ठंड आ रही है! बढ़ सकता है दिल से जुड़ी इन 5 बीमारियों का खतरा!

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 29, 2018 1:06 PM IST

ठंड का मौसम हमारी सेहत को भी प्रभावित करता है। इस मौसम में तापमान में बदलाव के कारण फ्लू और अस्थमा से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं तो वहीं सर्दियों में हार्ट का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में सही जानकारी और समय पर लिए गए कदम आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं ठंड के मौसम में किन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और उनसे बचाव के उपाय क्या हो सकते हैं।

  1. श्वसन मार्ग में सिकुड़न – शरीर का तापमान गिरने पर धमनियां और नसें अकड़ या सिकुड़ जाती हैं। इससे दिल तक ऑक्सीजन का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ज़ाहिर तौर पर, दिल की सेहत के लिए ये अच्छा नहीं है।
  2. विटामिन डी की कमी – विटामिन डी की कमी से दिल का दौरा, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, पेरिफेरल आर्टेरिअल डिज़ीज, दिल की समस्याओं से जुड़ी बीमारियां जैसे ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ का जोखिम बढ़ जाता है। सर्दियों में धूप की कमी से विटामिन डी भी कम मिलता है, जिससे दिल ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता।
  3. कॉलेस्ट्रॉल लेवल में परिवर्तन – दिल के मरीजों के लिए कॉलेस्ट्रॉल हमेशा चिंता का विषय रहता है। मौसम बदलने पर कॉलेस्ट्रॉल लेवल में हमेशा परिवर्तन आता है, इसलिए सर्दियों के महीने में भी लोगों का कॉलेस्ट्रॉल बढ़कर दिल की बीमारियों का जोमिख पैदा कर देता है। अधिक एलडीएल कॉलेस्ट्रॉल से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
  4. हाइपोथर्मिया – सर्दियों में हम भले ही खुद को गर्म कपड़ों से ढंककर रखें लेकिन शरीर का तापमान अचानक गिर जाने यानी हाइपोथर्मिया का जोखिम रहता ही है। अगर दिल के मरीज़ ठीक तरीके से खुद को ठंड से न बचाएं तो उनके लिए जान का खतरा तक पैदा हो सकता है। कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ होने पर मरीज़ को ठंड के कारण छाती में दर्द की शिकायत भी होती है।
  5. दिल पर बढ़ा हुआ बोझ – हम इस बात का एहसास नहीं करते लेकिन सर्दियों के मौसम में दिल आम दिनों से ज्यादा मेहनत करता है। उसे शरीर के बाहरी अंगों तक खून पहुंचाने के लिए अधिक पंप करना पड़ता है। ये भी एक बड़ा कारण है, सर्दियों में अधिक ब्लड प्रेशर बढ़ने का। इस वजह से हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
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