Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
Fix Sleep Schedule : कहा जाता है कि हेल्दी रहने के लिए 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी होता है। अन्यथा इसके सेहत पर बुरे प्रभाव पड़ने लगते हैं। हालांकि, कई बार 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपने महसूस किया होगा कि थकान सी लगती रहती है और आलस्य बना रहता है। ऐसा आपके द्वारा की जाने वाली एक गलती के कारण हो सकता है। दरअसल, सेहत के लिए न सिर्फ पर्याप्त नींद बल्कि समय पर सोना व जागना भी होता है। अगर आपका यह रूटीन खराब है, तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो सोने का एक निश्चित समय होना चाहिए। अगर आप नियमित रूप से एक ही समय पर सोते और जागते हैं, तो इससे शरीर तरोताजा और एक्टिव रहता है। वहीं, अगर आप रात को काफी देर से सोते हैं, तो इससे आपका शरीर खराब हो सकता है। लेट सोने और लेट जगने की वजह से शरीर की थकान नहीं मिटती है। सोने और जागने की यह अनियमितता हार्मोन्स के बैलेंस को बिगाड़ता है, साथ ही मांसपेशियों की मरम्मत भी अच्छे से नहीं हो पाती है। इसलिए अपने सोने का समय फिक्स जरूर करें।
जो लोग अनियमित रूप से हर दिन अलग-अलग समय पर सोते व जागते हैं, उन्हें अच्छी नींद न आने की समस्या हो जाती है। इससे बॉडी हमेशा थकी हुई ही महसूस करती है।
खराब नींद, सोने का फिक्स टाइम न होने की वजह से मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होता है, जिसकी वजह से वजन के बढ़ने की समस्या भी हो सकती है। नींद के खराब पैटर्न व रूटीन से भूख भी प्रभावित होती है।
समय पर न सोने के रूटीन की वजह से सार्केडियन रिदम खराब होती है। इससे मेलाटोनिन, कोर्टिसोल और इंसुलिन जैसे हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ने लगता है।
जिन लोगों का स्लीप पैटर्न खराब होता है, इससे उनकी मेंटल हेल्थ भी काफी प्रभावित होती है। उन्हें हमेशा चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और फोकस की कमी की समस्या से जूझना पड़ता है।
अगर आप 8 घंटे की नींद के बाद भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो आपको अपने सोने के समय को फिक्स करना होगा। यदि आपका स्लीपिंग रूटीन फिक्स हो गया, तो आप पूरे दिन एनर्जेटिक और एक्टिव फील करेंगे। सोने का समय फिक्स करने के लिए, आप निम्न टिप्स फॉलो कर सकते हैं, जैसे-