
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 28, 2026 5:54 PM IST
Medically Verified By: Dr. G. R. Srinivas Rao
pH का पूरा नाम 'Potential of Hydrogen' है। आसान भाषा में समझें तो pH हमें यह बताता है कि कोई तरल पदार्थ कितना अम्लीय या कितना क्षारीय है। इसे अक्सर 0 से 14 के स्केल पर मापा जाता है। हमारे शरीर के अलग-अलग हिस्सों का pH अलग होता है। जो चीजें 0 से 6.9 से कम होती हैं उन्हें अम्लीय कहा जाता है, जो 7.0 स्केल पर होती हैं उन्हें न्यूट्रल माना जाता है और जो 7.1 से 14 के बीच में होते हैं उन्हें क्षारीय माना जाता है। अक्सर लोग ये समझते हैं कि शायद पीएच जैसी चीजें सिर्फ ब्यूटी प्रॉडक्टस, साबुन या दूसरी चीजों में होती है। लेकिन आपको बता दें कि हमारे शरीर में अलग अलग चीजों का पीएच लेवल बिल्कुल अलग होता है। आज हम एकदम आसान भाषा में जान रहे हैं कि पीएच होता क्या है और स्किन, ब्लड पेट का पीएच कितना होता है।
हमारी स्किन हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और यह बाहरी कीटाणुओं से हमारी रक्षा करती है। स्किन का नॉर्मल पीएच लेवल 4.7 से 5.75 के बीच में होता है, जो अम्लीय है। लेकिन यह एसिडिक क्यों है? हमारी त्वचा की ऊपरी परत थोड़ी अम्लीय होती है, जिसे Acid Mantle कहा जाता है। यह एसिडिक लेयर हानिकारक बैक्टीरिया, प्रदूषण और फंगस को त्वचा के अंदर जाने से रोकती है।
संतुलन बिगड़ने पर क्या होता है?
अगर आपकी त्वचा का pH बहुत ज्यादा क्षारीय हो जाए यानि कि 8-9 तक पहुंच जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और संवेदनशील हो जाती है। इससे समय से पहले झुर्रियां आ सकती हैं। वहीं, अगर यह बहुत ज्यादा एसिडिक हो जाए, तो चेहरे पर मुहांसे और लाली बढ़ सकती है। जिन लोगों की स्किन ड्राई होती है उन्हें ज्यादा झाग वाले साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उनका pH बहुत हाई होता है।
ब्लड का pH सामान्य रहना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर यह असामान्य हुआ तो शरीर की कोशिकाएं ठीक से काम नहीं कर पाएंगी। ब्लड के पीएच की नॉर्मल रेंज 7.35 से 7.45 होती है। अगर खून का pH 7.35 से कम हो जाए, तो उस स्थिति को Acidosis कहते हैं, और अगर 7.45 से ऊपर चला जाए, तो उसे Alkalosis कहते हैं। दोनों ही स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं।
ब्लड का pH संतुलन क्यों बिगड़ता है?
गलत खान-पान शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर को खून का pH बनाए रखने के लिए अपनी हड्डियों से कैल्शियम खींचना पड़ता है। अगर आप बाहर का खाने के शौकीन हैं तो इसे तुरंत बंद कर दें और अपनी डाइट में हरी सब्जियां और फल ज्यादा शामिल करें।
पेट का माहौल शरीर के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग और बहुत ज्यादा अम्लीय होता है। पेट के पीएच की नॉर्मल रेंज अक्सर 1.5 से 3.5 के बीच होती है जो बहुत अम्लीय है। दरअसल पेट इतना एसिडिक इसलिए होता है क्योंकि पेट में Hydrochloric Acid होता है, जिसके दो मुख्य काम होते हैं: भोजन में मौजूद प्रोटीन को तोड़ना और पचाना।
अगर पेट का पीएच संतुलन बिगड़ा तो क्या होगा?
अगर पेट का pH बढ़ जाए तो खाना ठीक से नहीं पचता, जिससे पेट फूलना, गैस और बदहजमी होती है। वहीं, अगर एसिड बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो एसिडिटी, हार्टबर्न और अल्सर जैसी समस्याओं का रिस्क रहता है।
Disclaimer: ये आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। किसी लक्षण के दिखने या खास जानकारी के लिए कृपया डॉक्टर के संपर्क करें।
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