
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Raman Kumar, Dr. Sugeeta Mutreja
dengue
एक तरफ मानसून का मौसम गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत दिलाता है। वहीं, इस मौसम में कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश की वजह से हर जगह पानी जमा हो जाता है और इसमें मच्छर पनपने लगते हैं, जिससे डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। डेंगू को मानसून में होने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक माना जाता है।
आपको बता दें कि डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू में शरीर और जोड़ों में तेज दर्द होता है, इसलिए इसे "ब्रेकबोन फीवर" भी कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि वर्तमान में दुनिया की लगभग आधी आबादी डेंगू के खतरे में है। WHO की 2025 की रिपोर्ट का अनुमान है कि हर साल डेंगू के 10 करोड़ से 40 करोड़ मामले सामने आते हैं। डेंगू के ज्यादातर मामले शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से सामने आते हैं।
WHO के अनुसार, डेंगू से पीड़ित अधिकतर लोगों में हल्के लक्षण होते हैं। आमतौर पर मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन के बाद लक्षण दिखने शुरू हो सकते हैं।
dengue symptoms (AI Generated)
डेंगू के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं और कुछ गंभीर, जैसे-
अगर आपको ये लक्षण महसूस हो, तो बिल्कुल अनदेखी न करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, डेंगू 1 से 2 सप्ताह में ठीक हो जाता है। ज्यादातर डेंगू रोगी घर पर ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन, कुछ मामलों में लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में डेंगू गंभीर हो सकता है और मौत का कारण भी बन सकता है।
WHO बताता है कि डेंगू का कोई अलग से इलाज नहीं है। इसके इलाज के लिए बुखार और दर्द को कम करने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं। डॉक्टर पेन किलर और कई दूसरी दवाइयां लिख सकते हैं। इसके साथ ही, खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे सकते हैं। जबकि, डेंगू होने पर इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक और एस्पिरिन जैसी NSAIDs दवाओं से बचना चाहिए, ये रक्तस्राव के खतरे को बढ़ सकती हैं और खून की कमी हो सकती है। डेंगू के कुछ गंभीर मामलों में रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। अगर आपको डेंगू का कोई भी लक्षण महसूस हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेने से बचें।
health.ny.gov के अनुसार, डेंगू दोबारा हो सकता है। अगर आप एक बार डेंगू वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, तो आप दोबारा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति उसी डेंगू वायरस के स्ट्रेन से संक्रमित होता है, जिससे वह पहले संक्रमित हुआ था, तो उसे दोबारा बीमार होने से बचाया जा सकता है। लेकिन, अगर किसी व्यक्ति को डेंगू काअलग स्ट्रेन हुआ था, तो उसे डेंगू हेमरेजिक फीवर होने की संभावना रहती है।
dengue vaccine
observer research foundation के अनुसार, भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली वैक्सीन Qdenga को हाल ही में मंजूरी मिली है। हालांकि, इसकी उपलब्धता अभी सीमित हो सकती है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप्स (DEN-1, DEN-2, DEN-3 और DEN-4) से सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत है और इसकी दो डोज हैं, जिसे 3 महीने के अंतराल पर दी जाती हैं। हालांकि, वैक्सीन के साथ-साथ मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है, इसके लिए आसपास पानी जमा न होने दें।
दिल्ली में मानसून से पहले ही डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। MCD की Vector-Borne Diseases की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अब तक राजधानी में डेंगू के 162 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा डेंगू के मामले पश्चिमी दिल्ली क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। राजधानी में बढ़ते खतरे को देखते हुए एमसीडी ने जागरूकता और फॉगिंग अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील भी की है।
आरोग्य डाइट और न्यूट्रिशन क्लीनिक की डाइटिशियन से जानते हैं डेंगू से जल्दी रिकवरी के लिए क्या खाना चाहिए-
हालांकि, ये फूड्स शरीर को पर्याप्त पोषण प्रदान करते हैं। लेकिन, ये डेंगू का इलाज कतई नहीं है।
dengue fever
चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार से जानते हैं कि डेंगू से बचने के लिए क्या करना चाहिए-
Disclaimer: डेंगू एक आम बीमारी है और मानसून में इसके मामलों में तेजी से वृद्धि होती है। यह बीमारी मच्छरों के काटे से फैलती है, इसलिए मच्छरों से बचाव के लिए घर और उसके आसपास के एरिया में सफाई रखना बहुत जरूरी है। अगर डेंगू का कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। डेंगू होने पर घबराने की जरूरत नहीं है, ज्यादातर मामलों में यह बीमारी सही डाइट और दवाइयों की मदद से घर पर ही ठीक हो सकती है।