
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : September 24, 2025 12:51 PM IST
Lung Ki Health Ka Dhyan Kaise Rakhe: कई बार फेफड़ों में हवा भरने या लंबी सांसे लेने से हम परेशान हो जाते हैं, कि ऐसा क्यों हो रहा है। हम सही जानकारी न होने के कारण डॉक्टर के पास तक चले जाते हैं। लेकिन आप तक इस विषय पर सही जानकारी पहुंचाने के लिए हमने एशियन हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन के डायरेक्टर एवं हेड डॉक्टर मानव मनचंदा से बात की, तो उन्होंने बताया कि फेफड़ों में हवा भरने के कई फायदे होते हैं।
जी हां, उन्होंने बताया कि हमारी सांसें सिर्फ जीवन को बनाए रखने का साधन ही नहीं हैं, बल्कि सही तरीके से सांस लेना शरीर की सेहत के लिए बहुत ही जरूरी और फायदेमंद होता है। जब हम गहरी सांस लेकर फेफड़ों में पूरी हवा भरते हैं, तो यह प्रक्रिया शरीर के कई हिस्सों को फायदा पहुंचाती है। आइए हम विस्तार से जानते हैं कि डॉक्टर ने क्या कहा।
फेफड़ों में हवा भरने से ऑक्सीजन शरीर में पहुंचती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। इससे श्वसन प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है और शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा मिलती है। ऑक्सीजन रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में पहुंचती है, जिससे मस्तिष्क, हृदय, मांसपेशियों और अन्य अंगों को आवश्यक ऑक्सीजन मिलती है। इससे शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। गहरी सांस लेने से फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है और श्वसन संबंधी समस्याएंकम होती हैं।
फेफड़ों में पर्याप्त हवा भरने से हमारा श्वसन तंत्र मजबूत होता है। इससे ऑक्सीजन की कमी से होने वाली समस्याएंकम होती हैं और हमारा शरीर बेहतर तरीके से काम करता है। जब हम लंबी व गहरी सांस लेते हैं तो फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और श्वसन संबंधी समस्याएं जैसे दमा, ब्रोंकाइटिस आदि कम होती हैं। इससे हमारे शरीर को अधिक ऑक्सीजन मिलती है, जिससे हमारा एनर्जी लेवल बढ़ता है और हम एक्टिव फील करते हैं। इससे हमारे जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ती है और हम लंबी उम्र तक स्वस्थ रहते हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि 'गहरी सांस लेने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। सामान्य तौर पर लोग बहुत उथली सांस लेते हैं, जिससे फेफड़ों का केवल एक हिस्सा ही काम करता है। लेकिन जब हम गहरी सांस भरते हैं, तो पूरा फेफड़ा सक्रिय हो जाता है और अधिक ऑक्सीजन शरीर में जाती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और शरीर में जमा कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से बाहर निकल पाती है।'
डॉक्टर का कहना है कि नियमित रूप से प्राणायाम और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने वालों में फेफड़ों की बीमारियां कम देखने को मिलती हैं। यह न केवल अस्थमा या एलर्जी से बचाव करता है, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रोजाना सुबह 10-15 मिनट गहरी सांस लेने की आदत हर किसी को डालनी चाहिए। यह साधारण-सी आदत लंबी उम्र, बेहतर नींद और मानसिक शांति का आधार बन सकती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
धूम्रपान के अलावा प्रदूषण, धुआं, केमिकल्स के सम्पर्क में आने से होने वाला डैमेज, कुछ पुरानी बीमारियों और अनुवांशिक कारणों से भी लोगों में लंग कैंसर हो सकता है।
लंग कैंसर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) और स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC)।
ठीक से सांस न ले पाना, बार-बार सांस फूलना, लंबे समय से खांसी आना, खांसने व गहरी सांस लेने पर सीने में दर्द होना आदि फेफड़े खराब होने या फेफड़ों से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें जैसे ब्रीथिंग एक्सरसाइज, अनुलोम-विलोम जैसे योगाभ्यास करें, सही डाइट लें और धूम्रपान आदि से दूर रहें।