
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr Kapil Kumar
मानसून में क्या न खाएं (Image Credit- ChatGPT)
जैसे ही बारिश आती है हम इस मौसम का मजा लेने के लिए कोई भी तरीका नहीं छोड़ते हैं, फिर चाहे वह बरसात में खूब नहाना हो या जी भरकर कुछ टेस्टी खाना हो। यह मौसम जितनी गर्मी से राहत लेकर आता है, उतना ही बैक्टीरिया, वायरस और फंगल इंफेक्शन के बढ़ने का खतरा भी बढ़ाता है। इस मौसम में नमी अधिक होने के कारण कई तरह के फूड्स जल्दी खराब हो जाते हैं। आपकी बेहतर हेल्थ के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर कपिल कुमार कुसरिवाल से बात की।
उन्होंने बताया कि इन्हीं खराब फूड्स और गलत चीजों को खाने से फूड पॉइजनिंग होती है। यह डायरिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए इस मौसम में सिर्फ क्या खाना है, इस पर तो ध्यान दें ही, लेकिन उससे भी ज्यादा इस बात पर ध्यान दें कि आपको इस मौसम में क्या नहीं खाना और पीना है। अगर आप मानसून में अपनी और परिवार की सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं तो डॉक्टर की बताई इन 4 चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर साबित हो सकता है।
कई बार हम बाजार से कटे हुए फल खरीदकर खाते हैं या उन्हें घर लाकर किचन या फ्रिज में रख देते हैं। यह सोचकर की कुछ समय बाद या फिर शाम को खा लेंगे। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि बरसात के इस मौसम में सड़क किनारे या बाजार में मिलने वाले पहले से कटे हुए फल न खाएं। खुले में रखे फलों पर नमी और मक्खियां होती हैं और फिर वे बैक्टीरिया से दूषित हो सकते हैं। इन्हें खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।
मानसून में गर्मी और उमस भी बहुत होती है, जिससे बचने के लिए लोग रास्ते में आते-जाते सड़क किनारे मिलने वाले फलों के जूस, शरबत या दूसरे तरह की ड्रिंक्स पीते हैं। यह स्वाद में तो अच्छे होते हैं, लेकिन खुले में बनने के कारण इनसे इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर पानी या बर्फ साफ न हो, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया और वायरस आपके शरीर में पहुंच सकते हैं। बेहतर है कि आप घर का उबाला और ठंडा किया हुआ पानी या फिर फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
डॉक्टर बताते हैं कि कई लोग बाजार में पैक किए हुए स्प्राउंट्स खरीदते हैं और उन्हें चाट बनाकर खाते हैं। भले ही यह अंकुरित अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन बरसात में इन्हें कच्चा खाना सुरक्षित नहीं माना जाता है। नमी के कारण इनमें एस्चेरिचिया कोलाई और सैल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं। अगर आप स्प्राउट्स खाना ही चाहते हैं तो दालों को घर में ही हल्का उबालकर या भाप में पकाकर खाएं।
सर्दियों में हम बचे हुए खाने को स्टोर कर लेते हैं, लेकिन गर्मी या मानसून में लंबे समय तक बचे हुए खाने का सेवन नहीं करना चाहिए। डॉक्टर का कहना है कि बरसात में खाना जल्दी खराब हो सकता है। अगर आप फ्रिज में रख रहे हैं तो कुछ समय के लिए ठीक है लेकिन लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
डिस्क्लेमर: मानसून में सभी को अपने खानपान पर पूरा ध्यान देना चाहिए। थोड़ा भी गलत खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। थोड़ी-सी भी भूल फूड इंफेक्शन का कारण बन सकती है और आपको हॉस्पिटल पहुंचा सकती है। इसलिए ताजा खाएं और हेल्दी खाएं।