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टाइफाइड बुखार से बचने के लिए क्या करें? ये उपाय संक्रमण से कर सकते हैं बचाव

टाइफाइड, साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया की वजह से होता है। इसकी वजह से व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में यह जानलेवा हो सकता है। इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 12, 2026 6:29 PM IST

टाइफाइड बुखार एक संक्रमण है, जो साल्मोनेला टाइफी (Salmonella Typhi) नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। आमतौर पर यह बैक्टीरिया दूषित पानी और खाने में पाया जाता है और इसी के माध्यम से लोगों में टाइफाइड फैलता है। जब यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है, तो तेजी से बढ़ने लगता है और रक्त प्रवाह में फैल जाता है। यही वजह है कि धीरे-धीरे यह संक्रमण गंभीर रूप लेने लगता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2019 में दुनियाभर में लगभग 90 लाख लोगों को टाइफाइड हुआ था और 1 लाख लोगों की इसी बीमारी से जान तक चली गई थी। इसलिए इस बीमारी से बचाव के लिए आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

टाइफाइड बुखार से बचने के लिए क्या करें?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टाइफाइड बुखार उन जगहों पर ज्यादा फैलता है, जहां साफ-सफाई की कमी होती है। जहां खाने-पीने के लिए सुरक्षित खाना और पानी उपलब्ध नहीं होता है।
  • टाइफाइड बुखार से बचने के लिए आपको हाइजीन का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है। खाना खाने से पहले और टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोएं।
  • दूषित खाना और पानी पीने से बचें। टाइफाइड से बचाव के लिए उबला हुआ पानी या फिल्टर पानी का ही सेवन करें। खाना भी अच्छी तरह से पका हुआ ही खाएं।
  • टाइफाइड बुखार से बचने के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। टाइफाइड से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। लेकिन, कौन-सी वैक्सीन कब और किसे लगानी चाहिए, यह डॉक्टर तय करते हैं।

ट्रेवलिंग के दौरान टाइफाइड से बचाव कैसे करें?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यात्रा करने वाले लोगों में टाइफाइड संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिए इन लोगों को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। NHS के अनुसार, अगर आप ऐसे क्षेत्र में यात्रा कर रहे हैं, जहां टाइफाइड का खतरा ज्यादा है, तो टाइफाइड का टीका लगवाना बचाव का सबसे अच्छा उपाय हो सकता है।

  • ट्रेवल के दौरान अच्छी तरह से पका हुआ खाना खाएं। बासी खाना या स्ट्रीट फूड खाने से बचें।
  • दूध और उससे बने उत्पादों का सेवन करने से बचें। अगर दूध पीना है, तो उबला हुआ दूध ही पिएं।
  • साफ पानी पीना बहुत जरूरी है। पानी को उबलाकर पीने से आपको संक्रमण से बचाव में मदद मिल सकती है।
  • साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह और बार-बार धोएं।
  • बर्फ वाला पानी पीने से परहेज करना चाहिए।
  • फलों को अच्छी तरह से धोकर और छिलका निकालकर ही खाएं।

टाइफाइड के लक्षण क्या हैं?

  • लंबे समय तक बुखार रहना
  • थकान और कमजोरी बनी रहना
  • सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द रहना
  • पेट दर्द और मतली महसूस होना
  • कब्ज या दस्त की समस्या रहना

अधिकतर मामलों में टाइफाइड डॉक्टर की दी गई एंटीबायोटिक दवाइयों की मदद से घर पर ही ठीक हो जाता है। लेकिन, कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। अगर इसका समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है। हालांकि, आपको बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए।

Disclaimer: मानसून में टाइफाइड के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसलिए इस मौसम में टाइफाइड बुखार या संक्रमण से बचने के लिए आपको अपने खान-पान और हाइजीन का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। वहीं, अगर टाइफाइड का कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से भी कंसल्ट करें और इलाज शुरू कराएं।