कान और जबड़े में दर्द का कारण हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, छुटकारा पाने के लिए अपनाएं डॉक्टर से बताए ये उपाय

लोगों को यह दर्द चबाने, बोलने या मुंह खोलने पर बढ़ जाता है, जबकि कुछ को कान के अंदर भारीपन या दबाव महसूस होता है। यदि यह समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : February 28, 2026 11:11 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Sanjay Gupta

What causes pain in the ear and jaw : मेट्रो, घर पर फोन पर बात करते हुए और ऑफिस में लोग अक्सर कानों में ईयरफोन लगाकर बैठे रहते हैं। यही कारण है जब लोगों के कानों में हल्का फुल्का दर्द होता है, तो उसे सामान्य मान लिया जाता है। लेकिन कानों का दर्द जब जबड़े वाले हिस्से में पहुंच जाता है, तब यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के हेड डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि कुछ लोगों को यह दर्द चबाने, बोलने या मुंह खोलने पर बढ़ जाता है, जबकि कुछ को कान के अंदर भारीपन या दबाव महसूस होता है। यदि यह समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

Pain In Jaw And Face

कान और जबड़े में दर्द होने के प्रमुख कारण

  1. कान का इंफेक्शन- कान में बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण से दर्द जबड़े तक फैल सकता है। इससे कानों में भारीपन, दर्द, सुनने में परेशानी और बुखार जैसी समस्या हो सकती है।
  2. टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट डिसऑर्डर (TMJ)- डॉ. संजय गुप्ता बताते हैं कि जबड़े को खोपड़ी से जोड़ने वाला जोड़ (TMJ) प्रभावित होने पर कान के पास दर्द महसूस होता है। इससे व्यक्ति को मुंह खोलने में दर्द, जबड़े में जकड़न और चबाने तक में परेशानी हो सकती है।
  3. साइनस संक्रमण- कुछ लोगों में साइनस में सूजन होने पर चेहरे, जबड़े और कान में दबाव महसूस होता है। इससे सिर दर्द होना, नाक बंद रहना और चेहरे में भारीपन की समस्या होना आम बात है।
  4. गेले का संक्रमण या टॉन्सिलाइटिस- कई बार व्यक्ति को कान में दर्द की समस्या सिर्फ ईयरफोन नहीं बल्कि गेले का संक्रमण या टॉन्सिलाइटिस की वजह से भी हो सकती है। यह गले की सूजन के कारण दर्द कान और जबड़े तक फैल जाते हैं, जिससे खाना निगलने में परेशानी, गले में दर्द और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  5. मांसपेशियों में तनाव- 10 में से 8 भारतीय के कानों और जबड़े के दर्द के पीछे मांसपेशियों का तनाव होता है। ज्यादा चबाने, दांत पीसने (Bruxism) या चोट लगने से जबड़े की मांसपेशियों में तनाव आना मामूली बात है। डॉक्टर कहते हैं कि मांसपेशियों के तनाव के कारण कानों और जबड़े में दर्द की समस्या को अक्सर लोग लौंग, सौंफ जैसे घरेलू नुस्खों से ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से गलत है। मांसपेशियों के तनाव को सिर्फ डॉक्टर के इलाज द्वारा ही ठीक किया जाना चाहिए।

कान और जबड़े में दर्द होने पर डॉक्टर से कब मिलें?

डॉक्टर का कहना है कि कान और जबड़े में दर्द को कभी भी मामूली समझकर इग्नोर नहीं करना चाहिए। कान और जबड़े में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

  • कान और जबड़े में दर्द 3 से 4 दिनों से ज्यादा रहे
  • दर्द के कारण मुंह खोलने में कठिनाई हो रही हो
  • दर्द के साथ आपको कपकपी और बुखार ह
  • कान से पस या खून आए
  • सुनने में समस्या हो

कान और जबड़े के दर्द से राहत पाने के उपाय

  1. गर्म या ठंडी सिकाई- कान और जबड़े में दर्द होने पर गर्म या ठंडी सिकाई करना फायदेमंद होता है। इस प्रकार की सिकाई 10-15 मिनट तक करने से सूजन और दर्द कम हो सकता है।
  2. सॉफ्ट खाना- इस तरह के दर्द में मरीज को कठोर या ज्यादा चबाने वाले खाने से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। जहां तक संभव हो सादा सॉफ्ट (जिसे आसानी से चबाया जा सके) खाना ही खाना चाहिए।
  3. मुंह खोलने से बचें- जबड़े में दर्द की समस्या पर ज्यादा बोलने, खाना खाने के लिए मुंह खोलने और दांत पीसने की आदतों को छोड़ना चाहिए।
  4. नमक पानी से गरारे करें- कान और जबड़े के दर्द में नमक पानी से गरारे करने से राहत मिलती है।

निष्कर्ष

कान और जबड़े में दर्द कई कारणों से हो सकता है। यदि आपको कान और जबड़े में दर्द हल्का है तो घरेलू उपाय और सावधानियां राहत दे सकती हैं, लेकिन लगातार या गंभीर दर्द को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अगर आपको कान और जबड़े में लंबे समय से दर्द हो रहा है, तो विषय पर डॉक्टर से बात करें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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