टेंट डॉ. डॉ. जूज़र रंगवाला से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से समझते हैं कि सर्जरी के दौरान थायराइड बढ़ा हो, तो किन समस्याओं का खतरा रहता है?
थायराइड लेवल यानि TSH बढ़े होने पर भी सर्जरी हो जाए, तो इससे कई तरह की समस्याएं, जैसे - सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार, हार्ट रेट का ऊपर-नीचे होना, इत्यादि काखतरा रहता है। मुझे भी सर्जरी के बाद कई तरह की दिक्कतें आई, जिसे मैं आप लोगों के साथ शेयर करने जा रही हूं। आइए जानते हैं सर्जरी के दौरान अगर थायराइड लेवल बढ़ा हो, तो किन-किन समस्याओं का खतरा रहता है?
सर्जरी के दौरान अगर आपका थायराइड लेवल बढ़ा, हो तो सांस लेने में परेशानी हो सकती है। दरअसल, जब टीएसएच बढ़ा हो, तो ट्रेकिया (सांस की नली) पर दबाव डाल सकता है। सर्जरी के समय एनेस्थीसिया देने और ट्यूब डालने में दिक्कत हो सकती है। इससे मरीज को सांस लेने में समस्या का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सर्जरी कराने से कुछ समय पहले अपना थायराइड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करा लें।
अगर मरीज को हाइपरथायरॉयडिज्म है और हार्मोन बहुत ज्यादा बन रहे हैं, तो सर्जरी के दौरान या बाद में थायरॉयड स्टॉर्म नाम की गंभीर स्थिति हो सकती है। इस स्थिति में तेज बुखार, दिल की धड़कन बहुत तेज होना, बेचैनी और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह स्थिति मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। ऐसे में गलती से भी थायराइड बढ़ने पर सर्जरी कराने की गलती न करें।
बढ़े हुए थायरॉयड और हार्मोन असंतुलन के कारण दिल की धड़कन तेज होना, अनियमित हार्टबीट (Arrhythmia) या ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा हो सकता है। सर्जरी के दौरान यह स्थिति जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए कोशिश करें कि अगर आपकी सर्जरी होने वाली है, तो अपना टीएसएच कंट्रोल में रखें।
थायरॉयड ग्लैंड में ब्लड सप्लाई काफी ज्यादा होती है। यदि सर्जरी थायरॉयड के आसपास की जा रही हो, तो खून बहने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सर्जन को बहुत सावधानी से ऑपरेशन करना पड़ता है।
थायरायड के पास ही रिकरेंट लेरिंजियल नर्व होती है, जो आवाज को नियंत्रित करती है। अगर सर्जरी के दौरान यह नस प्रभावित हो जाए, तो मरीज की आवाज बैठ सकती है या बोलने में दिक्कत हो सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी सर्जरी सही से हो, तो डॉक्टर से अपने थायराइड के उतार-चढ़ाव के बारे मेें बात जरूर करें।
6. कैल्शियम लेवल कम होने का खतरा
थायरयड ग्लैंड के पास पैराथायरॉयड ग्लैंड होते हैं, जो शरीर में कैल्शियम का स्तर नियंत्रित करते हैं। सर्जरी के दौरान इनके प्रभावित होने से कैल्शियम लेवल कम हो सकता है, जिससे झुनझुनी, मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है।
डॉक्टर आमतौर पर सर्जरी से पहले कुछ टेस्ट करवाते हैं, जैसे:-
इन जांचों से यह पता लगाया जाता है कि थायरॉयड की स्थिति क्या है और सर्जरी को सुरक्षित तरीके से कैसे किया जाए।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।