बच्चों को बार बार बुखार क्यों आता है? ऐसे में क्या करना चाहिए?

Fever in Children: अक्सर देखा जाता है कि मौसम में बदलाव होने के कारण बच्चों की तबीयत अक्सर खराब हो जाती है, अप्रैल भी मौसम में बदलाव का महीना है और इस दौरान बच्चों में बार-बार बुखार आता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 14, 2026 5:39 PM IST

Children Health Problems: अप्रैल के महीने में अक्सर देखा जाता है कि बच्चे ज्यादा बीमार पड़ते हैं और वायरल फीवर जैसी समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। वयस्कों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा संख्या इसमें बच्चों की देखने को मिल रही है। अचानक आया यह तेज बुखार बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है, जिससे माता-पिता भी बेहद चिंतित हैं। लेकिन इस वायरल फीवर से घबराने के बजाय आपको सही समय पर सही कदम उठाने चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं और सही देखभाल कर बच्चे को जल्दी रिकवर होने में मदद कर सकती हैं। ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपके बच्चे को बुखार आने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए, तो यहां हम आपको इसका उत्तर देंगे, जो हर पेरेंट के लिए जानना जरूरी है।

तापमान नियमित रूप से चेक करें

जब बच्चे को पहली बार बुखार आता है, तो आपका सबसे पहला कदम उसका तापमान सही तरीके से मापना होना चाहिए। आप तापमान मापने के लिए डिजिटल थर्मामीटर का इस्तेमाल करें और हर 4-6 घंटे में तापमान चेक करें। साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि शरीर का तापमान कितना फारेनहाइट होना बुखार होता है। इससे आपको पता रहेगा कि बुखार कितना और कब बढ़ रहा है या कम हो रहा है। लेकिन अगर तापमान 102 फारेनहाइट से ज्यादा हो जाए, तो बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन

बुखार के दौरान शरीर की ऊर्जा तेजी से खत्म होती है, इसलिए शरीर कमजोर हो जाता है। ऐसे में आप बच्चे को ज्यादा से ज्यादा आराम करने दें। साथ ही दिन में कई बार उसे पानी, नारियल पानी, सूप या ओआरएस जैसे तरल पदार्थ दे। यह सभी तरल उसके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देंगे। बुखार के दौरान अपनाए जाने वाला यह एक जरूरी कदम है।

अच्छा और आसानी से पचने वाला भोजन

बुखार में अक्सर ही बच्चों की भूख कम हो जाती है और वह खाना न खाने की जिद करते हैं। मगर उनकी सेहत को दुरुस्त करने के लिए जरूरी है कि उन्हें भूखा न छोड़ा जाए। इस दौरान आफ उन्हें हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन दें, जैसे कि खिचड़ी, दाल-चावल, सूप या दलिया। इन भोज्य पदार्थों से उन्हें ऊर्जा मिलती और शरीर जल्दी रिकवर कर पाता है। हालांकि जरूरी है कि आप इस दौरान उन्हें तला-भुना और भारी भोजन बिल्कुल न दें।

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डॉक्टर की सलाह से ही दवा

अक्सर माता-पिता बुखार आने पर खुद से बच्चे को दवा दे देते हैं। हालांकि यह कभी-कभी उनके लिए नुकसानदायक हो सकती है। आपको बच्चे को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए, क्योंकि बच्चों का शरीर नाजुक होता है। ऐसे में उनपर कई बार बिना सलाह लिए दी गई दवा रिएक्शन कर सकती हैं। एंटीबायोटिक तो आपको कभी भी बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं देने चाहिए। वहीं, अगर बुखार 2-3 दिन तक बना रहे या अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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