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Health Services in Train: ट्रेन को भारत की लाइफलाइन भी कहा जाए तो भी कोई गलत नहीं होगा क्योंकि भारत में रोजाना लगभग 2 करोड़ से भी ज्यादा लोग यात्रा करते हैं, जो किसी छोटे-मोटे देश की जनसंख्या के बराबर होता है। भारत में इतने लोग ट्रेन से ट्रैवल करते हैं, लेकिन फिर भी आज तक भी ट्रेन से जुड़ी बहुत सी ऐसी सुविधाएं हैं, जिनके बारे में लोगों को पता नहीं है। भारतीय रेलवे देश की जनता को बहुत सी ऐसी सुविधाएं प्रदान करता है, जिसके बारे में लोगों को पता भी नहीं है और इसका पता लगाना भी बहुत जरूरी है। मान लीजिए आप ट्रेन में कोई लंबी यात्रा कर रहे हैं और बीच में ही आपकी तबीयत बिगड़ जाती है, तो आप क्या करेंगे? हो सकता है आपने इस बारे में कभी सोचा भी न हो लेकिन भारतीय रेलवे ने पहले ही इस बारे में सोचा हुआ है और इसकी तैयारी की हुई है।
आजकल तबीयत कब बिगड़ जाए कुछ पता नहीं चलता है और इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। सोचिए अगर आप ट्रेन में कहीं लंबी यात्रा कर रहे हैं और चलती ट्रेन में ही आपकी तबीयत खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? अगर आप भी यह सोचकर चिंता में पड़ गए हैं, तो उसकी जरूरत नहीं है क्योंकि ट्रेन में भी आपको डॉक्टर की मदद मिल सकती है, बस आपको सही जानकारी का पता होना जरूरी है।
भारतीय रेलवे डिपार्टमेंट अपने पैसेंजर के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ट्रेन में भी डॉक्टर उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, सभी ट्रेनों में तो अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है, लेकिन कुछ ट्रेन में डॉक्टर उपलब्ध होते हैं, जो किसी पैसेंजर को जरूरत पड़ने पर उनकी मदद कर सकते हैं। बस आपको इस बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि अगर सही जानकारी होगी तो आप उसका लाभ उठा पाएंगे।
आपको भी शायद पता होगा कि भारतीय रेलवे का हेल्पलाइन नंबर 139 है, जो अलग-अलग भाषाओं में सर्विस प्रदान करात है। इन नंबर पर कॉल करके आप रेलवे सुविधाओं से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी ले सकते हैं और यहां तक कि स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। 139 के अलावा 182 नंबर पर कॉल करके भी भारतीय रेलवे द्वारा ली जा रही सुविधाएं ले सकते हैं।
अगर किसी पैसेंजर को हेल्थ से जुड़ी किसी तरह की कोई समस्या महसूस होती है, तो 139 या 182 पर कॉल कर सकते हैं या फिर टीटीई से संपर्क कर सकते हैं। अगर ट्रेन में डॉक्टर उपलब्ध नहीं है, तो इमर्जेंसी स्थिति में डॉक्टर अगले स्टेशन पर डॉक्टर उपलब्ध करा सकता है। ऐसे में मरीज को 100 रुपए की फीस देनी पड़ती है और दवाएं का खर्च अलग देना पड़ता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।