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High Sugar Level: डायबिटीज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। भारत में डायबिटीज के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। कुछ आंकड़ों की मानें तो हर 9 में से 1 व्यक्ति डायबिटीज जूझ रहा है। वहीं, कई लोग इस बात से अनजान हैं कि उन्हें डायबिटीज है। डायबिटीज को इसलिए गंभीर माना जाता है, क्योंकि यह शरीर के अहम अंगों जैसे-किडनी, हृदय और आंखों को नुकसान पहुंचाता है। डायबिटीज रोगियों में किडनी और हृदय रोगों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। डायबिटीज को लेकर लोगों में मन में कई सवाल आते हैं। इसमें से एक सबसे आम है- डायबिटीज किसकी कमी से होता है? या डायबिटीज का पहला लक्षण क्या है? आइए, आकाश हेल्थकेयर की सीनियर कंसल्टेंट-एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. मोनिका शर्मा से जानते हैं इसके बारे में-

डॉ. मोनिका शर्मा बताती हैं कि डायबिटीज मुख्य रूप से इंसुलिन हार्मोन की कमी या उसके सही तरीके से काम न करने की वजह से होती है। आपको बता दें कि इंसुलिन एक हार्मोन है, जिसका उत्पादन अग्न्याशय में में होता है। इंसुलिन हार्मोन शरीर की कोशिकाओं तक शुगर पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता या ठीक से काम नहीं करता तो यह शुगर खून में मिल जाता है और रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। इसी स्थिति को डायबिटीज भी कहा जाता है।
डॉ. मोनिका शर्मा के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का उत्पादन करना पूरी तरह से बंद कर देता है। जबकि, टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का उत्पादन तो करता है, लेकिन इसका उपयोग सही तरीके से नहीं कर पाता है। भारत में ज्यादातर लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं। मोटापा, खराब जीवनशैली,तनाव, पारिवारिक इतिहास और शारीरिक निष्क्रियता की वजह से डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
शुगर बढ़ने पर शुरुआत में हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। जब शुगर लेवल बढ़ता है, तो आपको बार-बार प्यास लग सकती है। इसके अलावा, बार-बार पेशाब आना, थकान और कमजोरी रहना, वजन कम होना या बढ़ना आदि भी हाई शुगर लेवल के संकेत हो सकते हैं। अगर आपका शरीर इन संकेतों को दिखा रहा है, तो एक ब्लड शुगर की जांच जरूर करें।

कई बार शुरुआत में डायबिटीज के लक्षण पकड़ में नहीं आते हैं। ज्यादातर मामलों में डायबिटीज का पता तब चलता है, जब यह शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा चुका होता है। इसके गंभीर लक्षणों में शामिल हैं- धुंधला दिखाई देना, बार-बार संक्रमण होना, झुनझुनी, सुनपन्न ज्यादा भूख लगना और घावों का देरी से भरना आदि।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।