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IVF Treatment करवाने से पहले हर कपल को पता होनी चाहिए ये बातें, डॉक्टर ने कहा- सफर होगा आसान

शादी के लंबे समय के बाद जो कपल नेचुरल तरीके से प्रेग्नेंसी कंसीव नहीं कर पाता है वो आईवीएफ का ऑप्शन को अपनाते हैं। लेकिन आईवीएफ करवाने से पहले कपल को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। वर्ल्ड आईवीएफ डे के खास मौके पर हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 23, 2026 7:26 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Ila Gupta

बच्चे की किलकारी हर घर का सपना होती है। लेकिन जब महीनों-सालों की कोशिश के बाद भी वो सपना पूरा नहीं होता, तो दिल में सवाल और डर दोनों आ जाते हैं। ऐसे में कई कपल्स के सामने एक नाम आता है - IVF। IVF आज इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट का सबसे भरोसेमंद ऑप्शन बन चुका है। लेकिन इलाज शुरू करने से पहले इसके बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। क्योंकि अधूरी जानकारी से उम्मीदें भी टूटती हैं और फैसले भी गलत होते हैं। 25 जुलाई को वर्ल्ड आईवीएफ डे मनाया जा रहा है तब हम आपको बताने जा रहे हैं उन सभी जरूरी बातों की जो हर कपल को IVF से पहले जरूर जाननी चाहिए। IVF करवाने से पहले कपल्स को क्या जानना चाहिए इस बारे में जानकारी दे रही हैं सीनियर फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. ईला गुप्ता।

IVF होता क्या है?

डॉ. ईला गुप्ता कहती हैं कि आसान भाषा में समझें तो IVF का पूरा नाम है In-Vitro Fertilization यानी शरीर के बाहर निषेचन। IVF में हम महिला के अंडे और पुरुष के स्पर्म को लैब की नियंत्रित परिस्थितियों में मिलाते हैं। जब भ्रूण बन जाता है तो उसे वापस महिला की कोख में ट्रांसफर कर देते हैं। ये प्रोसेस उन कपल्स के लिए है जिन्हें नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने में परेशानी आती है। डॉक्टर कहती हैं कि IVF किसी जादू का नाम नहीं है। ये साइंस है- इसलिए इसे करवाने में कई महीनों से लेकर कुछ सालों तक का भी समय लगता है। डॉ. ईला गुप्ता कहती हैं कि किसी भी आईवीएफ ट्रीटमेंट को करवाने से पहले हर कपल को कुछ खास बातों की जानकारी होना जरूरी है। अगर कपल को आईवीएफ प्रोसेस पहले इसका पता चल जाएगा तो इलाज और बच्चा पाने की उम्मीद का रास्ता भी आसान हो जाएगा।

IVF एक लंबा प्रोसेस है। IVF एक लंबा प्रोसेस है।

क्या है आईवीएफ का पूरा प्रोसेस

डॉ. ईला गुप्ता कहती हैं आईवीएफ करवाने से पहले कपल्स को इसके प्रोसेस की जानकारी होना जरूरी है। अगर कपल को प्रोसेस पता होगा तो वो मानसिक और शारीरिक रूप से कम परेशान होंगे।

  1. Step 1: आईवीएफ प्रोसेस करवाने से पहले डॉक्टर पहले दोनों पार्टनर के हार्मोन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और सीमेन एनालिसिस करते हैं। डॉ. गुप्ता कहती हैं, बिना सही डायग्नोसिस के ट्रीटमेंट शुरू करना समय और पैसे दोनों की बर्बादी है।
  2. Step 2: आईवीएफ का प्रोसेस शुरू होने के बाद महिला को रोज इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि एक के बजाय कई अंडे बनें। इस दौरान 3-4 बार स्कैन करके अंडों की ग्रोथ चेक की जाती है।
  3. Step 3: कुछ समय के बाद जब अंडे तैयार हो जाते हैं तो हल्की बेहोशी देकर उन्हें निकाला जाता है। कई महिलाओं को लगता है कि अंडों को निकालने में दर्द होता है, लेकिन सच में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
  4. Step 4: अंडों को निकालने के बाद लैब में स्पर्म को अंडे के साथ मिलाया जाता है। सबसे हेल्दी भ्रूण को आगे बढ़ने के लिए चुना जाता है।
  5. Step 5: 5वें दिन सबसे अच्छे 1 या 2 भ्रूण को कैथेटर की मदद से गर्भाशय में रखा जाता है। इस प्रोसेस को पूरा होने में सिर्फ 10 मिनट का समय लगता है।

फर्टिलिटी एक्सपर्ट बताती हैं कि किसी भी आईवीएफ प्रोसेस को फॉलो करने के 14 दिनों के बाद ब्लड टेस्ट किया जाता है। इसके बाद प्रेग्नेंसी कंफर्म होती है।

क्या IVF प्रेग्नेंसी की 100% गारंटी देता है?

