
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : May 17, 2026 1:24 PM IST
Medically Verified By: Dr. Anima Sharma
एसी में पसीना
AC Mai Baithkar Pasina Kyu aata Hai: एयर कंडीशनर (AC) में बैठकर भी पसीना आना कई लोगों के लिए हैरान करने वाली स्थिति होती है। आमतौर पर हम पसीने को गर्मी से जोड़ते हैं, लेकिन जब ठंडे वातावरण में भी शरीर पसीना छोड़ने लगे, तो यह सिर्फ मौसम या वातावरण का मुद्दा नहीं रहता। इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानने के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम के कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर अनिमा शर्मा से बात की। उन्होंने इसे शरीर के अंदर हो रहे हार्मोनल या मेटाबॉलिक बदलावों का संकेत बताया है, जिसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वह बताती हैं कि शरीर का तापमान नियंत्रित करने का मुख्य काम हाइपोथैलेमस करता है, जो दिमाग का एक हिस्सा है। जब शरीर को लगता है कि उसे ठंडा या गर्म करना है, तो यह पसीने की ग्रंथियों को एक्टिव कर देता है। लेकिन अगर बिना किसी बाहरी गर्मी के पसीना आ रहा है, तो इसका मतलब है कि शरीर का अंदरूनी थर्मोस्टेट असंतुलित हो सकता है। यही कारण है कि एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ऐसे लक्षणों को गंभीरता से देखते हैं।
सबसे आम कारणों में से एक है थायराइड हार्मोन का बढ़ जाना, जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है। व्यक्ति को गर्मी ज्यादा लगती है, दिल की धड़कन तेज रहती है और हल्के काम में भी पसीना आ सकता है, यहां तक कि AC में बैठकर भी। इसके साथ वजन कम होना, घबराहट, हाथ कांपना और नींद न आना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
इसके अलावा ब्लड शुगर का असंतुलन (डायबिटीज या हाइपोग्लाइसीमिया) भी एक बड़ा कारण हो सकता है। खासकर जब शुगर अचानक गिर जाती है, तो शरीर इसे स्ट्रेस मानता है और पसीना आने लगता है। कई मरीज बताते हैं कि उन्हें ठंडी जगह पर भी अचानक पसीना आता है, कमजोरी महसूस होती है और दिल तेजी से धड़कता है। यह स्थिति विशेष रूप से डायबिटिक मरीजों में देखने को मिलती है।
हार्मोनल असंतुलन, खासकर एड्रेनल ग्लैंड से संबंधित समस्याएं, भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। शरीर में एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का बढ़ना पसीने, बेचैनी और घबराहट को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोगों में भी यह समस्या देखने को मिलती है, क्योंकि स्ट्रेस हार्मोन लगातार शरीर को “फाइट या फ्लाइट” मोड में रखते हैं।
कुछ मामलों में यह समस्या इडियोपेथिक हाइपरहाइड्रोसिस भी हो सकती है, जिसमें शरीर की पसीने की ग्रंथियां सामान्य से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, बिना किसी स्पष्ट बीमारी के। हालांकि यह आमतौर पर हाथों, पैरों और बगल में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन कुछ लोगों में यह पूरे शरीर में भी हो सकता है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव जैसे मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज के दौरान भी अचानक पसीना आने की शिकायत होती है, जिसे “हॉट फ्लैशेस” कहा जाता है। इसमें शरीर बिना किसी बाहरी कारण के अचानक गर्म महसूस करता है और पसीना आने लगता है, चाहे वातावरण ठंडा ही क्यों न हो।
हालांकि हर बार AC में पसीना आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कभी-कभी यह तनाव, नींद की कमी, कैफीन का अधिक सेवन या डिहाइड्रेशन के कारण भी हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है और इसके साथ दिल की धड़कन तेज होना, वजन में बदलाव, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण भी हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की सलाह होती है कि ऐसे मामलों में सबसे पहले बेसिक जांच करवाई जाए—जैसे थायरॉइड प्रोफाइल, ब्लड शुगर और हार्मोनल टेस्ट। समय पर पहचान होने पर इन स्थितियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर- AC में बैठकर भी पसीना आना सिर्फ गर्मी का मामला नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर हो रहे बदलावों का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर यह बार-बार हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर अनदेखा करना सही नहीं है। शरीर अक्सर छोटे संकेतों के जरिए बड़ी समस्याओं की चेतावनी देता है—जरूरत है उन्हें समझने और समय पर कार्रवाई करने की।