इन 3 गलत आदतों की वजह से बढ़ रही है फैटी लिवर की परेशानी, आज ही कर लें सुधार

Reasons Behind Fatty Liver : फैटी लिवर की परेशानी होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जिसमें कुछ हमारी आदतें भी शामिल हैं। आइए जानते हैं इन आदतों के बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : February 4, 2026 2:06 PM IST

Causes of fatty liver : फैटी लिवर की समस्या काफी समय से आम होती जा रही है। दरअसल, अनहेल्दी खान-पान, खराब लाइफस्टाइल, स्मोकिंग-ड्रिंकिंग ये सभी चीजें मिलकर लिवर को डैमेज करने का काम करती हैं। वहीं, जब लिवर में फैट जमा होने लगता है, तो यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती चली जाती है। वहीं, एक समस्या नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज या NAFLD भी होती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके लिवर में बिना शराब पिए ही ज़्यादा फैट जमा हो जाता है। यह दुनिया भर में एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है। जो खराब लाइफस्टाइल और दैनिक आदतों का नतीजा है।

खैर, यहां हम उन तीन आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मेटाबॉलिक रूप से परेशान लोगों में बार-बार दिखती हैं। इसके साथ ही उन आदतों को ठीक करने के बारे में भी बताएंगे।

किन आदतों के कारण होती है फैटी लिवर की परेशानी?

1. देर रात खाना

आप जानते होंगे कि प्राचीन समय में ऐसा कहा जाता था कि सूरज के डूबने से पहले खाना खा लेना चाहिए। उसके बाद कुछ नहीं खाना चाहिए और फिर नाश्ता सुबह के समय ही होता था। अब भी इस बात पर जोर दिया जाता है कि डिनर 7 बजे तक हो जाना चाहिए। हालांकि, आज के समय में लोगों का डिनर 8 बजे के बाद ही होता है। कुछ लोग तो 10 या 11 बजे तक डिनर करते हैं। कई लोग डिनर के बाद भी स्नैकिंग आदि करते हैं, जो फैटी लिवर रोग के बड़े कारण हैं।

2. ऐसा नाश्ता जिसमें प्रोटीन न हो

अगर आप ऐसा नाश्ता लेते हैं, जिसमें प्रोटीन नहीं है। जैसे कि कॉफी, कुछ हल्का या फिर कुछ कार्ब्स युक्त नाश्ता। ऐसे में आपकी ब्लड शुगर कम होने लगती है और आपको कुछ न कुछ खाने का मन करता रहता है। यह भी लिवर के लिए परेशानी भरा हो सकता है।

3. कोई रेजिस्टेंस ट्रेनिंग नहीं

जो लोग किसी भी तरह की एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उनकी इंसुलिन सेंसिटिविटीकभी बेहतर नहीं होती है। दरअसल, फैटी लिवर वाले औसत साउथ एशियाई लोग ज़ीरो रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करते हैं, और या तो घंटों कार्डियो करते हैं या दिन में 12 से 14 घंटे अपनी डेस्क पर बैठे रहते हैं। दरअसल, ये आदतें चुपचाप इंसुलिन को बढ़ा रही हैं और उनके लिवर में फैट जमा कर रही हैं।

फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

लैब टेस्ट: सिर्फ़ ग्लूकोज ही नहीं इंसुलिन, लिवर एंजाइम, इन्फ्लेमेटरी मार्कर, मेटाबॉलिक जोखिम को जानने के लिए पूरा चेकअप होना चाहिए।

खाने में प्रोटीन और फाइबर शामिल करना: हर डाइट में 30-40 ग्राम प्रोटीन और फाइबर जरूर शामिल करना चाहिए। इससे सिर्फ 3 दिनों में ब्लड शुगर और भूख को कंट्रोल किया जा सकता है।

उपवास: डिनर और सोने के समय के बीच कम से कम 2 घंटे का गैप रखना चाहिए। इससे इंसुलिन का लेवल कम होता है। इसके अलावा, मेटाबॉलिक रिपेयर भी शुरू हो जाता है।