RO के पानी के फायदे तो सबको पता है लेकिन लंबे समय से पी रहे हैं तो इससे होने वाली दिक्कत जानते हैं आप?

RO ka Pani Peene ke Nuksan: पानी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सही पानी पीना भी है। आजकल लोग RO का पानी पीते हैं, लेकिन क्या है स्वास्थ्य के लिए सही होता है? इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 3, 2026 5:29 PM IST

RO Water Drinking Disadvantages: किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में गैस, बर्तन और पानी शामिल हैं। ये हमारी रोजमर्रा की जरूरतें हैं, लेकिन आज के समय कोई भी चीज प्रदूषण से अछूती नहीं रहीं, खासकर पानी। ऐसे में आरओ आज के समय की सबसे पहली जरूरत बन गया है। आरओ मशीन में पानी को एक विशेष मेम्ब्रेन से गुजरना होता है, जो उसमें मौजूद अशुद्धियों, बैक्टीरिया, वायरस जैसे हानिकारक केमिकल्स को अलग कर देता है। इसके बाद आप इसका सेवन आराम से कर सकते हैं, आपने भी यही सोचा ना? आपको भी लगता है ना आरओ से गुजरने के बाद पानी बिल्कुल साफ और सुरक्षित हो जाता है? लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक अगर आप आरओ के पानी का सेवन करते रहे तो यह आपके लिए नुकसानदायक साबित होता है? नहीं तो आइए आज हम आपको इस आरओ और उससे निकले पानी से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हैं।

जरूरी मिनरल्स की कमी

शरीर में मिनरल की कमी होने पर कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है। कई रिसर्चों में पाया गया है कि RO अपनी प्रक्रिया के दौरान न केवल गंदगी को बाहर निकाल देता है, बल्कि पानी में मौजूद जरूरी मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम को भी खत्म कर देता है। पानी में मौजूद ये मिनरल्स हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर आप लंबे समय तक आरओ के पानी का सेवन करते हैं तो यह तत्व कभी आपके शरीर तक पहुंच ही नहीं पाते, जिससे शरीर में मिनरल्स की कमी हो जाती है। साथ ही शरीर में इन तत्वों की कमी अक्सर हड्डियों को कमजोर कर सकती है, थकान बढ़ा सकती है और मांसपेशियों में कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

शरीर का पीएच बैलेंस बिगड़ना

आरओ का पीएच लेवल अक्सर हल्का अम्लीय होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरओ की प्रक्रिया के बाद पानी में से प्राकृतिक क्षारीय तत्व निकल जाते हैं और वह अम्लीय हो जाता है। ऐसे में लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से शरीर का पीएच संतुलन बिगड़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसका असर आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है, जिससे आपको एसिडिटी, गैस या पेट से जुड़ी समस्याएं आदि होने लगती हैं।

(और पढ़ें - बार-बार एसिडिटी होने के कारण)

यह बन जाता ‘डेड वाटर’

आरओ के पानी को कई विशेषज्ञ 'डेड वाटर' भी कहते हैं। इसका कारण तो वैसे ही आप समझ गए होंगे, क्योंकि इसमें कोई प्राकृतिक, जीवंत तत्व और पोषकता नहीं रह जाते हैं। माना जाए तो यह सिर्फ एक साफ पानी है, जिसमें शरीर को देने के लिए कोई अतिरिक्त पोषण तत्व नहीं है। हालांकि इससे शरीर कों हाइड्रेशन तो मिल जाती है, लेकिन वह लाभ नहीं मिल पाते, जो प्राकृतिक मिनरल युक्त पानी से मिलने चाहिए।

पीना है या नहीं?

अब आपके मन में सवाल होगा कि आरओ के पानी का सेवन करना है या नहीं? असल में आरओ के पानी पीना का सेवन पूरी तरह से गलत भी नहीं है, खासकर तब जब पानी बहुत अधिक प्रदूषित हो। लेकिन आप जरूर चेक करें कि आपके इलाके का पानी पहले से ही साफ है या नहीं। अगर वह पीने लायक है तो आप उसे फिल्टर न करें। इससे भी बेहतर है कि आप मिनरल बैलेंस वाले फिल्टर या आरओ के साथ टीडीएस कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल करें, ताकि पानी शुद्ध भी रहे और जरूर पोषक भी समाप्त न हो।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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