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Breast Pain Kyu Hota Hai:स्तन (ब्रेस्ट) में अचानक दर्द होना कई महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह सामान्य और अस्थायी होता है। यह दर्द हल्का खिंचाव जैसा भी हो सकता है या तेज चुभन (sharp pain) जैसा भी महसूस हो सकता है। अक्सर यह हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली या हल्की सूजन के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
इसलिए इसका असल कारण जानने के लिए हमने RISAA IVF की को-फाउंडर व सीनियर गायनोकोलोजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से बात की। उनसे जाना कि ब्रेस्ट में दर्द होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और कब डॉक्टर से मिलना आवश्यक है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
महिलाओं के शरीर में मासिक धर्म(period),गर्भावस्था(pregnancy) या पेरिमेनोपॉज (perimenopause) के दौरान हार्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन)का स्तर बदलता रहता है। इस हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारणस्तन ऊतकों(breast tissues) में पानी जम सकता है, जिससे भारीपन, सूजन और खिंचाव जैसा दर्द हो सकता है। अक्सर यह दर्द मासिक धर्म के खत्म होने के बाद अपने आप कम हो जाता है। ऐसे दर्द को “चक्रवर्ती” (cyclical) दर्द कहा जाता है क्योंकि यह मासिक चक्र के साथ जुड़ा होता है।
स्तन में छोटे तरल भरे सिस्ट (fluid-filled cysts) बन सकते हैं। ये सिस्ट कभी-कभी दबाव डालने पर दर्द उत्पन्न करते हैं। फाइब्रोसिस्टिक (fibrocystic) बदलाव महिलाओं में बहुत आम है और आमतौर पर कैंसर से संबंधित नहीं होते। लेकिन अगर किसी हिस्से में गांठ (lump) महसूस हो या आकार बदलते हुए दिखाई दे, तो अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच करवाना ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह पूरी तरह सुरक्षित है।
स्तनपान (breastfeeding) कराने वाली महिलाओं में दूध की नलियां (milk ducts) कभी-कभी ब्लॉक हो जाती हैं। इससे उस हिस्से में दर्द, सूजन, लालिमा (redness) और कभी-कभी हल्का बुखार भी हो सकता है। इसे मैस्टाइटिस (mastitis) कहा जाता है। ज्यादातर मामलों में इसे एंटीबायोटिक दवा और सही देखभाल से ठीक किया जा सकता है।
कभी-कभी ब्रेस्ट पेन असल में छाती की मांसपेशियों , पसलियों या नर्व से संबंधित होता है। भारी सामान उठाना, व्यायाम में ज्यादा जोर लगाना या चोट लगना इस दर्द का कारण बन सकता है। ऐसा दर्द स्पर्श या किसी खास हरकत पर बढ़ सकता है।
कुछ दवाइयां जैसे हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव (oral contraceptives),हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी(hormone replacement therapy) या कुछ एंटीडिप्रेशन दवाइयां स्तन को अधिक संवेदनशील बना सकती हैं। अगर नई दवा शुरू करने के बाद दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
अगर स्तन में दर्द बार-बार हो, लंबे समय तक बना रहे, या इसके साथ गांठ (lump), निप्पल से स्राव (nipple discharge), त्वचा में खिंचाव या रंग में बदलाव दिखे, तो इसे हल्के में न लें। एक डॉक्टर के रूप में मैं यही सलाह दूंगी कि किसी भी प्रकार का ब्रेस्ट पेन, चाहे हल्का ही क्यों न हो, अनदेखा न करें। समय पर जांच करवाना न केवल मन की शांति देता है, बल्कि सही कारण का पता लगाकर समय पर उचित उपचार शुरू करने में भी मदद करता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।