8 घंटे लगातार बैठने से रक्त प्रवाह पर क्या असर पड़ता है?

Ghanto Baithe Rehne Se Kya Hota Hai: आज हम आपको इस लेख में हर किसी के द्वारा की जाने वाली एक आम गलती, यानी कि लगातार 8 घंटे तक बैठे रहने से ब्लड फ्लो में होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 18, 2025 5:49 PM IST

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Lambe Samay Tak Baithe Rehne Se Kya Hota Hai: जिनका फील्ड वर्क है वो तो एक बार को अपना शरीर हिला लेते हैं, लेकिन उनका क्या जो ऑफिस आवर्स शुरू होने के बाद शिफ्ट खत्म होने तक सीट से चिपके रहते हैं? हम में से ऐसे कई लोग होंगे जो ऐसी ही कॉर्पोरेट लाइफ जी रहे होंगे और अपने शरीर के हर एक अंग का दर्द सह रहे होंगे। हम सभी के लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि आखिर लगातार घंटों तक बैठे रहने से शरीर में बह रहे खून यानी कि ब्लड फ्लो पर क्या असर पड़ता है? 

यही जानने के लिए हमने पीएसआरआई हॉस्पिटल के एमर्जंसी हैड और इंटरनल मेडिसिन, डॉक्टर प्रशांत सिन्हा से बात की। हमने उनसे यह सवाल पूछा कि ‘8 घंटे लगातार बैठने से रक्त प्रवाह पर क्या असर पड़ता है?’ इसपर उन्होंने जो-जो जवाब दिए वो हर किसी के लिए जानना बहुत जरूरी है। आइए आपको बताते हैं जब आप आठ घंटे तक अपनी सीट पर बैठे रहते हैं तो ब्लड फ्लो पर क्या असर पड़ता है।

लंबे समय तक बैठे रहना हो गया है आम

आपने गौर किया होगा कि ये हर व्यक्ति के लिए आम हो गया है कि वो अपने ऑफिस में एक ही जगह पर बैठे घंटों बिता देता है। इसका कारण ये है कि हम अपने काम के प्रेशर में भूल जाते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से नुकसान भी हमारे शरीर का ही हो रहा है। आप अपने शरीर की थोड़ी फिक्र करें इसलिए हमने डॉक्टर से बात की और जाना कि घंटों बैठे रहने से क्या होता है।

क्या बोले डॉक्टर?

डॉक्टर प्रशांत ने बताया कि ‘आज की जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना आम बात हो गई है, खासकर दफ्तरों में। लेकिन यदि कोई व्यक्ति दिनभर यानी लगभग 8 घंटे तक लगातार बैठा रहता है, तो इसका सीधा असर उसके रक्त प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) पर पड़ता है, जो शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।’

ऐसे में कई लोग ये जानते हुए भी कि बैठे रहने से उनकी हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है, फिर भी अपनी लाइफस्टाइल में सुधार नहीं लाते हैं। आइए आपको बताते हैं आपकी ये गलती कितनी बड़ी बन सकती है।

लंबे समय तक बैठे रहने से ब्लड फ्लो कैसे प्रभावित होता है?

हमने डॉक्टर से विस्तार से जानना चाहा कि भला बैठे रहने भर से हमारे शरीर में बह रहा खून कैसे प्रभावित हो सकता है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ‘जब हम लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहते हैं, तो हमारे शरीर के निचले हिस्सों जैसे पैरों (कमर और हिप्स) में रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। जब ब्लड फ्लो धीमा होता है तो  मांसपेशियों की हरकत ना होने से नसों पर दबाव बढ़ता है और खून का संचार बाधित होता है।’

शरीर में ब्लड फ्लो प्रभावित होने के क्या लक्षण दिखते हैं?

