आंखों से कम दिखायी देना और उनकी बनावट में बदलाव होना साफ तौर पर आंखों से जुड़ी किसी बड़ी समस्या का संकेत हैं और ऐसे लक्षण दिखायी देने पर हम डॉक्टर से सम्पर्क ज़रूर करते हैं। ज़ाहिर है हमारी आंखें एक बहुत-ही नाज़ुक और महत्वपूर्ण अंग हैं इसीलिए हमारी चिंता लाज़मी है। लेकिन वहीं आंखों या नज़र से जुड़ी कुछ समस्याओं को हम यह सोचकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि मामूली बात है और आपकी आंखें खुद-ब-खुद ठीक हो जाएगीं। लेकिन डॉ. ई रविंद्र मोहन (सीनियर कंसल्टेंट, ग्लोबल हेल्थ सिटी, चेन्नई) कहते हैं कि जल्द जांच कराने से आंखों से जुड़ी समस्याओं की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है जिसके बाद सही तरीके से उसके ट्रीटमेंट में मदद होती है और आपकी नज़र और कमज़ोर होने से बचाने का यही एकमात्र तरीका भी यही है। यहां हम बात कर रहे हैं ऐसी ही 4 समस्याओं के बारे में जिन्हें गंभीरता से लेना ज़रूरी है और इनकी लापरवाही करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
आंखों में दर्द- कन्जंगक्टवाइटिस या आंख के किसी भी भाग में किसी तरह की चोट जैसी स्थितियों या सूजन और जलन से जुड़ी समस्याओं जैसे- यूवाइटिस, स्कलराइटिस और केरटाइटिस की वजह से आंखों में दर्द की समस्या हो सकती हैं। आंखों में दर्द की समस्या ग्लूकोमा और माइग्रेन होने पर भी हो सकती है। आंखों में अगर एक दिन से अधिक समय तक लगातार दर्द होता रहे तो किसी आई स्पेशलिस्ट से ज़रूर जांच करानी चाहिए ताकि दर्द की वजह का पता लगाया जा सके। समय पर जांच-पड़ताल से आप अपनी नज़र को कमज़ोर होने से बचा सकते हैं।
आंखों का लाल होना– आंखों में लाली की समस्या कन्जंगक्टवाइटिस, केरटाइटिस, ग्लूकोमा, यूवाइटिस या आंखों में किसी तो इसी तरह की स्थिति में हो सकती है। आंखों में किसी अनजान चीज़ के गिरने या उससे होनेवाली तकलीफ किसी भी उम्र के लोगों को परेशान कर सकती है।
आंख से बहुत अधिक पानी निकलना- कन्जंगक्टवाइटिस, एलर्जी, कार्निया रोग, आंख में किसी अनजानी चीज़ के गिरने या आंसूओं के निकलने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की रुकावट जैसी विभिन्न स्थितियों में आपकी आंखों से बहुत अधिक पानी बहने की समस्या हो सकती है। इनके अलावा भी कारण और के कारण हो सकता है। आंखों से अत्यधिक पानी बहने के सही कारण का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच की आवश्यकता पड़ती है।
आंख फड़कना- आंखों का फड़कना आंखों से जुड़ी बीमारियों का एक संकेत है लेकिन मरीज़ को इससे डरने की आवश्यकता नहीं होती। तनाव, नींद की कमी, अत्यधिक मात्रा में कैफीन का सेवन, खराब डायट या कम पानी पीने आदि की वजह आंख फड़कने की समस्या होती है। अगर आंख बहुत अधिक फड़कती है तो आपको बोटुलिनम टॉक्सिन का एक इंजेक्शन लेना पड़ सकता है जो आपकी आंखों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है।
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