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Side effects of lasik surgery: लेसिक सर्जरी (Laser-Assisted in Situ Keratomileusis) एक आंखों की लेजर सर्जरी है, जो दृष्टि सुधारने के लिए की जाती है। यह खासकर उन लोगों के लिए होती है, जो निकट दृष्टिहीनता (मायोपिया), दूर दृष्टिहीनता (हाइपरोपिया) और एस्टिगमैटिज्म (आंखों की गोलाई में असमानता) से पीड़ित होते हैं। इस सर्जरी में एक लेजर का उपयोग करके आंख के कॉर्निया (आँख की बाहरी परत) की आकृति को ठीक किया जाता है, ताकि रोशनी सही तरीके से रेटिना पर फोकस हो सके। यह प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और दर्द रहित होती है, जिससे मरीजों की दृष्टि में सुधार होता है। यह सर्जरी बहुत प्रभावी होती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह सुरक्षित नहीं हो सकती। इस लेख में हम उन लोगों के बारे में आपको बता रहे हैं, जिन्हें लेसिक सर्जरी नहीं करवानी चाहिए।
लेसिक सर्जरी के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई है। यह इसलिए है क्योंकि आंखों की दृष्टि और कॉर्निया (आंख के बाहरी हिस्से) पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं जब तक कि व्यक्ति 18 वर्ष का नहीं हो जाता। यदि कोई व्यक्ति इससे पहले सर्जरी करवाता है, तो उनकी आंखों की दृष्टि में बदलाव हो सकते हैं, जो बाद में परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
गर्भवती और स्तनपान कर रही महिलाओं को लेसिक सर्जरी से बचना चाहिए, क्योंकि हार्मोनल परिवर्तन आंखों की दृष्टि और कॉर्निया की संरचना पर असर डाल सकते हैं। इस समय में सर्जरी के बाद दृष्टि में बदलाव हो सकता है, जिससे परिणाम अस्थिर हो सकते हैं। जिन महिलाओं ने गर्भधारण किया हुआ है या जो स्तनपान करा रही हैं, उन्हें लेसिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए।
जो लोग आंखों की गंभीर समस्याओं, जैसे ग्लूकोमा, कटा हुआ कॉर्निया या सूखी आंखों से पीड़ित हैं, उन्हें लेसिक सर्जरी नहीं करवानी चाहिए। इन बीमारियों के कारण सर्जरी के बाद ठीक से स्वस्थ होने में कठिनाई हो सकती है और आंखों की हालत बिगड़ सकती है। अगर आपको आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें लेसिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए।
जो लोग अपनी दृष्टि में लगातार बदलाव महसूस कर रहे हैं (उम्र के कारण या अन्य कारणों से) उन्हें लेसिक सर्जरी से पहले अपनी आंखों की स्थिति स्थिर होने तक इंतजार करना चाहिए। दृष्टि में स्थिरता जरूरी है ताकि सर्जरी के परिणाम बेहतर और स्थायी हों।
यदि किसी व्यक्ति को ऑटोइम्यून रोग, संचारी बीमारियां या डायबिटीज जैसी स्थितियां हैं, तो लेसिक सर्जरी के दौरान और बाद में उनका इलाज ठीक से न हो सकता है, जिससे आंखों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ध्यान रखने योग्य बात है कि लेसिक सर्जरी से पहले एक योग्य डॉक्टर से परामर्श लेना बहुत जरूरी है। डॉक्टर आपकी आंखों की स्थिति, स्वास्थ्य इतिहास और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए आपको उचित सलाह देंगे। इससे सर्जरी के जोखिम कम हो सकते हैं और परिणाम बेहतर हो सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।