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What causes hernias in unborn babies : 37 सप्ताह की प्रेग्नेंसी से पहले जन्में बच्चों को प्रीटर्म कहा जाता है। इन बच्चों में कई तरह की समस्याएं होने का खतरा रहता है, जिसमें हर्निया भी शामिल है। दरअसल, समय से पहले जन्म लेने के कारण शिशुओं में पेट की मांसपेशियों और टिश्यूज का विकास सही से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से उन्हें हर्निया होने की संभावना अधिक होती है। समय से पहले जन्मे शिशुओं में हर्निया का सबसे आम प्रकार इंगुइनल हर्निया है, जिसमें आंत या पेट के टिश्यूज का कुछ भाग ग्रोइन एरिया या कमर के किसी सॉफ्ट हिस्से में उभर आता है।
समय से पहले जन्मे शिशुओं में पेट की दीवार कमजोर होने की संभावना होती है और इसलिए वे इस स्थिति के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा रोने या अन्य क्रियाओं के दौरान पेट के अंदर दबाव बढ़ सकता है, जिसकी वजह से हर्निया हो सकता है। आइए शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं समय से पहले जन्मे शिशुओं में हर्निया होने की संभावना क्यों होती है?
पेट की मांसपेशियां कमजोर होना - समय से पहले जन्मे शिशुओं के पेट की मांसपेशियां अच्छे से विकसित नहीं हुई होती हैं, जिसकी वजह से हर्निया होने का खतरा रहता है।
पेट पर दबाव बढ़ना - रोने या मांसपेशियों पर दबाव पड़ने के कारण पेट पर भी काफी ज्यादा दबाव बढ़ने लगता है, जिसकी वजह से हर्निया बन सकता है या बिगड़ सकता है। ऐसे में अगर आपको बच्चों में हर्निया होने की संभावना लग रही है, तो समय-समय पर जांच कराएं।
एब्डोमिनल वॉल क्लोजर में देरी होना - भ्रूण के विकास के दौरान एब्डोमिनल वॉल का बंद होना जरूरी होता है, लेकिन समय से पहले जन्म लेने की वजह से प्रीटर्म बेबीज का एब्डोमिनल वॉल क्लोजर कई बार नहीं हो पाता है या फिर देरी से होता है, जिसकी वजह से हर्निया की संभावना बढ़ जाती है।
सर्जरी की आवश्यकता हर्निया के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करती है। इसके कुछ दिशानिर्देश इस तरह से हैं-
इन्ग्वाइनल हर्निया: अगर हर्निया इन्ग्वाइनल यानि शिशु की जांघ के क्षेत्र में है, तो सर्जरी आमतौर पर जल्दी करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह हर्निया जटिलताएं पैदा कर सकती है, जैसे आंतों में ब्लड फ्लो का रुकने का कारण बन सकती हैं।
नाभि हर्निया: ये प्रीटर्म बच्चों में आम होती हैं और समय के साथ अपने आप बंद हो सकती हैं। हालांकि, अगर हर्निया 1 वर्ष की आयु तक बंद नहीं होती या यह बढ़ती है या दर्दनाक हो जाती है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं।
स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया: अगर हर्निया में दर्द, लाली या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो यह स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया का संकेत हो सकता है, जिसमें तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।