
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 1, 2021 5:31 PM IST
रेगुलर हेल्थ चेकअप से खतरनाक स्वास्थ्य स्थितियों और जानलेवा बीमारियों का जल्दी पता लग जाता है।
कोरोना महामारी (Corona Pandemic) से पहले तक डॉक्टर खुद अपने मरीजों को साल में 1 या 2 बार अपना हेल्थ चेकअप कराने की सलाह देते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण ने हर किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक और गंभीर कर दिया है। कई अब कई लोगों के लिए हेल्थ प्राथमिक बन गया है। क्या खाना है और क्या नहीं, एक्सरसाइज, मेडिटेशन और अपने लाइफस्टाइल पर अब लोग नजर रखने लगे हैं, जो पहले नहीं रखते थे। इसके साथ ही अब लोग समय समय पर हेल्थ चेकअप (Regular Health Check-Ups) भी कराने लगे हैं। आखिर क्योंकि प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप इतने जरूरी हैं?
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर, महेश शाश्वत कहते हैं कि लोग अब न सिर्फ अपनी हेल्थ को लेकर सीरियस हो गए हैं बल्कि डॉक्टर की सलाह का भी काफी गंभीरता से पालन कर रहे हैं और रेगुलर हेल्थ चेकअप (Regular Health Check-Ups) करा रहे हैं। उन्होंने बातचीत में बताया "जिन लक्षणों को पहले लोग नजरअंदाज कर दिया करते थे उन्हें लेकर अब मरीज अस्पताल आ रहे हैं। कुछ मरीज को ऐसे लक्षण लेकर भी कंसल्ट करने आए हैं जिन्हें देखभाल कर घर पर ही सही किया जा सकता है। लेकिन अब लोग अपनी हेल्थ को लेकर रिस्क नहीं ले रहे हैं।" तो आइए इसी के साथ जानते हैं क्यों जरूरी है हेल्थ चेकअप और क्यों इसे रेगुलर (Regular Health Check-Ups) क्यों कराना चाहिए।
डॉक्टर्स कहते हैं कि रेगुलर हेल्थ चेकअप (Regular Health Check-Ups) से न सिर्फ किसी बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़कर उसका इलाज किया जा सकता है बल्कि यह किसी व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री को बताने में भी काफी मदद करती है। हेल्थ चेकअप (Health Check-Ups) के द्वारा डॉक्टर को मरीज का इलाज करने में अच्छी समझ मिलती है साथ ही इससे डॉक्टर मरीज की बॉडी और उसके मेटाबॉलिज्म को भी अच्छी तरह से समझ पाते हैं। इसके आधार पर डॉक्टर मरीज को दवाएं और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह देते हैं।
अगर आम आदमी की बात करें तो वो अपने बजट को लेकर बहुत सीरियस होता है। आम आदमी के रेगुलर हेल्थ चेकअप न कराने के पीछे उसका बजट एक कारण हो सकता है। कई बार लोग हेल्थ चेकअप के फायदे के बारे में जागरुक तो होते हैं लेकिन वो इसलिए इसे रेगुलर बेसिस पर नहीं करा पाते हैं क्योंकि वो उनके हेल्थ प्लान में शामिल नहीं होता है। दरअसल अधिकतर हेल्थ प्लान पैथोलॉजी टेस्ट (Pathology Tests) जैसे कि ब्लड और यूरिन टेस्ट (Blood and Urine Tests), हार्ट स्ट्रेस (Heart Stress), इमेजिन टेस्ट जैसे कि एक्स रे और अल्ट्रासाउंड (Imaging Tests like X-rays and ultrasounds), किडनी टेस्ट (Tests for Kidney), लिवर टेस्ट और लिवर फंक्शन (Liver and Liver Function आदि को शामिल नहीं करते हैं, ऐसे में लोग अलग से इन्हें कराने से कतराते हैं।
1. अपने बीमार होने का जोखिम बहुत कम हो जाता है
2. खतरनाक स्वास्थ्य स्थितियों और जानलेवा बीमारियों का जल्दी पता लग जाता है
3. बीमारी का पता लगने पर इलाज और उपचार में मदद मिलती है
4. मौजूदा स्थितियों की बारीकी से निगरानी करके जटिलताओं के जोखिम को सीमित किया जा सकता है
5. स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलती है
6. महंगी चिकित्सा सेवाओं से बचकर स्वास्थ्य देखभाल की लागत को कम किया जा सकता है
7. रेगुलर हेल्थ चेकअप (Regular Health Check-Ups) से डॉक्टर के साथ एक अच्छी बॉन्डिंग बन सकती है जो इलाज को आसान बनती है
8. नई चिकित्सा और तकनीक की जानकारी मिलती है।