हाथों की पकड़ कमजोर होना इन 7 बीमारियों के हैं संकेत, जानिए क्यों कम होने लगती है हाथों की ताकत

आपके हाथों की पकड़ आपकी सेहत का रिपोर्ट कार्ड है। यह पकड़ न सिर्फ आपकी बढ़ती उम्र की ओर इशारा करती है, बल्कि यह डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी और लीवर की कई बीमारियों का संकेत भी देती है।

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Written By: Atul Modi | Published : February 1, 2024 6:21 PM IST

हमारा शरीर एक ऐसी मशीन है, जिसका हर एक अंग दूसरे से जुड़ा है और एक दूसरे का सपोर्ट करता है। इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है हाथ। आपके हाथों की पकड़ आपकी सेहत का रिपोर्ट कार्ड है। यह पकड़ न सिर्फ आपकी बढ़ती उम्र की ओर इशारा करती है, बल्कि यह डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी और लीवर की कई बीमारियों का संकेत भी देती है। हाथों की कमजोरी कार्पल टनल सिंड्रोम, हर्नियेटेड सर्वाइकल डिस्क, ऑस्टियोआर्थराइटिस और न्यूरोपैथी जैसी स्थितियों को भी बताती हैं। ऐसे में अपने हाथों की पकड़ पर ​ध्यान देना जरूरी है। चलिए जानते हैं क्या कुछ कहती है हाथों की ताकत।

स्ट्रोक का खतरा

कभी कभी थकान के कारण या तनाव के कारण भी हाथों की पकड़ कमजोर हो जाती है। लेकिन अगर आपको बिना किसी काम के अचानक से हाथों की पकड़ कमजोर महसूस हो रही है तो यह गंभीर स्थिति है। यह स्थिति स्ट्रोक आने की आशंका जताती है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

कार्पल टनल सिंड्रोम

कार्पल टनल सिंड्रोम को मीडियन नर्व कम्प्रेशन के रूप में भी जाना जाता है। इसमें सुन्नता, झनझनाहट और दर्द के साथ हाथों की पकड़ कमजोर होती है। यह स्थिति तब होती है, जब आप लगातार एक ही काम को कई घंटों करते हैं। जैसे मशीन चलाना, गाड़ी चलाना, टाइपिंग आदि। इस सिंड्रोम में कलाई में सूजन भी आ सकती है।

डायबिटीज

हाथ की कमजोर पकड़ इंसुलिन प्रतिरोध के कारण शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में बताती है। इसका सीधा मतलब टाइप 2 डायबिटीज होने के खतरे की ओर इशारा है। डायबिटीज न्यूरोपैथी का एक आम कारण है। पेरिफरल न्यूरोपैथी आमतौर पर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों में होती है। यह स्थिति मुख्य रूप से हाथों और पैरों को प्रभावित करती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस

हाथों का ऑस्टियोआर्थराइटिस होने की शुरुआत के साथ ही आपके हाथों की पकड़ भी कमजोर होने लगती है। इस ऑस्टियोआर्थराइटिस में आपकी अंगुलियों के जोड़ सख्त होने लगते हैं और इनमें सूजन आने लगती है। इन्हें हेबर्डन नोड्स या बुचार्ड नोड्स कहते हैं। 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र में महिलाओं में यह आम बात है।

हार्ट डिजीज

विभिन्न शोध बताते हैं कि हाथों की पकड़ आपके दिल की सेहत के हाल बताती है। दरअसल, खराब परिसंचरण का असर दिल के साथ ही हाथों की नसों पर भी पड़ता है, जिससे पकड़ कमजोर होती है। ऐसे में इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

कमजोर मेटाबॉलिज्म

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर का पूरा सिस्टम एक दूसरे से जुड़ा है। अगर हाथों की पकड़ में कमजोरी महसूस होती है तो यह खराब मेटाबॉलिज्म की ओर इशारा करता है। इसके कारण आप कई अन्य बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

पोषण की कमी

शरीर में कमजोरी का सीधा अर्थ यह भी है कि आप में पोषण की कमी है। पर्याप्त पोषण नहीं मिलने के कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और आपके हाथों की ग्रिप नहीं बन पाती है। ऐसे में अपने आहार पर पूरा ध्यान दें।

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