
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Kamalesh A
Gum Discharge
Causes of Gum Discharge : मसूड़ों से खून निकलना काफी कॉमन है, लेकिन अगर इस जगह से पस यानि मवाद आना शुरू हो जाए, तो यह कॉमन नहीं हो सकता है। अक्सर यह परेशानी इस बात का संकेत होता है कि मसूड़ों या दांतों में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो चुका है। हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन, डॉ. कमलेश ए का कहना है कि मसूड़ों से मवाद आना एक्टिव बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत है और इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके सबसे सामान्य कारणों में आंशिक रूप से निकली अक्ल दाढ़ के आसपास संक्रमण , मसूड़ों की गंभीर बीमारी, लंबे समय तक बिना इलाज के छोड़ी गई दांतों की सड़न से बना डेंटल एब्सेस, दांत में चोट या दरार शामिल हैं।
वहीं, कमजोर इम्यूनिटी, धूम्रपान, अनियंत्रित डायबिटीज और मुंह में लार कम बनाने वाली दवाएं संक्रमण को और गंभीर बना सकती हैं। मसूड़ों में सूजन, धड़कन जैसा दर्द, मुंह से बदबू या खराब स्वाद आना, बुखार और लिम्फ नोड्स में सूजन इसके सामान्य लक्षण हैं। आइए इस विषय को लेख के जरिए विस्तार से समझते हैं-

मसूड़ों से पस आने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जो निम्न हैं-
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल एंड क्रेनियोफेशियल रिसर्च के अनुसार, मसूड़ों से पस आने का सबसे आम कारण पीरियोडोंटल डिजीज है। यह मसूड़ों का गंभीर इंफेक्शन है, जो प्लाक और टार्टर जमा होने से होता है। इसमें मसूड़ों और दांतों के बीच पॉकेट बन जाते हैं, जहां बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं और मवाद बन सकता है।
जब बैक्टीरिया दांत की जड़ तक पहुंच जाते हैं, तो वहां पस से भरी थैली बन सकती है, जिसे डेंटल एब्सेस कहा जाता है। इसमें तेज दर्द, सूजन, मुंह से बदबू और मसूड़ों से पस निकलने की शिकायत हो सकती है।
अगर नियमित रूप से ब्रश, फ्लॉस और मुंह की सफाई नहीं की जाए, तो प्लाक और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। इससे मसूड़ों में संक्रमण और मवाद बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपनी ओरल हाइजीन पर ध्यान जरूर दें।

जिन लोगों का डायबिटीज कंट्रोल में नहीं रहता है, उन लोगों में भी संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। हाई ब्लड शुगर की वजह से मसूड़ों के संक्रमण जल्दी गंभीर हो सकते हैं और पस बनने की संभावना बढ़ जाती है।
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों जैसे- कैंसर का इलाज, HIV या इम्यूनिटी कम करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों में भी मसूड़ों के संक्रमण का रिस्क अधिक होता है। ऐसी स्थिति में उनके मसूड़ों से पस आ सकता है।
मसूड़ों में अगर किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, जैसे- 
कुछ बातों पर ध्यान रखकर आप अपने मसूड़ों को सुरक्षित रख सकते हैं, जैसे-
मसूड़ों से पस आना सिर्फ एक मामूली दांत की समस्या नहीं, बल्कि गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखने पर घरेलू उपायों के भरोसे न रहें और जल्द से जल्द दंत चिकित्सक से जांच कराएं।