
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
आज के समय में खेल और फिटनेस लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बच्चे हों या युवा, महिलाएं हों या बुजुर्ग- सभी किसी न किसी रूप में खेल, जिम, योग या एक्सरसाइज से जुड़े हुए हैं। रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी जहां शरीर को स्वस्थ बनाती है, वहीं गलत तरीके से की गई एक्सरसाइज या अत्यधिक अभ्यास कई बार चोट का कारण बन जाती है। इसी तरह की चोटों को स्पोर्ट्स इंजरी कहा जाता है।
स्पोर्ट्स इंजरी न केवल खिलाड़ियों को प्रभावित करती है, बल्कि आम लोगों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। समय पर सही इलाज न मिलने पर यह चोट गंभीर रूप ले सकती है और लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि स्पोर्ट्स इंजरी क्या होती है, इसके लक्षण क्या हैं, इसके कारण कौन-से हैं और इसका सही इलाज कैसे किया जाता है।
आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुगंध अहलूवालिया बताते हैं कि स्पोर्ट्स इंजरी वह चोट होती है, जो खेल, व्यायाम या किसी भी शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर के किसी हिस्से में लग जाती है। यह चोट मांसपेशियों, हड्डियों, जोड़ों, लिगामेंट्स या टेंडन में हो सकती है। जब कोई व्यक्ति बिना सही वार्म-अप के खेलता है, गलत तकनीक अपनाता है या शरीर की क्षमता से अधिक मेहनत करता है, तो स्पोर्ट्स इंजरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
एक्यूट इंजरी (अचानक लगने वाली चोट)
क्रॉनिक इंजरी (धीरे-धीरे बढ़ने वाली चोट)
स्पोर्ट्स इंजरी के लक्षण
स्पोर्ट्स इंजरी के लक्षण चोट की गंभीरता पर निर्भर करते हैं। कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
चोट वाले स्थान पर दर्द
सूजन या सूज जाना
लालिमा या गर्माहट
चलने-फिरने में परेशानी
अकड़न
कमजोरी महसूस होना
सुगंध अहलूवालिया कहती हैं कि अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण लंबे समय तक बनें रहते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से बात करके अपना इलाज करवाना चाहिए।
डॉ. आशीष चंद्रा, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बताते हैं कि किसी प्रकार की स्पोर्ट्स इंजरी से बचाव पूरी तरह संभव है। स्पोर्ट्स इंजरी से बचाव के लिए आप नीचे बताए गए तरीकों को अपना सकते हैं।
सही वार्म-अप करें- कोई भी गेम या एक्सरसाइज शुरू करने से पहले 10-15 मिनट वार्म-अप जरूर करें।
स्ट्रेचिंग करें- एक्सरसाइज से पहले और बाद में स्ट्रेचिंग जरूरी है। स्ट्रेचिंग करने से शरीर को एक्सरसाइज के लिए तैयार करने में मदद मिलती है।
सही तकनीक सीखें- कोच या ट्रेनर से सही तकनीक सीखें। ताकि स्पोर्ट्स इंजरी की संभावना को कम किया जा सके।
डॉ. आशीष चंद्रा कहते हैं कि जिस तरह से लोगों में फिटनेस को लेकर जागरूकता आ रही है। लेकिन इसके लिए की जाने वाली एक्सरसाइज के दौरान होने वाली स्पोर्ट्स इंजरी को नजरअंदाज किया जाए, तो वह गंभीर समस्या बन सकती है।