आप और हम ही नहीं, बल्कि कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि वे ब्लड फ्लो धीमा होने पर दिखने वाले लक्षणों को ही नहीं पहचान पाते हैं। लेकिन इसमें उनकी भी गलती नहीं है, क्योंकि ये लक्षण इतने आम होते हैं कि रोज की जिंदगी में हम उन्हें अनदेखा कर देते हैं। आपके पास पूरी जानकारी रहे, इसलिए हमने डॉक्टर से ब्लड फ्लो स्लो होने के लक्षणों पर भी सवाल किए और डॉक्टर से जाना कि ‘‘इस से पैरों में सूजन, झनझनाहट या भारीपन महसूस होने लगता है। कुछ मामलों में खून जमने की भी आशंका रहती है, जिसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहा जाता है।’

अगर हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएं कि डीप वेन थ्रोम्बोसिस क्या होता है, जान लीजिए कि तो डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis - DVT) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की गहरी नसों में रक्त का थक्का जिसे अंग्रेजी में ब्लड कोट कहा जाता है, जम जाता है, आमतौर पर पैरों में। जिसका अगर सही समय पर इलाज न किया जाए तो थक्का टूटकर रक्त प्रवाह में घुल सकता है और फेफड़ों में पहुंचकर पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कारण बन सकता है। देखें कैसे लंबे समय तक बैठे रहने की आपकी एक गलती जान का खतरा मोल ले सकती है।

दिल पर पड़ता है बुरा असर

सिर्फ फेफड़ों पर ही नहीं आपके 8 घंटे तक बैठे रहने से दिल पर भी बुरा असर पड़ता है। डॉक्टर ने बताया कि ‘रक्त संचार धीमा होने से दिल को भी अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।’ दिल तक खून लेट पहुंचने को इस्केमियाकहा जाता है, जिसकी वजह से मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता है। ऐसे में दिल सही तरीके से काम करना कम कर देता है और अगर लंबे समय तक ऐसा ही रहा तो हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती है।

दिमाग पर होता है बुरा असर

डॉक्टर ने बताया कि ‘इसके अलावा, मस्तिष्क को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति भी प्रभावित होती है, जिससे थकान, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और सिरदर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।’ इसलिए जब आप ज्यादा समय तक काम करते हैं तो सिर दर्द होने लगता है और काम करने का मन नहीं करता है।

इसके लिए डॉक्टर ने आगे बताते हुए कहा कि ‘यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है, तो हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।’ यही कारण है कि ऑफिस में बैठे-बैठे लोग कमर दर्द, पैर दर्द और पेस बाहर आने की शिकायत करते हैं।

8 घंटे बैठे न रहें, माने डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर प्रशांत ने 8 घंटे लगातार बैठे रहने के नुकसान तो बता दिए हैं। अब बारी आती है उपायों की। आइए आपको बताते हैं डॉक्टर ने कौन से उपाय बताए हैं- 

  1. अगर आपको काम के बीच में उठने से काम पूरा न होने की टेंशन है तो डॉक्टर ने इसके लिए बताया कि आप हर 30 से 60 मिनट में थोड़ी देर खड़े होकर चलें। इससे आपके शरीर की नसें खुलेंगी और ब्लड फ्लो बाधित नहीं होगा।
  2. आप थोड़ा सा समय निकालकर या फिर सीट पर बैठे-बैठे अपने पैरों और कमर की हल्की-हल्की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं। इससे आपको लगातार बैठे रहने से कमर में होने वाले दर्द से राहत मिलेगी।
  3. घर टहलने जा रहे हैं तो कुछ देर के लिए पैरों और कमर की हल्की स्ट्रेचिंग करें। ऐसा करने से आपको आराम भी मिलेगा और काम करने की उर्जा भी आएगी।
  4. इसी के साथ डॉक्टर ने सलाह दी कि अगर संभव हो तो स्टैंडिंग डेस्क का उपयोग करें। ऐसा करने से आपके शरीर में ब्लड फ्लो सुचारू रहेगा और बॉडी को एक्टिव बने रहने में मदद मिलेगी।

डॉक्टर ने आखिर में सभी के लिए सलाह देते हुए कहा कि ‘स्वस्थ रक्त संचार के लिए सक्रिय जीवन शैली और थोड़ी-थोड़ी देर में मूवमेंट जरूरी है।’ इसलिए अगर आपको अपनी जान प्यारी है तो आज से ही सीट पर चिपककर न बैठें, बल्कि हर थोड़े समय में उठें और स्ट्रेचिंग करने के बाद बैठ जाएं।

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