बुजुर्गों की रोजाना की ये 7 आदतें उन्हें भेज रही हैं अस्पताल, यूं करें हैंडल
बुजुर्गों की रोजाना की ये 7 आदतें उन्हें भेज रही हैं अस्पताल, यूं करें हैंडल
seniors Hospitalization Causes in Hindi: भारत में रहने वाले 75% से अधिक बुजुर्ग किसी न किसी क्रॉनिक बीमारी से जूझ रहे हैं। इसका सीधा कनेक्शन बुजुर्गों के अकेलेपन और लाइफस्टाइल में अनियमितता से है।
Written By:
Ashu Kumar Das
| Published : January 19, 2026 3:13 PM IST
Seniors Hospitalization Causes: आज प्रदूषण, खानपान और कई अन्य कारणों से घर के बुजुर्गों का अस्पताल पहुंचना बहुत ही आम हो गया है। दिल्ली के अन्वया सीनियर होम हेल्थ केयर सर्विसेज के फाउंडर प्रशांत रेड्डी (Prashanth Reddy, Founder & Managing Director, Anvayaa) के अनुसार, बुजुर्गों को रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें, अकेलापन, दवाइयों में लापरवाही, गलत खान-पान, नियमित जांच न कराना और सामाजिक दूरी धीरे-धीरे अस्पताल की ओर धकेल देते हैं।
अन्य देशों के मुकाबले बुजुर्गों का अस्पताल में भर्ती होना भारत के लिए ज्यादा चिंताजनक बात है। LASI (Longitudinal Aging Study in India) के अनुसार भारत में रहने वाले 75% से अधिक बुजुर्ग किसी न किसी क्रॉनिक बीमारी से जूझ रहे हैं। इसका सीधा कनेक्शन बुजुर्गों के अकेलेपन और लाइफस्टाइल में अनियमितता से है।
बुजुर्गों के अस्पताल पहुंचने के बड़े कारण
दवाओं में लापरवाही- एक्सपर्ट बताते हैं कि भारत में ज्यादातर बुजुर्ग समय पर दवा नहीं लेते या अपनी मर्जी से दवा छोड़ देते हैं। दवाओं में लापरवाही के कारण अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ना, ब्लड शुगर का बैलेंस बिगड़ना, हार्ट अटैक का खतरा और स्ट्रोक की संभावना को कई गुणा बढ़ा देते हैं। इससे बुजुर्गों के अस्पताल पहुंचने का खतरा कई गुणा ज्यादा हो जाता है।
खानपान में बदलाव न होना- 10 में से 7 बुजुर्ग वही डाइट पैटर्न को अपनाते हैं जो उन्होंने जवानी में फॉलो किया होता है, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है। उम्र बढ़ने पर शरीर को संतुलित आहार की जरूरत होती है। पुराने खानपान पर रहने से बुजुर्गों को शारीरिक कमजोरी, एनीमिया और बार-बार संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
मानसिक अकेलापन- अकेलापन बुजुर्गों को अंदर से तोड़ देता है। यह केवल मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक बीमारी को भी जन्म देता है। एक्सपर्ट का कहना है कि भारत के ग्रामीण और शहर दोनों ही क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग अक्सर खुद को अकेला महसूस करते हैं। इसकी वजह बुजुर्गों को डिप्रेशन, डिमेंशिया का खतरा, हाई बीपी और इम्युनिटी कमजोर होना। मानसिक रूप से खुद को अकेला महसूस करने वाले बुजुर्ग जल्दी अस्पताल पहुंचते हैं। रिसर्च बताती है कि जिन बुजुर्गों के पास सामाजिक जुड़ाव होता है, वे अस्पताल कम जाते हैं और घर पर बेहतर रिकवर करते हैं।
फिजिकल एक्टिविटी कम होना- बहुत ही कम चलना-फिरना या बिल्कुल ही न चलना बुजुर्गों को अस्पताल तक पहुंचा देता है। इससे जोड़ों में दर्द, हार्मोनल असंतुलन और मोटापे की समस्या देखी जाती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि जो बुजुर्ग फिजिकली कम एक्टिव होते हैं, वो जल्दी अस्पताल पहुंचते हैं।
नींद खराब होना- हमारे देश में नींद का एक सही समय न होना सबसे खराब आदत बन चुकी है। रोजाना सही समय पर न सोने और जागने से नींद पूरी नहीं होती है। इससे बुजुर्गों में कई बीमारियां पैदा होती है। नींद न पूरी होने से धीरे-धीरे बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण और वायरस से होने वाली बीमारियां बढ़ती हैं। जिससे बुजुर्ग छोटी सी बीमारी में भी अस्पताल तक पहुंच जाते हैं।
पानी की कमी- डिहाइड्रेशन बुजुर्गों में बहुत आम समस्या है। कम पीने के कारण बुजुर्गों में किडनी प्रॉब्लम, यूरिन इंफेक्शन, चक्कर आना और बेहोशी की परेशानी देखी जाती है। कम पानी पीने के कारण बुजुर्गों के अस्पताल होने की संख्या बहुत बड़ी है।
मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी- शहरों में रहने वाले ज्यादातर परिवार के लोगों के पास बुजुर्गों को देने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है। इससे डिप्रेशन, एंग्जाइटी और डिमेंशिया बुजुर्गों में तेजी से बढ़ता है। बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य की सही देखभाल न करने से भी उनके अस्पताल पहुंचने का खतरा बढ़ता है।
बुजुर्गों को अस्पताल से बचाने के लिए जरूरी टिप्स
जिन लोगों के परिवार में कोई बुजुर्ग है और वो उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाना चाहते हैं, वह नीचे बताए गए टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।
दिन में 1 बार परिवार के बुजुर्ग से 15 से 20 मिनट बात जरूर करें। इस समय मोबाइल का यूज करने से बचें।
बुजुर्गों की दवाइयों का टाइम टेबल बनाएं। वह दवाएं समय पर लें इसके लिए उनके मोबाइल में रिमाइंडर सेट करें।
बुजुर्गों के खाने में हाई प्रोटीन, आयरन और फाइबर को शामिल करें। खाने में नमक और चीनी को संतुलित करें।
फिजिकली एक्टिव रखने के लिए बुजुर्गों को हल्की एक्सरसाइज करवाएं। 30 मिनट वॉक, साइकिलिंग करें।
बुजुर्ग मानसिक रूप से हेल्दी रहे इसके लिए योग और मेडिटेशन करने के लिए कहें।
निष्कर्ष
बुज़ुर्गों का अस्पताल पहुंचना केवल बीमारी का परिणाम नहीं बल्कि गलत आदतों और जीवनशैली की कमी का नतीजा होता है। अगर समय रहते दवा, सामाजिक जुड़ाव और निगरानी पर ध्यान दिया जाए तो बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने से रोका जा सकता है।
Highlights
मानसिक अकेलेपन के कारण बुजुर्ग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
दवाओं की गलती की वजह से भी बुजुर्ग बीमार पड़ते हैं।
बुजुर्गों को बीमारी से बचाने के लिए सही देखभाल जरूरी है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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