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कुछ लोग सर्दी-जुकाम, बुखार या कई अन्य शारीरिक समस्याओं से अक्सर परेशान रहते हैं, लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा नहीं होता। आखिर इसकी वजह क्या है, क्या कभी आपने सोचा है? दरअसल, किसी व्यक्ति का बीमार होना उसकी बीमारियों से निपटने की शरीर की ताकत पर निर्भर करता है, जिसे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) कहते हैं। शरीर के अंदर मौजूद रक्षा प्रणाली (Ways to Boost Immunity) जितनी मजबूत होगी, बीमारियां या रोगाणुएं आपको छू भी नहीं पाएंगी। जैसे ही यह कमजोर (Ways to Boost Immunity) होती है, बाहरी रोगवाहक जैसे बैक्टीरिया, वायरस या फंगस का शरीर पर असर जल्दी होता है।
इम्यून सिस्टम (What is immune system) कई तरह के बैक्टीरियल व फंगल संक्रमण और वाइरस से लड़कर शरीर को बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। दरअसल, शरीर में प्रवेश करने वाले जीवाणुओं के घुलने से प्रोटीन उत्पन्न होता है। खून में इस प्रोटीन को नष्ट करने की क्षमता होती है। हालांकि, यह क्षमता कुछ सीमा तक प्राकृतिक होती है, जिसे खानपान और व्यायाम के जरिए विकसित किया जा सकता है। यही क्षमता या ताकत बैक्टीरिया और वाइरस को शरीर में प्रवेश करने से रोकती है, जिसे स्पेसिफिक इम्यूनिटी कहते हैं।
शोध कहता है कि इम्यून सिस्टम का बढ़ती उम्र के साथ भी गहरा ताल्लुक है। शोधकर्ताओं का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता की कार्य प्रणाली में कमी आने लगती है, जिससे संक्रमण, इंफ्लेमेटरी डिजीज और कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। प्रतिरक्षा प्रणाली में होने वाली खराबी को इम्युनोडेफिशिएंसी कहते हैं, जो आनुवांशिक रोग या दवाओं या संक्रमण के असर से भी हो सकता है। यदि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है, तो एड्स और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां आपको छू भी नहीं सकतीं।
प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) कोशिकाओं, ऊतकों और अणुओं से मिलकर बना होता है। यह (How immune system works) विषाणुओं से लेकर परजीवी जैसे विभिन्न प्रकार के रोगवाहकों की पहचान करने में सक्षम होती है, ताकि यह रोगवाहक शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों को कमजोर या नष्ट न करें और शरीर सुचारू रूप से काम करे। इन बाहरी रोगजनकों की पहचान करना प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए मुश्किल होता है, क्योंकि बीमारी फैलाने वाले यह कारक खुद को हमारे शरीर के मुताबिक बहुत तेजी से ढाल लेते हैं और आसानी से बच जाते हैं।
- धूम्रपान और तनाव से बचें (Ways to Boost Immunity)।
- फल, सब्जी, साबुत अनाज और लो सैचुरेटेड फैट युक्त भोजन अधिक करें।
- प्रतिदिन व्यायाम करें (Exercise boosts immunity)।
- वजन पर रखें नियंत्रण।
- पर्याप्त नींद लें (Sleep proper to boost immunity) ।
- किसी भी संक्रमण से बचने के लिए हाथों को बार-बार धोएं और मीट-मछली को अच्छी तरह से पका कर खाएं।