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Causes of Low Testosterone in Male: पुरुषों के शरीर का मुख्य हार्मोन टेस्टोस्टेरोन होता है और शरीर में उसकी कमी होना कई बीमारियों का कारण बन सकती है। टेस्टोस्टेरोन प्रमुख रूप से मेल सेक्स हार्मोन होता है, जो पुरुषों के यौन स्वास्थ्य से लेकर मसल बिल्ड करने, बोन डेंसिटी बढ़ाने, एनर्जी लेवल बनाए रखने और प्रजनन क्षमता बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का कम होना स्वाभाविक है, लेकिन उम्र से पहले इसकी कमी होना आमतौर पर शरीर में किसी न किसी बीमारी का संकेत होता है। कुछ बीमारियां हैं जिनके कारण इस हार्मोन का स्तर सामान्य से अधिक तेजी से गिरने लगता है। जिस पर ध्यान देना आवश्यक है। तो आइए आज हम आपको ऐसी ही प्रमुख बीमारियों के बारे में, बताते हैं, जो पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी का कारण बन सकती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज से ग्रस्त पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है। असल में हाई ब्लड शुगर शरीर की हार्मोनल प्रणाली को प्रभावित करता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा देता है। इससे शरीर में सूजन और हार्मोन असंतुलन की स्थिति बन जाती है, जो टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को कम कर देती है। वहीं डायबिटीज के कारण थकान, कमजोरी और यौन इच्छा में कमी जैसे लक्षण भी दिखते हैं, जो कि आपके लिए परेशानी का सबब बनते हैं।
पुरुषों के लिए मोटापा और खासतौर पर पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी टेस्टोस्टेरोन लेवल को घटा सकती है। असल में फैट टिश्यू में मौजूद एंजाइम टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में बदलाव करने लगते हैं, जिससे पुरुष हार्मोन का स्तर लगातार घटने लगता है। वहीं मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस, सूजन और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी परेशानियों को भी बढ़ावा देता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं सामने आती हैं। वजन घटाने, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से टेस्टोस्टेरोन स्तर में सुधार संभव है।
कई रिसर्च बताती हैं कि पुरुषों में थायराइड से जुड़ी समस्याएं टेस्टोस्टेरोन कम होने का कारण बन सकती है। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की कमी) या हाइपरथायरॉइडिज्म (अधिकता) दोनों ही स्थितियां टेस्टोस्टेरोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इसलिए जिन पुरुषों को थायराइड की समस्या होती है, उनमें थकान, वजन में बदलाव, मूड स्विंग और यौन कमजोरी जैसे लक्षण सामने आते हैं।
पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी होने पर कई अलग-अलग लक्षण देखे जा सकते हैं और ऐसा भी हो सकता है कि हर व्यक्ति के अनुसार इसके लक्षण भी अलग-अलग हों सकते हैं। हालांकि, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होने से आमतौर पर देखे जाने वाले कुछ लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं -
अगर किसी पुरुष को ऊपर बताए गए ये लक्षण महसूस होने लगते हैं, तो उसे एक बार डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए। हालांकि, यह भी हो सकता है कि ये लक्षण किसी अन्य सामान्य समस्या का ही संकेत हो लेकिन एक बार पुष्टि करना जरूरी है, ताकि समय पर इसका इलाज शुरू किया जा सकता है।
अगर टेस्टोस्टेरोन कम है, तो डॉक्टर सही दवाओं से ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं और साथ ही एक्सरसाइज व संतुलित आहार जैसी सलाह दे सकते हैं जो टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने और सही लेवल पर मेंटेन रखने में मदद करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।