
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : September 1, 2025 1:38 PM IST
Medically Verified By: Dr Shri Ram Kabra
Kidney Damage in Hindi: किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी रक्त से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को फिल्टर करती हैं। किडनी शरीर में पानी, मिनरल्स और नमक का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं। साथ ही, ब्लड प्रेशर और हार्मोनल स्तर को भी संतुलन में बनाए रखते हैं। जब किडनी स्वस्थ होती हैं, तो ये सारे कार्य सही तरीके से हो जाते हैं। लेकिन, जब किडनी में कोई दिक्कत (Kidney Kharab Hona) होती है तो कई तरह के रोग पैदा होने लगते हैं। इतना ही नहीं, व्यक्ति को हर वक्त थकान और कमजोरी जैसा भी अनुभव होने लगता है। इसलिए किडनी खराबी के लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपको किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का संकेत मिल रहा है तो एक बार डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। इस स्थिति में डॉक्टर आपको किडनी की जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन, किडनी खराब (Kidney Damage) होने पर क्या होता है? आइए, मोरिंगो एशिया हॉस्पिटल, नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट मेडिसिन के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. श्रीराम काबरा से जानते हैं-
बार-बार पेशाब आना, किडनी खराब होने का सबसे आम संकेत है। अगर आपको बार-बार पेशाब आता है तो एक बार किडनी की जांच जरूर कराएं। खासकर, अगर रात में बार-बार पेशाब आता है तो यह किडनी की समस्या (Kidney Problem) का एक संकेत हो सकता है।
पेशाब में झाग आना भी किडनी खराब का लक्षण हो सकता है। अगर आपको झाग निकलता है तो इस स्थिति को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। पेशाब में झाग आने का मतलब है पेशाब के साथ प्रोटीन निकलना। कुछ मामलों में पेशाब के साथ खून भी निकल सकता है।
अगर आपको पैरों, चेहरे या टखनों पर सूजन रहती है तो इस संकेत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। किडनी खराबी की वजह से भी आपको शरीर में सूजन हो सकती है। किडनी खराब होने पर एड़ियों में दर्द और सूजन दिखाई दे सकता है।
किडनी खराब होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसकी वजह से फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इससे सांस फूल सकती है। अगर आपको थोड़ा-सा काम करने पर ही सांस फूलने लग जाती है तो इस स्थिति में किडनी की जांच जरूर करवाएं। यह किडनी खराबी का एक बड़ा संकेत हो जाता है।
किडनी खराबी की वजह से आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं (Digestion Related Problems) हो सकती हैं। इसकी वजह से आपको भूख कम लग सकती है। मतली और उल्टी जैसी दिक्कतें भी महसूस हो सकती हैं। किडनी खराब होने पर आपको गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
किडनी खराब होने पर संपूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित हो जाता है। किडनी खराब होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो जाते हैं। इस स्थिति में किडनी तरल पदार्थ को भी सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती हैं। इसकी वजह से लाल रक्त कोशिकाओं में कमी आने लगती है। हड्डियां कमजोर होने लगती है, डायबिटीज और हाई बीपी का जोखिम भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, किडनी खराबी के कारण पॉलीसिस्टिक किडनी रोग और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
किडनी खराब कई कारणों से हो सकती हैं। इसमें शामिल हैं-
जिन लोगों को डायबिटीज रोग है और उनका ब्लड शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है, तो किडनी खराबी का खतरा बढ़ जाता है। हाई ब्लड शुगर किडनी के फिल्टर करने की क्षमता को प्रभावित करता है। डायबिटीज रोगियों में किडनी खराबी का जोखिम ज्यादा बना रहता है। इसलिए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखना जरूरी होता है।
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से भी किडनी खराब हो सकती हैं। हाई बीपी के कारण किडनी की रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे किडनी डैमेज होने लगती है।
पॉलीसिस्टिक किडनी रोग एक आनुवंशिक बीमारी है। इस बीमारी में किडनी में सिस्ट बन जाते हैं। इससे किडनी की कार्यप्रणाली खराब होती है और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
ल्यूपस जैसे ऑटोइम्यून किडनी रोग भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही अंगों पर हमला करती है।
बार-बार किडनी में संक्रमण होने पर भी किडनी डैमेज हो सकती है। इसकी वजह से किडनी में घाव हो जाता है और इससे नुकसान पहुंचता है।
मूत्र मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट की वजह से भी किडनी खराब हो सकती हैं। किडनी की पथरी, ट्यूमर की वजह से मूत्र प्रवाह रुकने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।
कुछ प्रकार की दवाइयां खाने से भी किडनी खराब हो सकती हैं। कुछ दवाइयों के अधिक सेवन से किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
किडनी खराब होने पर इसका इलाज समय पर करवाना बहुत जरूरी होता है। खराब किडनी का मुख्य इलाज डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट है।
किडनी खराब होने पर डायलिसिस करवाया जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को निकालने के लिए मशीर का उपयोग किया जाता है। दरअसल किडनी खराब होने पर, किडनी यह कार्य खुद नहीं कर पाती हैं। ऐसे में मशीन का प्रयोग किया जाता है।
कुछ मामलों में किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत भी पड़ती है। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें स्वस्थ किडनी को ट्रांसप्लांट किया जाता है। हालांकि, इसके लिए आपको किडनी डोनर की जरूरत पड़ती है।
किडनी खराब का इलाज करवाना काफी महंगा होता है। इसलिए किडनी खराबी के शुरुआती संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आपको समय पर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए और किडनी की जांच करवानी चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
किडनी खराब होने पर आपको लो पोटैशियम और फॉस्फोरस वाले फूड्स का सेवन करना चाहिए।
किडनी पेशेंट को ज्यादा नमक और मसालेदार खाना खाने से परहेज करना चाहिए।
किडनी रोगियों को दूध का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
ज्यादा नमक खाने से किडनी को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।