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ज्यादा कैफीन पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

क्या आप भी ऑफिस में काम पर फोकस करने के लिए बार-बार ब्लैक कॉफी या चाय पीते हैं? अगर हां तो सतर्क हो जाए, क्योंकि इसका अधिक सेवन आपकी बॉडी को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कैसे।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 1, 2026 10:00 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Anima Sharma

दिन तेजी से बीत रहे हैं और जिंदगी की रफ्तार भी इतनी तेज हो गई है कि किसी को भी अपनी खराब होती लाइफस्टाइल नहीं दिख रही है। अगर लोगों को थोड़ा थका हुआ महसूस हो भी रहा है, तो वे चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक के रूप में कैफीन का सेवन कर रहे हैं। इससे टायर्डनेस तो कम होती ही है, साथ ही काम में फोकस बढ़ाने में भी मदद मिलती है। हालांकि सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन सतर्कता और एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर के कई अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

नारायणा हॉस्पिटल की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर अनिमा शर्मा बताती हैं कि कैफीन एक तरह का नेचुरल स्टिमुलेंट है, जो दिमाग और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है। कुछ हद तक यह फायदेमंद है, लेकिन अगर आप ज्यादा मात्रा में कैफीन लेते हैं, तो सबसे पहले इसका असर आपकी नींद पर पड़ता है। इसलिए आपने देखा होगा कि पढ़ाई करने वाले बच्चे अक्सर रात को जागे रहने के लिए कॉफी पीते हैं। कैफीन हमारे शरीर को और किन तरीकों से नुकसान पहुंचाता है, आइए विस्तार से जानते हैं।

हार्ट हेल्थ को करता है प्रभावित

डॉक्टर बताती हैं कि ज्यादा कैफीन लेने से दिल की धड़कनें तेज हो सकती हैं, कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी समस्याएं या हाई बी.पी है, उन्हें कैफीन कम मात्रा में लेना चाहिए।

डाइजेशन पर असर डालता है

डॉक्टर बताती हैं कि चाय, कॉफी या किसी भी रूप में लिया गया कैफीन पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। यहां तक कि अगर आप ज्यादा मात्रा में कैफीन का इनटेक कर लेते हैं तो पेट में एसिड बनने लगता है, जिससे एसिडिटी, सीने में जलन, गैस और इंडाइजेशन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कुछ लोगों में बार-बार कैफीन लेने से पेट खराब या दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

अधिक कैफीन से बढ़ सकती है घबराहट और बेचैनी

भले ही कैफीन लेने से फोकस बढ़ता है, लेकिन डॉक्टर बताती हैं कि इसकी ज्यादा मात्रा मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। जैसे घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, हाथ कांपना और एंग्जायटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं सेंसिटिव लोगों में इससे पैनिक अटैक के लक्षण बढ़ने की संभावना हो सकती है। इसके अलावा शरीर धीरे-धीरे कैफीन का आदी हो सकता है।

बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है

डॉक्टर शर्मा बताती हैं कि कैफीन शरीर में डाइयूरेटिक की तरह काम करता है, जिससे बार-बार पेशाब आ सकती है। अगर कैफीन लेने के बाद आप जरूरी मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो बॉडी में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर हम गर्भवती महिलाओं को कैफीन का सेवन सीमित रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि अत्यधिक कैफीन भ्रूण के विकास पर प्रभाव डाल सकता है।

कितना कैफीन लेना सुरक्षित है?

डॉक्टर अमेरिकी FDA का हवाला देते हुए कहती हैं कि हेल्दी वयस्कों के लिए रोजाना लगभग 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। आसान भाषा में समझें तो यह लगभग 3–4 कप कॉफी के बराबर हो सकता है। हालांकि हर किसी के लिए कैफीन की यह मात्रा व्यक्ति की उम्र और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हार्ट पेशेंट्स को सावधानी बरतनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: अगर आपको बार-बार कॉफी या चाय पीने की आदत है, तो धीरे-धीरे इसकी मात्रा कम करें। पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित आहार लें और ऊर्जा बनाए रखने के लिए अच्छी नींद व नियमित व्यायाम को प्राथमिकता दें। कैफीन का सीमित और संतुलित सेवन लाभदायक हो सकता है, लेकिन इसकी अधिकता शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।