लॉन्ग कोविड का सबसे खतरनाक लक्षण! खुद को शीशे में नहीं पहचान पा रहे लोग, मां-बाप का चेहरा भी भूले

face Blindness : कोविड का शिकार हुई एक 28 साल की लड़की को कोविड की शुरुआत में इंफेक्शन हुआ था, जो अपने पिता के चेहरे को भी भूल गई। जानें क्या हुआ।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : March 16, 2023 6:48 PM IST

face Blindness : कोविड-19 को भले ही तीन साल का लंबा वक्त बीत चुका हो और लोग इसके खतरे से अच्छी तरह वाकिफ हों लेकिन एक चीज है, जिससे आप अभी भी वाकिफ नहीं हैं। दरअसल कोविड का शिकार हुई एक 28 साल की लड़की को कोविड की शुरुआत में इंफेक्शन हुआ था। इस दौरान उसे बुखार, सांस लेने में परेशानी के साथ-साथ स्वाद व गंध महसूस होने की शक्ति भी चली गई। हालांकि कुछ वक्त उसने ठीक होकर घर से काम करना शुरू किया लेकिन परेशानी तब पैदा हुई जब उसको अपने पिता का ही चेहरा नहीं पहचान पाने की दिक्कत हुई। लड़की का कहना था कि मेरे पिता की आवाज किसी अनजान व्यक्ति से आ रही थी। चेहरा न पहचान पाने की ये परेशानी से शायद आप वाकिफ न हो लेकिन इसका मेडिकल साइंस में एक अलग ही पहचान है। आइए जानते हैं कौन सी है ये बीमारी और कैसे कर सकते हैं इसे ठीक।

क्या है फेस ब्लाइंडनेस

प्रोसोपैगनोसिया, जिसे आम भाषा में फेस ब्लाइंडनेंस भी कहते हैं, एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आप लोगों का चेहरा पहचान नहीं रख पाते हैं या फिर याद नहीं रख पाते हैं। इस बीमारी में आपको चेहरे का थोड़ा सा हिस्सा दिखाई देता है और सभी चेहरे एक जैसेनजर आते हैं। जिन लोगों को ऑटिज्म होता है, उन्हें ये बीमारी होने का खतरा आम लोगों के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा होता है।

क्या कोविड है वजह

अभी तक ये साफ नहीं है कि कोविड होने के बाद लोगों को ये परेशानी ज्यादा हुई या नहीं। ये लड़की उन 50 से ज्यादा लोगों में शामिल थी, जिन्होंने इंफेक्शन के बाद चेहरा न पहचान पाने की शिकायत की थी। डार्टमाउथ कॉलेज के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को किया और पाया कि बहुत से लोग हैं, जिन्हें लॉन्ग कोविड की वजह से चेहरा पहचान पाने में दिक्कत हुई।

खुद को पहचानने में दिक्कत

इस बीमारी की गंभीर स्थिति में कुछ लोग खुद को भी पहचान नहीं पाते हैं और शीशे में खुद से ही माफी मांगना शुरू कर देते हैं। कुछ लोग टोपी या फिर स्कार्फ पहनने के बाद अपने करीबियों तक को नहीं पहचान पाते हैं। बहुत से लोग टीवी पर नाटक या फिर फिल्म के किरदार को खुद सा समझकर उसी की तरह हरकतें करने लगते हैं।

फेस ब्लाइंडनेस से जुड़ी परेशानियां

बोस्टन एटेंशन एंड लर्निंग लैब के डॉक्टर जोसेफ डीग्यूटिस का कहना है कि इस बीमारी की वजह से सामाजिक दिक्कतें भी होने लगती है। दरअसल जब आप लोगों को पहचानते हैं तो वह आपके लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं लेकिन जिन लोगों को ये परेशानी हो जाती है तो समाज में उसका उलट संदेश जाता है।

कैसे किया जाता है उपचार?​

साइकोलॉजिक्ल एंड ब्रेन साइंस के प्रोफेसर ब्रैड डुचेन का कहना है कि आप प्रैक्टिस की मदद से चेहरे को पहचानने की क्षमता को बेहतर बना सकते हैं। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है और न ही ऐसा कर पाना बहुत आसान है। सिर्फ और सिर्फ प्रैक्टिस की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है।

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