
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : April 17, 2026 12:55 PM IST
Medically Verified By: Dr. Suraj Goyanka
Hemophilia
Hemophilia Kya Hota Hai Or Iske Lakshan: हम सभी को कभी न कभी छोटी-मोटी चोट लगती है, थोड़ा खून बहता है और फिर अपने आप रुक जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर यह खून रुकना बंद ही न हो तो क्या होगा? ऐसा कई लोगों के साथ होता भी है जब उन्हें हल्की सी चोट लगती है और घंटों तक खून बहता रहता है। हीमोफीलिया एक ऐसी ही दुर्लभ और गंभीर स्थिति है, जिसे अक्सर लोग 'रॉयल डिजीज' के नाम से भी जानते हैं।
टीजीएच ओन्को लाइफ कैंसर सेंटर, तालेगांव के कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टर सूरज गोयनका बताते हैं कि यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है जिसमें शरीर में खून का थक्का (Clot) बनने की क्षमता कम हो जाती है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य लगते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। आइए जानते हैं हीमोफिलिया के वो शुरुआती संकेत, जिन्हें आपको भूलकर भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। आइए हम इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
सरल भाषा में कहें तो, हमारे खून में कुछ क्लॉटिंग फैक्टर होते हैं जो चोट लगने पर जाली बनाकर खून को बहने से रोकते हैं। हीमोफिलिया के मरीजों में इन फैक्टर्स (आमतौर पर Factor VIII या IX) की कमी होती है। नतीजा? मामूली खरोंच भी बड़ी मुसीबत बन सकती है।
बच्चे खेलते समय गिरते ही रहते हैं, लेकिन अगर आपके बच्चे के शरीर पर बिना किसी बड़ी चोट के बड़े-बड़े नीले या काले निशान (Bruises) दिखाई दे रहे हैं, तो यह हीमोफीलिया का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसे 'Lumpy Bruises' भी कहते हैं।
क्या एक छोटे से कट या सुई चुभने के बाद भी खून काफी देर तक बहता रहता है? या फिर खून रुकने के बाद दोबारा बहना शुरू हो जाता है? यह हीमोफिलिया का सबसे स्पष्ट संकेत है।
बिना किसी वजह के बार-बार नाक से खून बहना (Epistaxis) या ब्रश करते समय मसूड़ों से भारी ब्लीडिंग होना चिंता का विषय हो सकता है।
यह हीमोफिलिया का एक 'छिपा हुआ' और गंभीर लक्षण है। शरीर के अंदरूनी हिस्सों, जैसे घुटनों, कोहनियों या टखनों (Ankles) के जोड़ों में ब्लीडिंग होने लगती है। अगर बच्चा जोड़ों में जकड़न या बिना वजह सूजन की शिकायत करे, तो इसे साधारण दर्द समझ कर टालें नहीं।
अक्सर शिशुओं में इस बीमारी का पता तब चलता है जब वैक्सीन लगने के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर लंबे समय तक ब्लीडिंग होती है या वहां गांठ बन जाती है।
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो बिना एक पल गंवाए अस्पताल भागें-
हीमोफिलिया को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे रिप्लेसमेंट थेरेपी के जरिए बहुत अच्छे से मैनेज किया जा सकता है। इसमें मरीज को मिसिंग क्लॉटिंग फैक्टर दिए जाते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।