
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : March 13, 2023 6:35 PM IST
Conditions Linked to Stress : अगर आप अपने दिमाग को शांत रखते हैं, तो आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। वहीं, जो काफी ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं, उन्हें कई तरह की समस्याएं होती हैं। जी हां, यह बात शायद आपको पहले से ही मालूम हो कि ज्यादा स्ट्रेस लेने वाले कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। इसमें न सिर्फ मानसिक समस्याएं होती हैं, बल्कि कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी होती हैं। इस विषय पर जानकारी के लिए गुरुग्राम स्थित मैक्स हॉस्पिटल की कंसल्टेंट काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक विशाखा भल्ला से बातचीत की है। आइए जानते हैं स्ट्रेस के कारण किन बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है।
विशाखा भल्ला बताती हैं कि अचानक पारस्परिक समस्याएं, कार्य जीवन में असंतुलन या वित्तीय समस्याओं के कारण मानसिक थकान बढ़ता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को स्ट्रेस होने लगती है। अगर आप लंबे समय तक स्ट्रेस से जूझ रहे हैं, तो इसकी वजह से आपको अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। ऐसे में कोशिश करें कि रात को सोने से पहले अपने जीवन की चिंताओं और तनाव को भूलकर सोएं। ताकि इसका असर आपके स्वास्थ्य पर न पड़े।
लंबे समय तक स्ट्रेस के कारण व्यक्ति को पोस्ट ट्रॉमाटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर भी हो सकता है। इससे कई तरह की शारीरिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ता है। अधिक समय तक तनाव में रहने की वजह से व्यक्ति के मन में कई तरह के गलत विचार भी आते हैं।
लंबे समय तक तनाव में रहने से दिमाग में कोर्टिसोल जैसे अस्वास्थ्यकर और खराब हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। यह शरीर को आसानी से सतर्क होने और छोटे से छोटे जोखिम के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। ऐसे में व्यक्ति सिर्फ नकारात्मकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसकी वजह से वह काफी ज्यादा डिप्रेश फील करता है।
अगर आप लगातार 1 महीने से स्ट्रेस से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से आपको सिरदर्द भी हो रहा है, तो य़ह सिरदर्द आगे चलकर माइग्रेन का रूप धारण कर सकती है। मनोवैज्ञानिक का कहना है कि आपकी दिनचर्या में अचानक परिवर्तन के साथ-साथ दैनिक जीवन तनावपूर्ण होने की वजह से यह न सिर्फ आपको अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं, बल्कि प्रत्यक्ष रूप से आपके शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं।
स्ट्रेस में रहने वाले लोग कई तरह की खराब आदतों जैसे- शराब पीना, धूम्रपान, सुस्ती इत्यादि के शिकार हो जाते हैं। इस तरह की जीवनशैली ब्लड में शुगर के स्तर को बढ़ाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ा सकती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा हो सकता है।
अगर आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो स्ट्रेस को दूर करें। ताकि आप एक खुशहाल और हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकें। इसके लिए आपको अपने आसपास के माहौल को बदलने की जरूरत है। साथ ही खानपान और लाइफस्टाइल में भी बदलाव की जरूरत होती है।