
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : March 3, 2023 3:01 PM IST
Early Puberty : क्या आपका बच्चा बड़ों की तरह व्यवहार करता है? क्या आपको उनके लक्षणों से महसूस हो रहा है कि आपका बच्चा समय से पहले जवान हो रहा है? अगर हां, तो यह अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपका बच्चा समय से पहले जवान हो रहा है तो यह आपके लिए एक चिंता का विषय है। साथ ही आपको उनके व्यवहार पर अधिक से अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। पिछले कुछ समय से बच्चों में अर्ली प्यूबर्टी के मामले देखे जा रहे हैं। इसकी वजह से उनके शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं समय से पहले बच्चे क्यों हो जाते हैं जवान (Early Puberty Causes) और इसके क्या हैं लक्षण?
एक उम्र के बाद बच्चों में प्यूबर्टी की शुरुआत हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ अगर प्यूबर्टी की शुरुआत हो जाए, तो यह कोई परेशानी की बात नहीं होती है। अधिकतर लड़कियों में प्यूबर्टी की शुरुआत 8-13 साल के बीच और लड़कों में प्यूबर्टी की शुरुआत 9-14 वर्ष के बीच हो जाती है।
प्यूबर्टी की शुरुआत में बच्चों को पीरियड्स आना, हाइट में बदलाव, आवाज में बदलाव और बच्चों के व्यहार में मेच्यौरीटी आती है। वहीं, इसकी हड्डियों की मजबूती भी रूक जाती है। ऐसे में अगर समय से पहले बच्चों में प्यूबर्टी की शुरुआत होने लगे, तो उनके शरीर का विकास रूक सकता है। समय से पहले प्यूबर्टी बच्चों में इमोशनल और सोशल स्ट्रेस बढ़ा सकता है।
लड़के और लड़कियों में अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण अलग-अलग होते हैं। लड़कियों में प्यूबर्टी के लक्षण ब्रेस्ट के आकार का बढ़ना, पिंपल्स होना, अंडरआर्म या प्यूबिक हेयर बढ़ना, पीरियड्स होना और ओव्यूलेशन शामिल है।
वहीं, लड़कों में टेस्टिकल्स और पेनिस के आकार का बढ़ना, चेहरे पर पिंपल्स होना, दाढ़ी आना, आवाज में बदलाव होना, अंडरआर्म्स में बाल आना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा कई ऐसे लक्षण भी हो सकते हैं, जिसपर अधिकतर माता-पिता का ध्यान नहीं जाता है।
एंडोक्राइन केमिकल
आधुनिक समय में कई बच्चे एंडोक्राइन केमिकल के संपर्क में आ रहे हैं, जिसकी वजह से बच्चे समय से पहले जवान हो रहे हैं। एंडोक्राइन एक ऐसा केमिकल है, जो फूड पैकेजिंग, शैंपू, प्लास्टिक की बोतल और लोशन इत्यादि में पाया जाता है। शरीर में इस केमिकल की मात्रा बढ़ने पर बच्चे अर्ली प्यूबर्टी का शिकार हो रहे हैं। एंडोक्राइन केमिकल शरीर में हार्मोनल प्रोसेस के साथ प्यूबर्टी की शुरुआत करने को तेज कर देते हैं।
आधुनिक समय में कई बच्चों में नींद की कमी देखी जा रही है। इसकी वजह से शरीर में हार्मोन अनबैलेंस हो जाता है। शरीर में हार्मोन असंतुलित होने से अर्ली प्यूबर्टी की शुरुआत हो सकती है। दरअसल, बेहतर नींद हमारे शरीर में हार्मोनल सिस्टम को रेगुलेट करने में मदद करती है। ऐसे में अगर पर्याप्त मात्रा में नींद न ली जाए, तो इसकी वजह से हार्मोन का स्तर असंतुलित हो सकता है।
आज के समय में अधिकतर बच्चों का झुकाव जंकफूड्स और फास्टफूड्स की ओर काफी ज्यादा बढ़ रहा है। इस तरह के खानपान की वजह से बच्चों का वजन तेजी से बढ़ता है। शरीर का वजन काफी ज्यादा बढ़ने के कारण बच्चे समय से पहले मैच्योर हो जाते हैं। दरअसल, बॉडी में अधिक फैट होने की वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसकी वजह से लड़कियों में प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी हो सकती है।
Disclaimer : अगर आप बच्चों में अर्ली प्यूबर्टी को रोकना चाहते हैं तो उनके लाइफस्टाइल में बदलाव करें। खासतौर पर खानपान और सोने की आदतों को बेहतर करें। ताकि उनमें अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण को रोका जा सके।