यूरिन टेस्ट की मदद से किन बीमारियों का पता चलता है? जानें कब देते हैं डॉक्टर इस टेस्ट को कराने की जरूरत
Urine Text: कई बार आपने लोगों से सुना होगा कि डॉक्टर ने उन्हें यूरिन टेस्ट करवाने की सलाह दी है। लेकिन, डॉक्टर ऐसा किन स्थितियों में करते हैं, आइए जानते हैं-
Written by Anju Rawat|Published : March 11, 2026 6:07 PM IST
Urine Test: किडनी खून से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल को फिल्टर करके बाहर निकालती हैं, यहीं पेशाब होता है। यही वजह है कि पेशाब में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी शरीर के अंदर चल रही समस्याओं का संकेत दे सकते हैं। इसलिए डॉक्टर कई स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट (Urine Test) कराने की सलाह देते हैं। यूरिन टेस्ट एक सामान्य जांच है, जिसकी मदद से किडनी, लिवर और पेशाब से जुड़ी समस्याओं का पता चल पाता है। यूरिन टेस्ट की मदद से पता लगाया जाता है कि इसमें प्रोटीन, ग्लूकोज, बैक्टीरिया या कोशिकाएं हैं या नहीं। लेकिन, डॉक्टर किसी व्यक्ति को किन स्थितियों में यूरिन टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं? या कौन-से लक्षण महसूस होने पर यूरिन टेस्ट कराया जाता है? इए, एससीएम हेल्थकेयर के प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विनीत मल्होत्रा (Dr. Vineet Malhotra, Principal Consultant, Urology, Sexology, Andrology, Infertility Treatment, SCM Healthcare) से जानते हैं कि यूरिन टेस्ट कराने की जरूरत कब पड़ती है?
किडनी से जुड़ी बीमारियों की जांच
किडनी से जुड़ी बीमारियों की पहचान करने के लिए डॉक्टर यूरिन टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।
अगर पेशाब में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, तो इसे किडनी की फिल्टरिंग क्षमता में गड़बड़ी का संकेत माना जाता है।
वहीं, अगर पेशाब में खून के कण मिलते हैं, तो यह किडनी स्टोन या किसी इंफेक्शन का संकेत होता है। पेशाब में मौजूद खून के कण (RBC) किडनी की गंभीर समस्या की तरफ इशारा करते हैं।
ज्यादातर मामलों में किडनी की बीमारियों की शुरुआत बिना किसी लक्षण के होती है, इसलिए जब व्यक्ति को पेट में दर्द या पेशाब में जलन जैसी समस्याएं होती हैं, तो डॉक्टर यूरिन टेस्ट करवाते हैं ताकि इसकी असल का पता लगाया जा सके।
डायबिटीज की जांच
जब किसी व्यक्ति में डायबिटीज के लक्षण महसूस होते हैं, तो डॉक्टर इस बीमारी की जांच करने के लिए यूरिन टेस्ट करवा सकते हैं।
अगर पेशाब में ग्लूकोज पाया जाता है, तो यह हाई ब्लड शुगर का संकेत माना जाता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है तो
इससे डायबिटिक नेफ्रोपैथी हो सकती है। यानी हाई ब्लड शुगर की वजह से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
यूटीआई की जांच
मूत्र मार्ग संक्रमण यानी यूटीआई की जांच करने के लिए भी डॉक्टर यूरिन टेस्ट करवाते हैं।
जब किसी व्यक्ति को पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशान आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना और बुखार आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो डॉक्टर यूटीआई का पता लगाने के टेस्ट लिख सकते हैं।
अगर पेशाब में बैक्टीरिया, सफेद रक्त कोशिकाएं या नाइट्राइट पाए जाते हैं, तो यह संक्रमण का संकेत होता है।
लिवर से जुड़ी बीमारियां की जांच
लिवर से जुड़ी बीमारियों का पता लगाने के लिए भी यूरिन टेस्ट करवाया जाता है।
अगर पेशाब में बिलीरुबिन या यूरोबिलिनोजेन की मात्रा बढ़ी हुई पाई जाती है, तो यह लिवर की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी की तरफ इशारा करता है।
यूरिन टेस्ट की मदद से पित्त नलिकाओं से संबंधित समस्याओं का संकेत भी मिलता है।
कौन-से लक्षण दिखने पर कराया जाता है यूरिन टेस्ट?
डॉक्टर कई मामलों में यूरीन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। जैसे-
किडनी से जुड़ी बीमारियों का पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट करवाया जाता है।
पेशाब में जलन या दर्द होने पर यूरिन टेस्ट करवाया जाता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द होने पर भी यूरिन टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
Don’t Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today!
Subscribe Now
Enroll for our free updates
Please confirm that you agree to the terms and conditions.
Thank You for Subscribing
Thanks for Updating Your Information
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
We noticed that you are running an ad-blocker.
Ads helps us keep our content free. Please add us to your whitelist or disable your ad-blocker.