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Written By: Pallavi | Updated : August 12, 2022 8:01 AM IST
World Organ Donation Day 2022: विश्व अंग दान दिवस हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है। ये दिन लोगों में अंग दान को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन लोगों को मृत्यु के बाद अपने स्वस्थ अंगों को दान करने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि जिंदगी के बाद भी आप जिंदा रहें। अंग दान में हम किडनी, दिल, आंखें, फेफड़े जैसे कई अंगों का हम दान कर सकते हैं। पर बहुत से लोग इस काम को करने से बचते हैं। जबकि उन्हें समझना चाहिए कि दुनिया भर में कई लोग बस कुछ अंगों के मिल जाने से लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में अंग दान को लेकर कई भ्रामक बातें भी फैली होती हैं, जिससे लोग इस काम को करने से बचते हैं। तो, आज हम आपको अंग दान से जुड़े कई तत्थों के बारे में बताते हैं।
18 साल की आयु के बाद कोई भी स्वस्थ व्यक्ति अपनी इच्छा से अंग दान कर सकता है। बस इस दौरान ध्यान रखना होता है कि आप पूरी तरह से स्वस्थ हों। इस दौरान ये सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है कि अंग दान करने वाला व्यक्ति एचआईवी, कैंसर, किसी हृदय और फेफड़ों की बीमारी जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित नहीं हो।
टिश्यू डोनेशन एक मेडिकल प्रोसेस है जिसमें व्यक्ति अपनी आंखें, हॉर्ट वाल्व, हड्डियों के टिश्यू, लिग्मेंट्स, पेनक्रियाज और स्किन टिश्यूज का दान कर सकता है।
ऑर्गन डोनेशन में दो प्रोसेस रहते हैं। एक में ऑर्गन डोनेट करना और दूसरा इसका सही से ट्रांसप्लांटेशन। ऑर्गन डोनेशन में आप किडनी, लंग्स, हार्ट और लिवर डोनेट किया जाता है।
नेचुरल डेथ में आप टिश्यू डोनेशन कर सकते हैं। जैसे कि आप अपनी आंखें, हॉर्ट वाल्व, हड्डियों के टिश्यू, लिग्मेंट्स, पेनक्रियाज और स्किन टिश्यूज का दान कर सकते हैं।
ब्रेन डेथ में डॉक्टर स्थितियों को समझ कर ऑर्गन डोनेशन का मेडिकल प्रोसेस करते हैं। इस दौरान ब्रेन भले ही काम ना कर रहा हो लेकर शरीर के बाकी अंग जिंदा रहते हैं। इस दौरान किडनी, लंग्स, हार्ट और लिवर डोनेट किया जा सकता है।
इस दौरान ध्यान देने वाली बात ये है कि कि हार्ट अटैक आने पर अक्सर व्यक्ति के अंगों का दान नहीं हो पाता है क्योंकि अंग किसी काम के नहीं रह जाते हैं। हालांकि, इस स्थिति में स्किन डोनेशन हो सकते हैं।
तो, अगर आप टिश्यू डोनेशन और आर्गन डोनेशन दोनों का ये फर्क समझ गए हैं, तो अंग दान के बारे में एक बार जरूर सोचें। क्योंकि अंग दान, महादान है और इससे आपके जीवन के बाद भी आप किसी और की जिंदगी बचा सकते हैं। साथ ही अगर आप इस बारे में सोच रहे हैं तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें और भारत में इसके सभी प्रोसेस को समझें।