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दिल की नसें ब्लॉक होने पर क्या होता है? डॉक्टर से जानिए कोरोनरी आर्टरी डिजीज के संकेत

दिल की नसें ब्लॉक होने पर कुछ गंभीर समस्याएं होने का खतरा रहता है। इस स्थिति में आपको कई तरह की परेशानियां महसूस हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

दिल की नसें ब्लॉक होने पर क्या होता है? डॉक्टर से जानिए कोरोनरी आर्टरी डिजीज के संकेत
blood vessels are blocked
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Praneeth Polamuri

Written by Kishori Mishra |Published : April 6, 2026 2:15 PM IST

What happens when blood vessels are blocked : दिल की नसों में ब्लॉकेज की परेशानी आज के समय में कई लोगों को हो रही हैं, जिसकी वजह से कई गंभीर समस्याएं होने का खतरा रहता है। दिल की नसों के ब्लॉक होने की स्थिति को कोरोनरी आर्टरीज कहा जाता है। यह परेशानी अतिरिक्त फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमने की वजह से हो सकती है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण हृदय की मांसपेशियों तक ब्लड का सप्लाई सही ढंग से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से सीने में दर्द, भारीपन, काफी ज्यादा थकान जैसी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानि नसों के ब्लॉक होने के कारण कई तरह की दिक्कतें होने का खतरा रहता है। आइए हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के कार्जियोलॉजिस्ट डॉ. प्रणीत पोलामूरी से इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं-

दिल की नसें ब्लॉक होने पर आ सकता है हार्ट अटैक

कार्जियोलॉजिस्ट डॉ. प्रणीत पोलामूरी का कहना है कि आज के समय में हार्ट अटैक आना या फिर हार्ट से जुड़ी परेशानी काफी बड़ी समस्या बन चुकी है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज है। यह बीमारी तब होती है, जब दिल के ब्लड वेसेल्स यानी कोरोनरी आर्टरीज, धीरे-धीरे ब्लॉक होने लगती हैं। ये आर्टरीज दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन से भरपूर खून पहुंचाती हैं, लेकिन जब इनमें प्लाक जमा होने लगता है, तो खून का प्रवाह कम हो जाता है। इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है, जो कई सालों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के चुपचाप बढ़ती रहती है।

नसों के ब्लॉकेज होने के क्या लक्षण हैं?

डॉक्टर कहते हैं कि जब ब्लॉकेज आंशिक होता है, तो मरीज को स्टेबल एंजाइना हो सकती है। इस स्थिति में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो निम्न हैं-

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  1. इसमें चलने-सीढ़ियां चढ़ने या किसी शारीरिक गतिविधि के दौरान सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है।
  2. यह दर्द कभी-कभी हाथों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
  3. महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों में थकान, मतली या सांस फूलना जैसे असामान्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

कैसे होता है हार्ट अटैक?

कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि जब दिन की नसों में ब्लॉकेज 70% से अधिक हो जाता है, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। लगभग पूरी तरह से बंद हुई धमनी में खून का थक्का बन सकता है, जिससे दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचना बंद हो जाता है। इस स्थिति को मायोकार्डियल इंफार्क्शन ( Myocardial infarction ) कहा जाता है। कुछ ही मिनटों में दिल की मांसपेशियां नष्ट होने लगती हैं, जिसकी वजह से स्थाई नुकसान हो सकता है।

कुछ अन्य परेशानियां

  • अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmias)
  • दिल की कमजोरी या हार्ट फेलियर
  • अचानक हार्ट डेड होना, इत्यादि।

नसों के ब्लॉक होने का क्या कारण है?

नसों के ब्लॉक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और शारीरिक जीवन स्थिर होना शामिल है। ये सभी कारक इस बीमारी की गति को तेज कर देते हैं। इस बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ने के लिए ECG, इकोकार्डियोग्राम, स्ट्रेस टेस्ट और एंजियोग्राफी जैसी जांचें बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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Highlights

  1. दिल की नसें ब्लॉक होने पर हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
  2. नसों के ब्लॉक होने पर सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हो सकती है।
  3. सांस फूलना भी दिल की नसों में ब्लॉकेज के लक्षण हो सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।