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International Women’s Day: महिलाओं के लिए अपनी सेहत को नजरअंदाज करना पड़ता है भारी, इसलिए बढ़ रहा है कैंसर का खतरा

भारतीय समाज में महिलाएं परिवार की सबसे मजबूत नींव होती हैं, लेकिन दूसरों की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते वे अक्सर अपनी सेहत को सबसे आखिर में रख देती हैं। इस International Women's Day के अवसर पर यह सोच बदलने की जरूरत है।

Written By Dr. Akshat Malik
Published : March 8, 2026 8:29 AM IST

हर सुबह जब दुनिया सो रही होती है, तब एक भारतीय महिला अपने दिन की शुरुआत कर चुकी होती है। वह घर के काम संभालती है, बच्चों की जिम्मेदारी निभाती है, परिवार का ध्यान रखती है और साथ ही अपने करियर को भी संतुलित करने की कोशिश करती है।

वह हर किसी से पूछती है - आप ठीक हैं?”लेकिन अक्सर एक सवाल उससे कोई नहीं पूछता - क्या आप खुद ठीक हैं?

भारतीय समाज में महिलाएं परिवार की सबसे मजबूत नींव होती हैं, लेकिन दूसरों की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते वे अक्सर अपनी सेहत को सबसे आखिर में रख देती हैं। इस International Women's Day के अवसर पर यह सोच बदलने की जरूरत है। महिलाओं की सेहत केवल उनका निजी मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ विषय है।

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भारतीय महिलाओं के लिए बढ़ता कैंसर का खतरा

आज भारतीय महिलाओं के सामने सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक कैंसर है। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई प्रकार के कैंसर कम उम्र में ही महिलाओं को प्रभावित कर रहे हैं , खासकर 30 और 40 की उम्र में, जब वे अपने जीवन के सबसे सक्रिय और महत्वपूर्ण दौर में होती हैं।

1. ब्रेस्ट कैंसर

भारत में महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है Breast Cancer। पहले यह बीमारी ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में देखी जाती थी, लेकिन अब इसके मामले कम उम्र की महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

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स्तन कैंसर के कुछ शुरुआती संकेत हो सकते हैं:

  1. स्तन में गांठ महसूस होना
  2. स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव
  3. निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज
  4. स्तन में लगातार दर्द

इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

2. सर्वाइकल कैंसर

Cervical Cancer एक ऐसा कैंसर है जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके बावजूद हर साल हजारों महिलाओं की जान इस बीमारी से चली जाती है। इसका मुख्य कारण चिकित्सा सुविधाओं की कमी नहीं बल्कि जागरूकता की कमी है। इस कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में पैप स्मीयर टेस्ट या HPV टेस्ट के जरिए की जा सकती है।

सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण

इसका कारण यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते और अक्सर यह बीमारी तब पता चलती है जब यह काफी आगे बढ़ चुकी होती है। सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैः

  1. पेट में लगातार सूजन
  2. जल्दी पेट भर जाना
  3. पेल्विक दर्द
  4. बार-बार पेशाब आने की समस्या

3. थायराइड कैंसर

महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा एक और कैंसर है Thyroid Cancer। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में लगभग तीन गुना अधिक पाया जाता है।

थायराइड कैंसर के सामान्य लक्षणों में शामिल हैः

  1. गर्दन में गांठ या सूजन
  2. आवाज का भारी होना
  3. निगलने में परेशानी
  4. गले में लगातार दर्द

यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज काफी प्रभावी हो सकता है।

सही लाइफस्टाइल से भी कम होता हैं कैंसर का खतरा

कैंसर की रोकथाम केवल अस्पताल में नहीं बल्कि हमारे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे फैसलों से भी शुरू होती है। किसी भी प्रकार के कैंसर से बचाव करने के लिए महिलाओं नीचे बताई गई बातों को फॉलो कर सकती हैं।

शराब और तंबाकू से दूरी बनाकर ही रखें

रोजाना 15 से 30 मिनट तक एक्सरसाइज करें

संतुलित और पोषण युक्त आहार का सेवन करें।

शरीर का वजन संतुलित करने की कोशिश करें।

कॉफी और अन्य कैफीन युक्त ड्रिंक का सेवन सीमित मात्रा में करें।

एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज की नींव है। एक महिला केवल अपने परिवार की देखभाल नहीं करती, बल्कि वह पूरे समाज की ताकत होती है। इसलिए यह जरूरी है कि महिलाएं अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। इस International Women's Day पर आइए एक महत्वपूर्ण संदेश फैलाएं:अपनी सेहत का ख्याल रखना स्वार्थ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। जब महिलाएं स्वस्थ होंगी, तभी परिवार और समाज भी स्वस्थ रहेंगे।