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दिमाग से बहुत थक गए हैं या कोई फैसला लेने का मन नहीं है? साइकोलॉजिस्ट से जानें ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे निपटें

Dimag Ki Thakan Ko Kam Karne Ka Tarika: क्या आप भी बहुत थका-थका फील कर रहे हैं, कुछ भी करने या फैसला लेने का मन नहीं कर रहा है? अगर हां तो इसे डिसीजन फटीग कहा जाता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

दिमाग से बहुत थक गए हैं या कोई फैसला लेने का मन नहीं है? साइकोलॉजिस्ट से जानें ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे निपटें
Decision Fatigue
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Malini Saba

Written by Vidya Sharma |Updated : April 8, 2026 11:19 AM IST

Dimag Ki Thakan Se Kaise Nipte: हमारे साथ ऐसा कई बात होता है कि शरीर के साथ-साथ हम दिमाग से भी थक जाते हैं। यह वह स्थिति होती है जब हम किसी भी तरह का फैसला लेने में असमर्थ हो जाते हैं या हमारा बिल्कुल भी मन नहीं करता है। साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानव अधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा बताती हैं कि ‘आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम दिन भर छोटे-बड़े फैसले लेते रहते हैं जैस- ‘नाश्ते में क्या खाएं? क्या पहनना है?, किस काम को प्राथमिकता देनी है?, किसे जवाब देना है?’ से लेकर ‘ऑफिस के प्रोजेक्ट को कैसे हैंडल करें?’ आदि-आदि।

धीरे-धीरे यही सब चीजें हमारी दिमाग की एनर्जी को खर्च कर देती है। और जब यह एनर्जी खत्म होने लगती है तो हम डिसीजन फटीग (Decision Fatigue) या निर्णय की थकान का अनुभव करते हैं। यानी कि अब आप समझ गए होंगे कि डिसीजन फटीग एक तरह से वह थकान है जो हमें निर्णय लेने, लगातार बहुत सारे मानसिक विकल्प और फैसले चुनने के बाद मानसिक व भावनात्मक रूप से होती है। आइए हम इसके बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं और यह भी जानेंगे कि आखिर इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है।

पहले जानें डिसीजन फटीग के प्रमुख संकेत क्या हैं?

डॉक्टर मालिनी हमें बताती हैं कि अगर आप नीचे दिए गए डिसीजन फटीग के लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो संभव है कि आप इस स्थिति से गुजर रहे हों-

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छोटी-छोटी बातों में उलझन

साधारण फैसले भी मुश्किल लगने लगते हैं, जैसे क्या खाना है या कौन-सा काम पहले करना है।

टालमटोल (Procrastination)

फैसले लेने से बचने के लिए हम कामों को टालने लगते हैं।

जल्दबाजी में निर्णय लेना

थकान के कारण हम बिना सोचे-समझे जल्दी निर्णय लेने लगते हैं, जो बाद में गलत साबित हो सकते हैं।

चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव

बार-बार निर्णय लेने से मानसिक दबाव बढ़ता है, जिससे मूड खराब रहने लगता है।

आत्म-नियंत्रण में कमी

जैसे-अनहेल्दी खाना खाना, जरूरत से ज्यादा खर्च करना या समय का गलत उपयोग करना

निर्णय थकान क्यों होती है?

  • दिनभर बहुत सारे विकल्पों का सामना करना
  • लगातार जिम्मेदारियां और काम का दबाव
  • पर्याप्त आराम और नींद की कमी
  • हर निर्णय को परफेक्ट बनाने का दबाव

इससे कैसे निपटें?

प्राथमिकताएं तय करें

हमारी इच्छा शक्ति (Will Power) सुबह सबसे अधिक होती है। सबसे जरूरी फैसलों को दिन के शुरुआत में लें, जब आपका दिमाग सबसे ताजा होता है। जैसे-जैसे दिन ढलता है, दिमाग थकने लगता है, इसलिए शाम के लिए आसान काम रखें।

ऑटोपायलट पर डालें

फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग या स्टीव जॉब्स जैसे सफल लोग रोज एक ही तरह के कपड़े क्यों पहनते थे? ताकि उन्हें सुबह उठकर ‘आज क्या पहनूं’ जैसा छोटा निर्णय न लेना पड़े। हर छोटी चीज के लिए नया निर्णय लेने की बजाय एक तय दिनचर्या रखें-जैसे कपड़े, भोजन या काम का समय।

विकल्प कम करें

कम विकल्प होने से निर्णय लेना आसान हो जाता है। उदाहरण- सीमित कपड़ों या भोजन के विकल्प।

ब्रेक लें और आराम करें

थका हुआ दिमाग कभी सही फैसला नहीं ले सकता। दिन के बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। यह मानसिक ऊर्जा को रीचार्ज करता है।

महत्वपूर्ण निर्णयों को सीमित रखें

हर दिन केवल कुछ ही महत्वपूर्ण फैसले लें और बाकी को सरल या ऑटोमेट करें।

खुद पर दबाव कम करें

हर निर्णय सही होना जरूरी नहीं है। कभी-कभी ‘पर्याप्त अच्छा’ (good enough) भी ठीक होता है। साथ ही मदद लेने में न हिचकिचाएं। अगर आप किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो छोटे फैसलों की जिम्मेदारी दूसरों को सौंपें (Delegate)। हर चीज को खुद कंट्रोल करने की कोशिश थकान को न्योता देती है।

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Highlights

  • निर्णय लेना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी अधिकता हमें थका सकती है। 
  • अगर आप सचेत रूप से छोटे और अनावश्यक निर्णयों को कम करेंगे, तो आप जीवन के बड़े और महत्वपूर्ण मोड़ पर बेहतर फैसले ले पाएंगे।
  • याद रखें, हर निर्णय महत्वपूर्ण नहीं होता, लेकिन आपका मानसिक संतुलन जरूरी है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।