मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? ना करें इन 5 संकेतों की अनदेखी

Muh Ka Cancer: कई बार हम मुंह में छाले या दांत से कटने जैसी शिकायतें करते हैं, लेकिन किसी को भी ये नहीं पता है कि थोड़ी भी अनदेखी मुंह के कैंसर का कारण बन सकती है। कैसे? आइए आपको बताते हैं डॉक्टर का क्या कहना है।

मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? ना करें इन 5 संकेतों की अनदेखी

Written by Vidya Sharma |Published : August 30, 2025 10:20 PM IST

Oral Cancer: कैंसर कहीं भी हो सकता है, लेकिन आमतौर पर लोग ब्रेस्ट या फिर लंग्स कैंसर के बारे में ही जानकारी होती हैं। इनके बारे में भी उन्हें पूरी तरह से नहीं पता है तो ऐसे में कम किसी से मुंह के कैंसर को लेकर जागरूक रहने की बात कैसे कर सकते हैं? सबसे पहले जरूरी है कि लोगों तक मुंह के कैंसर यानी कि ओरल कैंसर की जानकारी पहुंचाई जाए, वो भी डॉक्टर द्वारा साझा की गई जानकारी। ये पुख्ता होती हैं और भरोसेमंद भी। इसलिए हमने एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल के हेड और नेक कैंसर सर्जनडॉक्टर अमित चक्रवर्ती से बात की। उनसे पूछा कि “मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या है? जिन्हें किसी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।"

इस विषय पर उन्होंने खुलकर बात की और बताया कि "मुंह का कैंसर (Oral cancer) भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाले कैंसर में से एक है। यह अक्सर तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी, शराब के सेवन, दांतों की सही देखभाल न करने और कुछ मामलों में, एचपीवी जैसे वायरल संक्रमण से जुड़ा हुआ है। इस बीमारी की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि लोग अक्सर इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह छोटी-मोटी मुंह की समस्याएं हैं। हालांकि, अगर समय पर इसकी पहचान हो जाए, तो इलाज और पूरी तरह ठीक होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।" आइए हम और विस्तार से जानें कि डॉक्टर अमित में कौन सी 5 बातों के बारे में बताया है, जिन्हें किसी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. लगातार रहने वाले मुंह के छाले (Persistent Mouth Ulcers)

मुंह के छाले होना सामान्य है, लेकिन अगर कोई छाला दो से तीन हफ्तों के इलाज के बाद भी ठीक न हो, तो यह मुंह के कैंसर का शुरुआती लक्षणहो सकता है। ये छाले शुरुआत में अक्सर दर्द रहित होते हैं, यही वजह है कि बहुत से लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। अगर आपके मुंह में कोई घाव या छाला बार-बार हो रहा है या ठीक नहीं हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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  1. मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच (White or Red Patches Inside the Mouth)

मुंह के अंदर, जीभ पर या गालों के अंदर की तरफ सफेद, मोटा पैच (ल्यूकोप्लाकिया) या लाल पैच (एरिथ्रोप्लेकिया) होना कैंसर से पहले की स्थितिहो सकती है। ये पैच आमतौर पर दर्द रहित होते हैं लेकिन समय के साथ कैंसर में बदल सकते हैं। कोई भी अजीब-सा रंग जो दूर नहीं हो रहा है, उसे किसी विशेषज्ञ से जरूर दिखाना चाहिए।

  1. चबाने, निगलने या बोलने में तकलीफ (Chewing, Swallowing, or Speaking Problems)

मुंह के कैंसरसे जबड़े या जीभ में कड़ापन आ सकता है, जिससे खाना चबाना, तरल पदार्थ निगलना या शब्दों का साफ उच्चारण करना मुश्किल हो जाता है। अगर आपको लगातार खिंचाव, जलन या जीभ या जबड़े को हिलाने में असमर्थता महसूस हो, तो यह एक चेतावनी भरा लक्षण हो सकता है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. मुंह में गांठ या सूजन (Lump or Thickening in the Mouth)

अगर आपको मुंह के अंदर, मसूड़ों में या गर्दन में कोई गांठ, सूजन या मोटापन महसूस हो जो समय के साथ ठीक न हो, तो यह असामान्य कोशिकाओं के बढ़ने का संकेत हो सकता है। मुंह का कैंसर कभी-कभी आस-पास के लिम्फ नोड्स (lymph nodes) तक फैल जाता है, जिससे गर्दन में सूजन आ जाती है। एक दर्द रहित गांठ जिसमें लगातार सूजन बनी रहे, उसकी डॉक्टरी जांच करवानी चाहिए।

  1. सुन्न होना या बिना वजह खून आना (Numbness or Unaccounted Bleeding)

मुंह या मसूड़ों से बिना किसी कारण अचानक खून आना, या होंठ, जीभ या मुंह के किसी भी हिस्से का सुन्न होना, मुंह के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ये बदलाव ऊतकों (tissues) के क्षतिग्रस्त होने का संकेत देते हैं और इनके लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण दो हफ़्तों से ज़्यादा समय तक महसूस हों, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। एक साधारण मौखिक जांच से या तो एक दंत चिकित्सक (dentist) या ऑन्कोलॉजिस्ट (oncologist) द्वारा शुरुआती पहचान की जा सकती है। कुछ मामलों में, पुष्टि के लिए बायोप्सी या इमेजिंग टेस्ट का सुझाव दिया जा सकता है।

बचाव के कुछ सुझाव

  • किसी भी रूप में तंबाकू (धूम्रपान और चबाने वाला) का सेवन न करें।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • मुंह की अच्छी स्वच्छता बनाए रखें और नियमित रूप से दांतों की जांच करवाएं।
  • फल और सब्जियां खाएं।
  • ज़रूरत पड़ने पर एचपीवी (HPV) का टीका लगवाएं।

निष्कर्ष

अगर मुंह के कैंसर का पता शुरुआती चरण में लग जाए तो इसका इलाज और रोकथाम संभव है। चेतावनी भरे संकेतों को नजरअंदाज करने से बीमारी बिना पता चले बढ़ती रहती है। अगर आपको या आपके किसी प्रियजन में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत किसी स्वास्थ्य पेशेवर से मिलें।

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Highlights

  • मुंह का कैंसर दिखने में आम होता है।
  • ओरल कैंसर में चबाने, निगलने या बोलने में तकलीफ होती है।
  • ओरल कैंसर के लक्षण दिखते ही डॉक्टर के पास जाएं।

FAQs

पेट का कैंसर किन लोगों में ज्यादा होता है?

50 साल से ऊपर और धूम्रपान या शराब का सेवन करने वाले लोगों में पेट के कैंसर का जोखिम ज्यादा रहता है।

ब्रेस्ट कैंसर कैसे शुरू होता है?

ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआत स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि से होती है।

गॉलब्लैडर में कैंसर के लक्षण क्या हैं?

पेट में दर्द, उल्टी, अचानक से वजन कम हो जाना.खाने के बाद पेट में भारीपन और पेट फूलने जैसी समस्याएं पित्ताशय या गॉलब्लैडर में कैंसर के लक्षण हो सकता है।

क्या धूम्रपान किए बिना भी लंग कैंसर हो सकता है?

हां, धूम्रपान किए बिना भी लंग कैंसर होना संभव है। पैसिव स्मोकिंग, वायु प्रदूषण, रेडॉन गैस, फैमिली हिस्ट्री या कार्यस्थल पर जहरीले पदार्थों का संपर्क भी फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है।