
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 20, 2026 9:51 AM IST
इबोला घातक संक्रमण है।
इबोला को ग्लोबल इमरजेंसी घोषित करने के बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इबोला पर चिंता जाहिर कर रहा है। इबोला का नया स्ट्रेन बुंडीबुग्यो जितनी तेजी और तादात में फैल रहा है इससे अभी तक यही समझ आ रहा है कि यह वायरस बहुत ज्यादा नुकसान कर सकता है। अफ्रीका का कांगो शहर, वही कांगो जहां से इस वायरस की शुरुआत भी हुई है, वहां अब तक 500 से ज्यादा लोगों में इस वायरस के होने का शक है और करीब 134 लोगों की मौत हो चुकी है। एक्सपर्ट की चिंता इस बात को लेकर ज्यादा है कि आने वाले समय में इबोला का कोई और नया स्ट्रेन न आ जाए! क्योंकि बुंडीबुग्यो स्ट्रेन का भी हफ्तों तक पता नहीं चल पाया था। शुरुआत में अधिकारियों ने इबोला के अधिक सामान्य प्रकार के लिए टेस्ट किए और सभी परिणाम नकारात्मक आए। बता दें कि अभी तक बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए कोई वैक्सीन या दवा नहीं है।
नहीं। WHO और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इबोला वायरस कोरोना की तरह नहीं फैलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यह कोरोना की तरह हवा से नहीं फैलता। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, इबोला वायरस, कोरोना की तरह नहीं फैलेगा।
इबोला की शुरुआत मुख्य रूप से कांगो देश से हुई है। यही से यह वायरस युगांडा पहुंचा है। यानि कि कांगो से आए संक्रमित यात्रियों के जरिए यह वायरस युगांडा पहुचा और राजधानी कम्पाला में मामलों की पुष्टि हुई है। इन 2 देशों के अलावा फिलहाल इस वायरस के मामले और किसी देश में नहीं मिले हैं। हालांकि पड़ोसी देशों जैसे दक्षिण सूडान और रवांडा को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको कोई खास लक्षण महसूस हो तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।