डॉ. गुप्ता स्पष्ट रूप से कहती हैं कि आईवीएफ से हर कपल पेरेंट बन ही जाएगा इस बात की कोई 100 प्रतिशत गारंटी नहीं है। किसी भी कपल का आईवीएफ सक्सेस होना 3 चीजों पर निर्भर करती है - महिला की उम्र, भ्रूण की क्वालिटी और क्लिनिक का एक्सपीरियंस।

IVF प्रोसेस करवाने में कितना खर्च आता है?

फर्टिलिटी एक्सपर्ट कहती हैं कि उनके पास आने वाले हर कपल का दूसरा सवाल यही होता है कि इस पूरी प्रक्रिया को करवाने में कितना खर्च आता है। भारत में 1 IVF साइकिल का खर्च 1.5 लाख से 2.5 लाख तक आता है। इसमें दवाएं, टेस्ट, प्रोसीजर सब शामिल होता है। इसके अलावा कुछ मामलों में लेजर हैचिंग, फ्रोजन एम्ब्र्यो ट्रांसफर पर कुछ ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

ट्रीटमेंट से पहले किन 3 बातों का ध्यान रखें?

डॉ. ईला गुप्ता हर नए कपल को ये 3 बातें जरूर बताती हैं:

मेंटल हेल्थ: IVF इमोशनल रोलरकोस्टर है। पार्टनर एक-दूसरे का सपोर्ट बनें। जरूरत लगे तो काउंसलर से बात करें।

लाइफस्टाइल: ट्रीटमेंट से 3 महीने पहले धूम्रपान, शराब बंद करें। हेल्दी वजन, अच्छी नींद और स्ट्रेस कम रखें। आईवीएफ करवाने से पहले हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने से स्पर्म और अंडे की क्वालिटी सुधरती है।

सवाल पूछें: डॉ. ईला कहती हैं- मेरे पास जो कपल आते हैं वो अक्सर किसी भी तरह का सवाल पूछने से कतराते हैं। लेकिन यह गलत है। आईवीएफ प्रोसेस से जुड़ा कोई भी सवाल कपल के दिमाग है, तो डॉक्टर से बेझिझक पूछें - कितने साइकिल लग सकते हैं, रिस्क क्या हैं, अल्टरनेटिव क्या है। जानकारी से डर कम होता है।

आईवीएफ के बारे में बात करना जरूरी है। आईवीएफ के बारे में बात करना जरूरी है।

IVF के रिस्क क्या हैं?

कोई भी मेडिकल प्रोसीजर 100% रिस्क-फ्री नहीं होता है। डॉक्टर का कहना है कि IVF में OHSS यानी अंडाशय में सूजन, मल्टीपल प्रेगनेंसी और मिसकैरेज का हल्का रिस्क होता है। लेकिन एक अच्छे और अनुभवी डॉक्टर की निगरानी में ये रिस्क बहुत कम हो जाते हैं।

डॉ. ईला कहती हैं- हर कपल की कहानी अलग होती है। किसी को पहले साइकिल में सफलता मिलती है, किसी को थोड़ा इंतजार करना पड़ता है। सबसे जरूरी है सही समय पर सही डॉक्टर से मिलना। अगर 1 साल की कोशिश के बाद भी रिजल्ट नहीं है, या महिला की उम्र 35+ है तो 6 महीने बाद ही एक्सपर्ट से मिलें। देरी करना सक्सेस रेट कम कर देता है। अगर आप भी इस सफर पर हैं, तो याद रखें - आप अकेले नहीं हैं। सही जानकारी, सही डॉक्टर और थोड़ा धैर्य... यही IVF की सफलता को बढ़ा देता है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। कोई भी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले अपने फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।