
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : October 16, 2023 12:21 PM IST
Exam Stress Symptoms In Children: जल्द ही बच्चों के एग्जाम आने वाले हैं। ऐसे में कई बच्चे एग्जाम की जोरों-शोरों से तैयारी कर रहे होंगे। इन तैयारियों के बीच कई बार बच्चों का स्ट्रेस बढ़ जाता है। उनके मन में सिलेबस पूरा न होने का डर सताता रहता है। वहीं, अच्छे रिजल्ट से लेकर आगे की चिंता सता रही होती है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। साथ ही उन्हें पढ़ाई करने में ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। बच्चों पर एग्जाम का स्ट्रेस असर न सिर्फ मानसिक रूप से पड़ता है, बल्कि इसका असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को अपने बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। एग्जाम स्ट्रेस के लक्षण कई तरह के हो सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों में एग्जाम स्ट्रेस के क्या हैं (Exam Stress Symptoms In Children) लक्षण?
परीक्षा नजदीक आने की वजह से कई बच्चों के मन पर असर पड़ता है, जो धीरे-धीरे स्ट्रेस का रूप धारण कर सकता है। आइए जानते हैं बच्चों में एग्जाम स्ट्रेस का क्या है (Exam Stress ke Lakshan) लक्षण?
एग्जाम स्ट्रेस की वजह से बच्चों के व्यवहार में अचानक से बदलाव नजर आने लग सकता है। खासतौर पर जब बच्चे का एग्जाम नजदीक होता है, तो वे काफी ज्यादा मायूस और शांत हो जाते हैं। उन्हें दूसरों से बात करना समय की बर्बादी लगती है। साथ ही वे हंसना भी बंद कर देते हैं। अगर आपका बच्चा भी इस तरह का व्यवहार कर रहा है तो समझ जाएं कि आपका बच्चा एग्जाम स्ट्रेस से जूझ रहा है। ऐसे में आपको तुरंत उनसे बात करने की जरूरत है। साथ ही उनके स्ट्रेस को दूर करने की जरूरत है।
एग्जाम स्ट्रेस की वजह से बच्चे अपने खानपान पर भी ध्यान नहीं देते हैं। कुछ बच्चे एग्जाम नजदीक आने पर खाना-पानी कम कर देते हैं। वहीं, कुछ बच्चे अचानक से बहुत अधिक खाने लगते हैं। अगर आपके बच्चे के व्यवहार में इस तरह का बदलाव नजर आ रहा है, तो समझ जाएं कि वे स्ट्रेस में हैं। ऐसे में आपको उनके साथ कुछ समय बातचीत करने की जरूरत है।
एग्जाम के समय अच्छी और गहरी नींद जरूरी होता है, लेकिन कुछ बच्चे एग्जाम स्ट्रेस की वजह से अच्छी तरह सो नहीं पाते हैं। इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। एग्जाम के स्ट्रेस की वजह से वे रातभर बेचैन रहते हैं। अगर आपके बच्चों को भी परीक्षा के दौरान नींद नहीं आ रही है, तो ऐसे में आप बीच-बीच में उन्हें जागकर सोने के लिए कहें या फिर आप उनकी नींद को लाने में मदद करें।
एग्जाम के तनाव की वजह से बच्चों में चिड़चिड़ापन काफी ज्यादा बढ़ जाता है। कुछ बच्चों को इसकी वजह से बात-बात पर गुस्सा आने लगता है। अगर आपका बच्चा भी बार-बार चिड़ रहा है, तो ऐसे में उन्हें डांटने या फिर मारने के बजाय उन्हें समझाएं और स्ट्रेस से बाहर निकालने की कोशिश करें।
कुछ बच्चों को परीक्षा का तनाव इतना अधिक रहता है कि वे दिनभर सिर्फ पढ़ाई करते हैं। ऐसा करने से उनका तनाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में आप अपने बच्चों को बीच-बीच में रेस्ट करने के लिए कहें। साथ ही उन्हें सही तरीके से मार्गदर्शन कराएं, ताकि उनके अंदर परीक्षा के डर या फिर स्ट्रेस को कम किया जा सके।
बच्चों के मन में एग्जाम के स्ट्रेस को दूर करने के लिए माता-पिता को उनकी मदद करनी चाहिए। अगर आपका बच्चा भी एग्जाम स्ट्रेस से जूझ रहे हैं, तो आप इन लक्षणों से इसकी पहचान करें, ताकि आप उनका स्ट्रेस दूर कर सकें।